दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : ओवरस्पीड होते ही पकड़ लेंगे कैमरे, तुरंत होगा चालान
ट्रैफिक पुलिस जल्द ही एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की मदद से ई-चालान काटने की व्यवस्था लागू करने जा रही है।
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नियम तोड़कर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर वाहन चलाना अब महंगा पड़ेगा। ट्रैफिक पुलिस जल्द ही एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की मदद से ई-चालान काटने की व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसको लेकर यातायात पुलिस की तरफ से विशेष टीम लगाई जा रही हैं जो यातायात नियम तोड़ने वालों के चालान काटेगी।
चार से छह दिन के अंदर ई-चालान की व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद उल्टी दिशा, लाइन तोड़ने, ओवर स्पीड, बिनासीट बेल्ट वाहन चलाने वाले के चालान काटे जाएंगे। इसके लिए एनएचएआई ने प्रतिदिन के हिसाब से फोटो के साथ रिपोर्ट भेजनी शुरू कर दी है।
मौजूदा वक्त में एनएचएआई दो तरह से यातायात पुलिस को नियम तोड़ने वाले वाहनों की सूचना मुहैया कराने जा रहा है। ई-मेल के माध्यम से यातायात पुलिस की आधिकारिक मेल आईडी पर प्रतिदिन सूचना भेजी जा रही है। इसके साथ ही दोनों एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों का एक्सेस भी यातायात पुलिस को दिया जा रहा है जो सीधे एनआईसी सर्वर से लिंक होगा।
यातायात पुलिस लॉगिन करके रीयल टाइम एक्सप्रेसवे पर नजर रख सकेगी। इससे पुलिस को यातायात नियमों को तोड़ने के साथ ही जाम व कोई वाहन खराब होने की भी रीयल टाइम की जानकारी मिलेगी, जिससे यातायात व्यवस्था को सुगम करने में मदद मिल सकेगी। एनएचएआई का कहना है कि हमारी तरफ से व्यवस्था पूरी है। अब बस ट्रैफिक पुलिस को चालान काटने की प्रक्रिया शुरू करनी है।
दोनों एक्सप्रेसवे पर लगे हैं 255 कैमरे
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 130 कैमरे लगे हैं। एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर) सुविधा से लैस कैमरे नंबर प्लेट से लेकर गाड़ी के अंदर बैठे ड्राइवर की शीट बेल्ट तक को स्पष्ट दिखाते हैं। इसके साथ ही पूरे एक्सप्रेसवे पर स्पीड ट्रैकर भी लगे हैं जो बताते हैं कि वाहन कितनी स्पीड से चल रहा है। एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा चार पहिया वाहन के लिए और 80 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड भारी वाहनों के लिए निर्धारित की गई है। इसी तरह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 125 कैमरे लगे हैं। यहां एक्सप्रेसवे पर 120 कार, 100 बस और ट्रक के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की ओवर स्पीड निर्धारित की गई है।
क्या-क्या हैं चालान...
- गलत दिश 2000 रुपये
- अवैध पार्किंग 500 रुपये
- बिना सीट बेल्ट 1000 रुपये
- ओवर स्पीड 2000 रुपये
- गलत लेन में चलना 500 रुपये
एनएचएआई हमारे साथ प्रतिदिन के हिसाब से जानकारी साझा कर रही है। अब जल्द ही हम ई-चालान काटने की व्यवस्था लागू कर रहे हैं। इसके लिए टीम लगाई जा रही हैं, जो नियम तोड़ने वाले वाहनों का प्रतिदिन ई-चालान काटेगी। चालान कटने पर रजिस्ट्रेशन व फास्टैग नंबर के साथ फीड मोबाइल नंबर पर वाहन स्वामी को चालान कटने की जानकारी मिलेगी।
- रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक
हम प्रतिदिन यातायात नियम तोड़ने वालों की पुलिस को एक्सल शीट पर वाहन नंबर को लोकेशन व फोटो के साथ जानकारी भेज रहे हैं। इसके साथ उन्हें सर्वर का लिंक भी उपलब्ध करा दिया गया है जो एनआईसी पर खुलेगा। यातायात पुलिस रीयल टाइम ट्रैफिक पर नजर रख सकती है और अपने स्तर पर चालान भी काट सकती है। बाकी अलग से भी आधिकारिक मेल पर भी हर रोज रिपोर्ट भेज रहे हैं।
- मुदित गर्ग, परियोजना निदेशक, एनएचएआई