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बारिश में नहीं निकले खरीदार, रुक गया 250 करोड़ का कारोबार
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बारिश में नहीं निकले खरीदार, रुक गया 250 करोड़ का कारोबार
गाजियाबाद। बारिश का बाजार पर व्यापक असर पड़ा। खरीदार घर से नहीं निकले। बाजारों में जलभराव रहा। इसका असर यह हुआ कि करीब 250 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। कई दुकानदारों की तो बोहनी तक नहीं हुई। बारिश में वह टकटकी लगाए बैठे रहे।
प्रमुख बाजारों में नवयुग मार्केट, अंबेडकर रोड, घंटाघर, तुराबनगर, मालीवाड़ा, रमतेराम रोड, गांधीनगर, दिल्ली गेट, डासना गेट, बजरिया में बारिश से दिन भर जलभराव रहा। रमतेराम रोड में भी यही हालात दिखे और फर्नीचर व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह से ठप रहा। बारिश के चलते लकड़ी के फर्नीचर की डिमांड बाजार में नहीं मिली। इसी तरह से तुराबनगर, घंटाघर, गांधीनगर में परिधानों की बिक्री 70 फीसदी तक प्रभावित हुई।
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इन ट्रेड में हुआ नुकसान :
फर्नीचर :
रमतेराम रोड पर जिले का सबसे बड़ा फर्नीचर बाजार है। प्रतिदिन बाजार में पांच से छह करोड़ का कारोबार होता है। बारिश की वजह से दिन भर बाजार में बेहद कम ग्राहक रहे।
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सराफा : जिले में अंबेडकर रोड, नवयुग मार्केट और घंटाघर में सराफा की दुकानें हैं। कारोबारियों के मुताबिक जिले में 80 करोड़ का कारोबार प्रतिदिन होता है।
वस्त्र : गांधीनगर, तुराबनगर, दिल्ली गेट, डासना गेट, घंटाघर सहित जिले भर के बाजारों में बारिश से वस्त्र और रेडीमेड गारमेंट का 40 करोड़ तक का व्यापार प्रभावित हुआ।
किराना : किराना मंडी सहित अन्य प्रमुख बाजारों में किराना कारोबारियों को 55 करोड़ रुपये का नुकसान बारिश से हुआ।
इलेक्ट्रोनिक्स : नवयुग मार्केट में इलेक्ट्रोनिक्स की दुकानों पर दिन भर ग्राहक नहीं पहुंचे। कारोबारियाें का कहना है कि इलेक्ट्रोनिक्स और मोबाइल ट्रेड में एक दिन में 70 करोड़ तक का कारोबार होता है।
प्राकृतिक आपदाओं से बाजार जूझ रहे हैं। पहले कोरोना और अब बारिश से बाजारों में ग्राहक नहीं है। अगर प्रमुख ट्रेडों की बात की जाए तो एक दिन में 250 करोड़ से अधिक का नुकसान बाजाराें को हुआ है।
- तिलकराज अरोड़ा, प्रदेश महामंत्री
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल
बाजारों में जलभराव की समस्या विकट है। नगर निगम के अधिकारी इस पर ध्यान दें तो बाजारों में बारिश के बाद होने वाले जलभराव को खत्म किया जा सकता है। इससे कारोबार भी कम प्रभावित होगा और बाजारों में स्वच्छता रहेगी।
- रवि कुमार, महामंत्री
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल
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गाजियाबाद। बारिश का बाजार पर व्यापक असर पड़ा। खरीदार घर से नहीं निकले। बाजारों में जलभराव रहा। इसका असर यह हुआ कि करीब 250 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। कई दुकानदारों की तो बोहनी तक नहीं हुई। बारिश में वह टकटकी लगाए बैठे रहे।
प्रमुख बाजारों में नवयुग मार्केट, अंबेडकर रोड, घंटाघर, तुराबनगर, मालीवाड़ा, रमतेराम रोड, गांधीनगर, दिल्ली गेट, डासना गेट, बजरिया में बारिश से दिन भर जलभराव रहा। रमतेराम रोड में भी यही हालात दिखे और फर्नीचर व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह से ठप रहा। बारिश के चलते लकड़ी के फर्नीचर की डिमांड बाजार में नहीं मिली। इसी तरह से तुराबनगर, घंटाघर, गांधीनगर में परिधानों की बिक्री 70 फीसदी तक प्रभावित हुई।
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इन ट्रेड में हुआ नुकसान :
फर्नीचर :
रमतेराम रोड पर जिले का सबसे बड़ा फर्नीचर बाजार है। प्रतिदिन बाजार में पांच से छह करोड़ का कारोबार होता है। बारिश की वजह से दिन भर बाजार में बेहद कम ग्राहक रहे।
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सराफा : जिले में अंबेडकर रोड, नवयुग मार्केट और घंटाघर में सराफा की दुकानें हैं। कारोबारियों के मुताबिक जिले में 80 करोड़ का कारोबार प्रतिदिन होता है।
वस्त्र : गांधीनगर, तुराबनगर, दिल्ली गेट, डासना गेट, घंटाघर सहित जिले भर के बाजारों में बारिश से वस्त्र और रेडीमेड गारमेंट का 40 करोड़ तक का व्यापार प्रभावित हुआ।
किराना : किराना मंडी सहित अन्य प्रमुख बाजारों में किराना कारोबारियों को 55 करोड़ रुपये का नुकसान बारिश से हुआ।
इलेक्ट्रोनिक्स : नवयुग मार्केट में इलेक्ट्रोनिक्स की दुकानों पर दिन भर ग्राहक नहीं पहुंचे। कारोबारियाें का कहना है कि इलेक्ट्रोनिक्स और मोबाइल ट्रेड में एक दिन में 70 करोड़ तक का कारोबार होता है।
प्राकृतिक आपदाओं से बाजार जूझ रहे हैं। पहले कोरोना और अब बारिश से बाजारों में ग्राहक नहीं है। अगर प्रमुख ट्रेडों की बात की जाए तो एक दिन में 250 करोड़ से अधिक का नुकसान बाजाराें को हुआ है।
- तिलकराज अरोड़ा, प्रदेश महामंत्री
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल
बाजारों में जलभराव की समस्या विकट है। नगर निगम के अधिकारी इस पर ध्यान दें तो बाजारों में बारिश के बाद होने वाले जलभराव को खत्म किया जा सकता है। इससे कारोबार भी कम प्रभावित होगा और बाजारों में स्वच्छता रहेगी।
- रवि कुमार, महामंत्री
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल
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