{"_id":"6137be7c8ebc3ea80a3d1319","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd225490824","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी दस्तावेजों पर डूडा ने दे दिया अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी दस्तावेजों पर डूडा ने दे दिया अनुदान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी दस्तावेजों पर डूडा ने पीएम आवास योजना में दे दिया अनुदान
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। डूडा ने फर्जी दस्तावेजों पर तीन लोगों को ढाई-ढाई लाख रुपये की रकम अनुदान के रूप में दे दी। इनमें से दो आवेदकों की आमदनी निर्धारित मानकों से ज्यादा हैं, जबकि दो ने अपना प्लाट बेचने के बाद उसके फर्जी दस्तावेजों को दिखाकर सरकारी पैसा अनुदान के रूप में ले लिया है। शिकायत पर अब डूडा ने एक मामले में आवेदकों का सत्यापन करने वाली फर्म को नोटिस जारी कर दिया है। दूसरे की जांच की जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सालाना तीन लाख से कम आमदनी वाले परिवारों को सरकार की ओर से पक्का मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। भाजपा पार्षद सुरेंद्र नागर का आरोप है कि मिर्जापुर अंजू और सरोज नाम की दो महिलाओं ने आमदनी छुपाकर इस योजना में ढाई-ढाई लाख रुपये का अनुदान ले लिया है। उनका कहना है कि सरोज नाम की महिला के पति का अपना स्कूल भी है। उनका कहना है कि करीब 10 माह पहले उन्होंने डूडा के तत्कालीन परियोजना अधिकारी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने मामला दबा दिया और जांच नहीं कराई। मंगलवार को उन्होंने डूडा अधिकारी से शिकायत की है। दूसरी ओर सपा पार्षद आसिफ खान का कहना है कि मिर्जापुर निवासी यामीन ने 133 वर्ग गज के उस प्लॉट के कागजात पर अनुदान की रकम डूडा से ले ली है, जिसको वह दो हिस्सों में पहले ही बेच चुका है। उन्होंने आरोप है कि सर्वे करने वाले कर्मचारी ने किसी दूसरे मकान का जियो टैग फोटो फाइल में लगा दी है।
----
जिसने गड़बड़ की, उसी पर छोड़ दी कार्रवाई की जिम्मेदारी
डूडा के परियोजना अधिकारी ने मिर्जापुर में प्लॉट बेचने के बाद भी अनुदान लेने के मामले में रूद्राभिषेक इंटरप्राइजेज प्रा. लि. नाम की उसी फर्म पर कार्रवाई की जिम्मेदारी छोड़ दी, जिसने गड़बड़ी की है। आवेदन पत्रों के सत्यापन और जियो टैगिंग की जिम्मेदारी इसी फर्म को दी गई है। इसी फर्म के कर्मचारियों पर पैसा लेकर गड़बड़ी करने का आरोप है।
विज्ञापन
-------
अधिकारी बोले
तीनों मामले में शिकायत मिली हैं। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। फर्जीवाड़ा करके अनुदान की रकम ली गई होगी तो उनसे रकम की रिकवरी कराकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - संजय पथेरिया, परियोजना अधिकारी, डूडा
विज्ञापन
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। डूडा ने फर्जी दस्तावेजों पर तीन लोगों को ढाई-ढाई लाख रुपये की रकम अनुदान के रूप में दे दी। इनमें से दो आवेदकों की आमदनी निर्धारित मानकों से ज्यादा हैं, जबकि दो ने अपना प्लाट बेचने के बाद उसके फर्जी दस्तावेजों को दिखाकर सरकारी पैसा अनुदान के रूप में ले लिया है। शिकायत पर अब डूडा ने एक मामले में आवेदकों का सत्यापन करने वाली फर्म को नोटिस जारी कर दिया है। दूसरे की जांच की जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सालाना तीन लाख से कम आमदनी वाले परिवारों को सरकार की ओर से पक्का मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। भाजपा पार्षद सुरेंद्र नागर का आरोप है कि मिर्जापुर अंजू और सरोज नाम की दो महिलाओं ने आमदनी छुपाकर इस योजना में ढाई-ढाई लाख रुपये का अनुदान ले लिया है। उनका कहना है कि सरोज नाम की महिला के पति का अपना स्कूल भी है। उनका कहना है कि करीब 10 माह पहले उन्होंने डूडा के तत्कालीन परियोजना अधिकारी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने मामला दबा दिया और जांच नहीं कराई। मंगलवार को उन्होंने डूडा अधिकारी से शिकायत की है। दूसरी ओर सपा पार्षद आसिफ खान का कहना है कि मिर्जापुर निवासी यामीन ने 133 वर्ग गज के उस प्लॉट के कागजात पर अनुदान की रकम डूडा से ले ली है, जिसको वह दो हिस्सों में पहले ही बेच चुका है। उन्होंने आरोप है कि सर्वे करने वाले कर्मचारी ने किसी दूसरे मकान का जियो टैग फोटो फाइल में लगा दी है।
विज्ञापन
----
जिसने गड़बड़ की, उसी पर छोड़ दी कार्रवाई की जिम्मेदारी
डूडा के परियोजना अधिकारी ने मिर्जापुर में प्लॉट बेचने के बाद भी अनुदान लेने के मामले में रूद्राभिषेक इंटरप्राइजेज प्रा. लि. नाम की उसी फर्म पर कार्रवाई की जिम्मेदारी छोड़ दी, जिसने गड़बड़ी की है। आवेदन पत्रों के सत्यापन और जियो टैगिंग की जिम्मेदारी इसी फर्म को दी गई है। इसी फर्म के कर्मचारियों पर पैसा लेकर गड़बड़ी करने का आरोप है।
विज्ञापन
-------
अधिकारी बोले
तीनों मामले में शिकायत मिली हैं। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। फर्जीवाड़ा करके अनुदान की रकम ली गई होगी तो उनसे रकम की रिकवरी कराकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - संजय पथेरिया, परियोजना अधिकारी, डूडा