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स्कूल में नौनिहालों को मच्छरों से खतरा
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स्कूल में नौनिहालों को मच्छरों से खतरा
गाजियाबाद। परिषदीय स्कूलों में नौनिहालों पर मच्छरों का खतरा मंडरा रहा है। बारिश का पानी स्कूलों में जमा है। गंदगी ने भी घेर रखा है। डेंगू और वायरल बुखार ने परेशान कर रखा है। स्कूलों में फॉगिंग और एंटी लार्वा की कहीं कोई व्यवस्था नहीं है। यहां तक की बुखार चेक करने और इलाज के भी इंतजाम नहीं हैं।
सीन-1
प्राथमिक विद्यालय पटेल नगर में 230 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां विद्यालय के मैदान में पानी भरा हुआ है। बिना बारिश के भी यहां लोगों के घरों का पानी भर जाता है। लोग अपने घरों का कूड़ा भी स्कूल के मैदान में फेंक देते हैं, जिससे स्कूल में मच्छर पनप रहे हैं।
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सीन-2
प्राथमिक विद्यालय सराय पुख्ता के मुख्यद्वार पर बकरी बंधी रहती हैं। गेट के सामने ही नाले की कीचड़ और पूरे मोहल्ले का कूड़ा डाल दिया गया है। यहां बच्चों को पढ़ाई में भी दिक्कत हो रही है। इतना ही नहीं बरसात के मौसम में भी बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
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सीन-3
प्राथमिक विद्यालय राहुल विहार में स्कूल में जलभराव की समस्या है। स्कूल केसामने का रास्ता भी कच्चा है, जिसमें पानी भरा हुआ है। कीचड़ से निकलकर बच्चे स्कूल तक पहुंचते हैं। विद्यालय परिसर में की स्थिति खराब है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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सीन-4
कंपोजिट विद्यालय लठमार कॉलोनी विजयनगर में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी कई दिनों तक विद्यालय परिसर में भरा रहता है। स्कूल की बिल्डिंग में भी दरार पड़ी हुई हैं। लिंटर की परतें छूटकर गिर रही हैं, जिससे बच्चे कभी भी घायल हो सकते हैं।
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बच्चों को स्कूल भेजने में लगता है डर
सरकारी स्कूलों में अब बच्चों को भेजने में भी डर लगता है। स्कूलों के अंदर और बाहर गंदगी रहती है। पहले से ही कोरोना का डर है। अब डेंगू और वायरल चल रहा है। शिक्षा विभाग को स्कूलों की स्थिति को सुधार चाहिए।
सरताज, अभिभावक
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नहीं होती सुनवाई
हमारे परिवार के बच्चे स्कूलों में जाते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्कूलों में गंदगी और जलभराव की समस्या को लेकर शिकायत की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। जलभराव से मच्छर पनपते हैं, जिससे संक्रमण रोग फैलने का डर बना रहता है।
मोहम्मद सोहेब, अधिवक्ता
जिम्मेदारों का जवाब
डेंगू की रोकथाम के लिए प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में सफाई पर विशेष जोर देने का आदेश दिया है। बच्चों को भी जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है। स्कूलों में छिड़काव के लिए संबंधित पार्षद और ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधानों से निवेदन किया है। स्कूलों से जल निकासी कराने को प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं।
बृजभूषण चौधरी, बीएसए
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गाजियाबाद। परिषदीय स्कूलों में नौनिहालों पर मच्छरों का खतरा मंडरा रहा है। बारिश का पानी स्कूलों में जमा है। गंदगी ने भी घेर रखा है। डेंगू और वायरल बुखार ने परेशान कर रखा है। स्कूलों में फॉगिंग और एंटी लार्वा की कहीं कोई व्यवस्था नहीं है। यहां तक की बुखार चेक करने और इलाज के भी इंतजाम नहीं हैं।
सीन-1
प्राथमिक विद्यालय पटेल नगर में 230 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां विद्यालय के मैदान में पानी भरा हुआ है। बिना बारिश के भी यहां लोगों के घरों का पानी भर जाता है। लोग अपने घरों का कूड़ा भी स्कूल के मैदान में फेंक देते हैं, जिससे स्कूल में मच्छर पनप रहे हैं।
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सीन-2
प्राथमिक विद्यालय सराय पुख्ता के मुख्यद्वार पर बकरी बंधी रहती हैं। गेट के सामने ही नाले की कीचड़ और पूरे मोहल्ले का कूड़ा डाल दिया गया है। यहां बच्चों को पढ़ाई में भी दिक्कत हो रही है। इतना ही नहीं बरसात के मौसम में भी बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
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सीन-3
प्राथमिक विद्यालय राहुल विहार में स्कूल में जलभराव की समस्या है। स्कूल केसामने का रास्ता भी कच्चा है, जिसमें पानी भरा हुआ है। कीचड़ से निकलकर बच्चे स्कूल तक पहुंचते हैं। विद्यालय परिसर में की स्थिति खराब है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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सीन-4
कंपोजिट विद्यालय लठमार कॉलोनी विजयनगर में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी कई दिनों तक विद्यालय परिसर में भरा रहता है। स्कूल की बिल्डिंग में भी दरार पड़ी हुई हैं। लिंटर की परतें छूटकर गिर रही हैं, जिससे बच्चे कभी भी घायल हो सकते हैं।
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बच्चों को स्कूल भेजने में लगता है डर
सरकारी स्कूलों में अब बच्चों को भेजने में भी डर लगता है। स्कूलों के अंदर और बाहर गंदगी रहती है। पहले से ही कोरोना का डर है। अब डेंगू और वायरल चल रहा है। शिक्षा विभाग को स्कूलों की स्थिति को सुधार चाहिए।
सरताज, अभिभावक
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नहीं होती सुनवाई
हमारे परिवार के बच्चे स्कूलों में जाते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्कूलों में गंदगी और जलभराव की समस्या को लेकर शिकायत की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। जलभराव से मच्छर पनपते हैं, जिससे संक्रमण रोग फैलने का डर बना रहता है।
मोहम्मद सोहेब, अधिवक्ता
जिम्मेदारों का जवाब
डेंगू की रोकथाम के लिए प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में सफाई पर विशेष जोर देने का आदेश दिया है। बच्चों को भी जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है। स्कूलों में छिड़काव के लिए संबंधित पार्षद और ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधानों से निवेदन किया है। स्कूलों से जल निकासी कराने को प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं।
बृजभूषण चौधरी, बीएसए