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कुछ और दिन कर पाएंगे बिना टोल डीएमई पर सफर
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कुछ और दिन कर पाएंगे बिना टोल डीएमई पर सफर
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर अभी कुछ दिन और वाहन चालक बिना टोल दिए सफर कर पाएंगे। एनएचएआई ने टोल लागू करने के लिए दरें तो तय कर दी हैं, लेकिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से अभी इस पर सहमति नहीं मिली है। ऐसे में 15 सितंबर से टोल लगने की संभावना है।
एनएचएआई ने अप्रैल 2021 में ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया था। इस पर टोल बूथ बनाकर टैक्स वसूलने का ट्रायल भी हो चुका है। एनएचएआई ने टोल टैक्स वसूलने के लिए प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेजा था। हालांकि अभी चिपियाना आरओबी का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से यहां आकर वाहन जाम में फंस जाते हैं। यहां एक्सप्रेसवे की लेन अभी चालू नहीं हो पाई हैं। इसके अलावा दिल्ली बॉर्डर पर एक्सप्रेसवे पर किसान धरने पर बैठे हैं और यहां भी ट्रैफिक बाधित हो जाता है। ऐसी स्थिति में टोल टैक्स वसूलने पर सहमति नहीं मिल पाई थी। एनएचएआई ने एक सितंबर से डीएमई पर टोल वसूली शुरू कराने की प्लानिंग की थी, लेकिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से अभी तक सहमति नहीं मिली है। ऐसे में इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालक कुछ दिन और बिना टोल टैक्स चुकाए मुफ्त में सफर कर सकेंगे।
दिल्ली से मेरठ के बीच देना पड़ सकता है 140 रुपये टोल
एनएचएआई की ओर से मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक, सराय काले खां दिल्ली से मेरठ के बीच तक का सफर करने वाले हल्के वाहन को 140 रुपये टोल टैक्स देना पड़ सकता है। भारी वाहनों के लिए यह शुल्क 225 रुपये तक हो सकता है। एनएचएआई ने प्रति किमी की न्यूनतम दर 1.65 रुपये और अधिकतम दर 2.35 रुपये प्रस्तावित की है। इसके औसत के आधार पर दूरी के हिसाब से टोल की दरें तय की गई हैं। इंदिरापुरम से मेरठ तक 95 रुपये, डूंडाहेड़ा से 75 रुपये, डासना से 60 रुपये, रसूलपुर सिकरोड से 45 रुपये और भोजपुर से मेरठ तक 20 रुपये टोल के रूप में चुकाने पड़ सकते हैं।
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अभी तारीख तय नहीं
डीएमई पर टोल टैक्स वसूलने की तारीख अभी तय नहीं है। टोल की दरों का प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेजा हुआ है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। मंत्रालय की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद प्रक्रिया को पूरा कर इसे लागू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर अभी कुछ दिन और वाहन चालक बिना टोल दिए सफर कर पाएंगे। एनएचएआई ने टोल लागू करने के लिए दरें तो तय कर दी हैं, लेकिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से अभी इस पर सहमति नहीं मिली है। ऐसे में 15 सितंबर से टोल लगने की संभावना है।
एनएचएआई ने अप्रैल 2021 में ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया था। इस पर टोल बूथ बनाकर टैक्स वसूलने का ट्रायल भी हो चुका है। एनएचएआई ने टोल टैक्स वसूलने के लिए प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेजा था। हालांकि अभी चिपियाना आरओबी का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से यहां आकर वाहन जाम में फंस जाते हैं। यहां एक्सप्रेसवे की लेन अभी चालू नहीं हो पाई हैं। इसके अलावा दिल्ली बॉर्डर पर एक्सप्रेसवे पर किसान धरने पर बैठे हैं और यहां भी ट्रैफिक बाधित हो जाता है। ऐसी स्थिति में टोल टैक्स वसूलने पर सहमति नहीं मिल पाई थी। एनएचएआई ने एक सितंबर से डीएमई पर टोल वसूली शुरू कराने की प्लानिंग की थी, लेकिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से अभी तक सहमति नहीं मिली है। ऐसे में इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालक कुछ दिन और बिना टोल टैक्स चुकाए मुफ्त में सफर कर सकेंगे।
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दिल्ली से मेरठ के बीच देना पड़ सकता है 140 रुपये टोल
एनएचएआई की ओर से मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक, सराय काले खां दिल्ली से मेरठ के बीच तक का सफर करने वाले हल्के वाहन को 140 रुपये टोल टैक्स देना पड़ सकता है। भारी वाहनों के लिए यह शुल्क 225 रुपये तक हो सकता है। एनएचएआई ने प्रति किमी की न्यूनतम दर 1.65 रुपये और अधिकतम दर 2.35 रुपये प्रस्तावित की है। इसके औसत के आधार पर दूरी के हिसाब से टोल की दरें तय की गई हैं। इंदिरापुरम से मेरठ तक 95 रुपये, डूंडाहेड़ा से 75 रुपये, डासना से 60 रुपये, रसूलपुर सिकरोड से 45 रुपये और भोजपुर से मेरठ तक 20 रुपये टोल के रूप में चुकाने पड़ सकते हैं।
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अभी तारीख तय नहीं
डीएमई पर टोल टैक्स वसूलने की तारीख अभी तय नहीं है। टोल की दरों का प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेजा हुआ है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। मंत्रालय की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद प्रक्रिया को पूरा कर इसे लागू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई