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हिंडन के उत्थान को तय होगी हर विभाग की जवाबदेही, देना होगा हिसाब

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jul 2021 01:15 AM IST
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हिंडन के उत्थान को तय होगी हर विभाग की जवाबदेही, देना होगा हिसाब
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गाजियाबाद। वर्षों से हिंडन के जीर्णोद्धार के लिए योजना बनती आ रही है। योजनाओं को अमल में लाने के लिए सरकारी धन खर्च हुआ, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। न हिंडन साफ हुई और न ही दूषित जल को रोकने का कोई बड़ा काम हुआ। उल्टे हिंडन का पानी नहाने लायक तक नहीं बचा। हर वर्ष हजारों पौधे हिंडन को बचाने के नाम पर रोप गए, लेकिन कितने पौधे जीवित बचे, इसका हिसाब किसी विभाग के पास नहीं है। इन सब कारणों के बीच अब प्रशासन ने क्षेत्र के हिसाब से विभागों की जिम्मेदारी तय करने का फैसला लिया है वो भी शपथ पत्र के साथ। जहां जिसके क्षेत्र से हिंडन नदी (बहती) गुजरती है वो ही विभाग समस्त कार्यों के लिए जिम्मेदार होगा।
प्रशासन ने तीनों तहसीलों के एसडीएम को हिंडन क्षेत्र का सर्वे कराने का निर्देश दिया है। उनसे पूछा गया है कि वो रिकॉर्ड में दर्ज दस्तावेजों के आधार पर चिन्हित करके बताएं कि जिले में हिंडन नदी किस विभाग के कार्य क्षेत्र से होकर गुजरती है। क्षेत्र को चिन्हित किए जाने पर संबंधित विभाग से शपथ पत्र लिया जाएगा। मौके पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, जिन पर लिखा जाएगा कि इस क्षेत्र की देखरेख का जिम्मा संबंधित विभाग का है। पहले चरण में सभी विभागों को पौधरोपण कराना होगा। उसकी रिपोर्ट देनी होगी कि मानसून के सीजन में कितने पौधे लगाए। बाद में प्रशासन जांच कराएगा कि कितने पौधे बचे और कितने मर गए। दूसरे चरण में प्रशासन सुनिश्चित कराएगा कि किसके विभाग के क्षेत्र में कितने दूषित नाले गिर रहे हैं। उसकी रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गई?
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सालों की परंपरा तोड़ने को तय होगी जवाबदेही
जिले में हिंडन नदी जिला पंचायत, ग्राम समाज, सिंचाई विभाग, नगर निगम, जीडीए व नगर पंचायत समेत अन्य विभागों के क्षेत्रों से होकर गुजरती है। हिंडन की सफाई से लेकर उसके किनारे पौधरोपण का कार्य भी सभी विभाग हर वर्ष एक ही जगह दिखाते हैं। सालों से कुछ ऐसा ही परंपरा चली आ रही है। इसलिए प्रशासन ने क्षेत्र के हिसाब से जवाबदेही तय करने का फैसला लिया। प्रशासन का मानना है कि इससे हिंडन के किनारे बड़ा वन्य क्षेत्र विकसित करने में मदद मिलेगी जो वर्षों के पौधरोपण के बाद भी अभी तक नहीं हो पाया है।
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जिम्मेदारी से भागना होगा मुश्किल
प्रशासन अकेले हिंडन क्षेत्र से जुड़े विभागों की ही जवाबदेही तय नहीं करेगा। साथ में उन विभागों को जवाबदेही के दायरे में लाएगा, जिनका प्रदूषण व हिंडन किनारे के वन्य क्षेत्र को प्रभावित करने का अप्रत्यक्ष रूप से योगदान है। उदाहरण के लिए अगर किसी क्षेत्र में पेड़ काटे जा रहे हैं तो इसके लिए वन विभाग को जवाबदेही के दायरे में लाया जाएगा। अगर शहरी क्षेत्र से कोई दूषित नाला निकल कर नदी में गिर रहा है तो नगर निगम, जीडीए व अन्य निकाय जिम्मेदार होंगे।

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वर्जन
प्रशासन की कोशिश है कि हिंडन को लेकर आगे से जो भी कार्य हो वो पूरी तरह से व्यवस्थित हो। अगर पौधरोपण कराया जा रहा है तो मौके पर दिखना चाहिए कि बड़ा वन्य क्षेत्र तैयार हो रहा है। यह काम विभागों की जवाबदेही के बिना संभव नहीं है। इसलिए प्रशासन हिंडन क्षेत्र का सर्वे कराकर जवाबदेही तय कर रहा है। उसके बाद उसी विभाग से पूछताछ की जा सकेगी। - राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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