{"_id":"611814348ebc3ee08365dbe9","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd2241579145","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन सप्ताह बाद भी एक्सप्रेसवे पर चालान काटने की व्यवस्था नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन सप्ताह बाद भी एक्सप्रेसवे पर चालान काटने की व्यवस्था नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन सप्ताह बाद भी एक्सप्रेसवे पर नहीं कट रहा आनलाइन चालान
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर यातायात पुलिस तीन सप्ताह के बाद भी ऑनलाइन चालान काटने की व्यवस्था को लागू नहीं कर पाई है। जबकि एक्सप्रेसवे पर यातायात नियमों को तोड़ने वालों की जानकारी एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की तरफ से नियमित तौर पर उपलब्ध कराई जा रही है। हर 24 घंटे के बाद मेल के माध्यम से नियम तोड़ने वाले वाहनों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 130 कैमरे लगाए गए हैं। ऑटोेमेटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) तकनीक से लैस कैमरे हर मूवमेंट पर नजर रखते हैं। यहां तक की वाहन किस गति से चल रहा है, गाड़ी में बैठने वालों ने शीट बेल्ट लगाई है या नहीं। एनएचएआई ने एक अप्रैल को डीएम और एसपी ट्रैफिक को पत्र के माध्यम से कहा था कि एक्सप्रेसवे पर कार व जीप के लिए गति सीमा 100 किलोमीटर प्रतिघंटा और कॉमर्सियल वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा निर्धारित है, लेकिन उससे ऊपर भी वाहन चलाए जा सकते हैं। इसके लिए स्पीड डिटेक्शन वैन और इंफोर्समेंट टीम की व्यवस्था करानी होगी। इससे पहले ईस्टर्न पेरिफेरेल एक्सप्रेसवे पर भी यातायात पुलिस टीम की तैनाती को लेकर एनएचएआई ने बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर के डीएम को पत्र लिखा था। गौतमबुद्धनगर में ट्रैफिक पुलिस यातायात नियम तोड़ने वालों के चालान काट रही है, लेकिन गाजियाबाद में नहीं काटे जा रहे।
-------------------
जुलाई के अंत में मुहैया कराया लिंक
एनएचएआई ने ईस्टर्न और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों का लिंक जुलाई के अंतिम सप्ताह में यातायात पुलिस गाजियाबाद को उपलब्ध करा दिया है। ईस्टर्न पेरिफेरल पर लगे कैमरों का कंट्रोल रूम डासना लूप के अंदर बना है। मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों पर डासना आईएमएस कैंपस के सामने बने कंट्रोल रूम से नजर रखी जाती है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस हमारी तरफ से उपलब्ध कराए गए लिंक पर क्लिक करके रियल टाइम दोनों एक्सप्रेसवे के ट्रैफिक पर नजर रख सकती है। इसके साथ ही हमारी तरफ से प्रतिदिन उन वाहनों को अलग से सूचना मेल की जा रही है जो यातायात नियमों को तोड़ते हैं।
विज्ञापन
- चालान काटने की प्रक्रिया पर विभागीय स्तर पर काम चल रहा है। कुछ तकनीकी कारणों से ऑनलाइन चालान काटने की प्रक्रिया शुरू करने में देरी हुई है। - रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक
विज्ञापन
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर यातायात पुलिस तीन सप्ताह के बाद भी ऑनलाइन चालान काटने की व्यवस्था को लागू नहीं कर पाई है। जबकि एक्सप्रेसवे पर यातायात नियमों को तोड़ने वालों की जानकारी एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की तरफ से नियमित तौर पर उपलब्ध कराई जा रही है। हर 24 घंटे के बाद मेल के माध्यम से नियम तोड़ने वाले वाहनों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 130 कैमरे लगाए गए हैं। ऑटोेमेटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) तकनीक से लैस कैमरे हर मूवमेंट पर नजर रखते हैं। यहां तक की वाहन किस गति से चल रहा है, गाड़ी में बैठने वालों ने शीट बेल्ट लगाई है या नहीं। एनएचएआई ने एक अप्रैल को डीएम और एसपी ट्रैफिक को पत्र के माध्यम से कहा था कि एक्सप्रेसवे पर कार व जीप के लिए गति सीमा 100 किलोमीटर प्रतिघंटा और कॉमर्सियल वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा निर्धारित है, लेकिन उससे ऊपर भी वाहन चलाए जा सकते हैं। इसके लिए स्पीड डिटेक्शन वैन और इंफोर्समेंट टीम की व्यवस्था करानी होगी। इससे पहले ईस्टर्न पेरिफेरेल एक्सप्रेसवे पर भी यातायात पुलिस टीम की तैनाती को लेकर एनएचएआई ने बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर के डीएम को पत्र लिखा था। गौतमबुद्धनगर में ट्रैफिक पुलिस यातायात नियम तोड़ने वालों के चालान काट रही है, लेकिन गाजियाबाद में नहीं काटे जा रहे।
विज्ञापन
-------------------
जुलाई के अंत में मुहैया कराया लिंक
एनएचएआई ने ईस्टर्न और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों का लिंक जुलाई के अंतिम सप्ताह में यातायात पुलिस गाजियाबाद को उपलब्ध करा दिया है। ईस्टर्न पेरिफेरल पर लगे कैमरों का कंट्रोल रूम डासना लूप के अंदर बना है। मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों पर डासना आईएमएस कैंपस के सामने बने कंट्रोल रूम से नजर रखी जाती है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस हमारी तरफ से उपलब्ध कराए गए लिंक पर क्लिक करके रियल टाइम दोनों एक्सप्रेसवे के ट्रैफिक पर नजर रख सकती है। इसके साथ ही हमारी तरफ से प्रतिदिन उन वाहनों को अलग से सूचना मेल की जा रही है जो यातायात नियमों को तोड़ते हैं।
विज्ञापन
- चालान काटने की प्रक्रिया पर विभागीय स्तर पर काम चल रहा है। कुछ तकनीकी कारणों से ऑनलाइन चालान काटने की प्रक्रिया शुरू करने में देरी हुई है। - रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक