फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad

दिव्यांग प्रदीप ने भाला फेंक में बनाया नेशनल रिकॉर्ड

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 07 Mar 2021 01:22 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad
दिव्यांग प्रदीप ने भाला फेंक में बनाया नेशनल रिकॉर्ड
विज्ञापन

गाजियाबाद। पांचवीं उत्तर प्रदेश पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दिव्यांग प्रदीप ने नेशनल रिकॉर्ड तोड़ते हुए अपने नाम से नया रिकॉर्ड बनाया है। जनहित इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन में चल रही चैंपियनशिप में शनिवार को प्रदीप ने 30.10 मीटर भाला फेंककर नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। अभी तक पैरा एथलेटिक्स में यह रिकॉर्ड हरियाणा के तेकचंद के नाम पर 26.75 मीटर दूरी के साथ दर्ज था। इसके अलावा प्रदीप ने गोला फेंक प्रतियोगिता में भी गोल्ड मेडल जीता है।
चैंपियनशिप में 25 जिलों के करीब 300 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष कवीन्द्र चौधरी का कहना है कि प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयनित खिलाड़ी 21 व 22 मार्च को चेन्नई में होने वाली राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन कस्टम कमिश्नर केपी मीणा ने किया। कवीन्द्र चौधरी ने कार्यक्रम में पहुंची खिलाड़ी अरुणीमा सिन्हा, वरुण भाटी, सचिन चौधरी, अजय कुमार मौर्य, माधव चौधरी, अशोक चौधरी, डॉ. पीके वशिष्ठ को सम्मानित किया।
विज्ञापन

गोली लगने के बाद नहीं हारा हौसला
निवाड़ी गांव निवासी प्रदीप के नाम राष्ट्रीय स्तर पर दो गोल्ड मेडल हैं। राज्य स्तर पर कई पदक जीत चुके हैं। फरवरी 2019 में दुबई में आयोजित फैजा ग्रांड प्रिक्स में चौथा स्थान पाया था। प्रदीप के साथ 2003 में 21 साल की उम्र में हुई वारदात ने उनको दिव्यांग बना दिया था। तब वह एमकॉम कर रहे थे। एक दिन अपने घर के बाहर खड़े थे तो उन्होंने देखा कि कुछ मनचले एक लड़की से छेड़छाड़ कर रहे हैं। उन्होंने विरोध किया तो कहासुनी हो गई। दूसरे ही दिन उन्होंने प्रदीप के पीछे से गोली मार दी। जिससे उन्हें लकवा हो गया। करीब 12 साल बिस्तर पर रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सोशल मीडिया ने दिया सहारा
बिस्तर पर रहकर सोशल मीडिया पर प्रदीप ने जीने का सहारा खोजा कि किस प्रकार दिव्यांग अपनी जिंदगी का बेहतर ढंग से गुजर बसर कर सकते हैं। पांच साल पहले तक प्रदीप का खेल से कोई दूर-दूर तक वास्ता तक नहीं था। आज प्रदीप राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बन गए हैं। प्रदीप अब 38 साल के हैं। पिता किसान हैं। वह उनकी देखभाल करते है। मां ग्रहणी है। छोटा भाई सीआरपीएफ में सिपाही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed