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हर्षिका सिंह से पैनल ने पूछा, हिंडन नदी के आसपास हमेशा क्यों लगता है जाम
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हर्षिका से पूछा, हिंडन नदी के आसपास हमेशा क्यों लगता है जाम
गाजियाबाद। जीटी रोड पर हिंडन नदी के आसपास लगने वाला जाम हमेशा सुर्खियों में रहता है। इस बार शहर का जाम संघ लोक सेवा आयोग के सिविल सर्विसेज परीक्षा-2020 के साक्षात्कार में भी चर्चा का विषय रहा। परीक्षा में 169वीं रैंक पाने वाली हर्षिका सिंह से साक्षात्कार पैनल में शामिल पैनलिस्ट ने हिंडन नदी से सटे क्षेत्रों में लगने वाले जाम और सिविल इंजीनियर के तौर पर उसके समाधान के बारे में सवाल पूछा।
हर्षिका ने अपने जवाब में रोजाना गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाले लोगों की बड़ी तादात और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की लचर व्यवस्था को समस्या का प्रमुख कारण बताया। जाम को खत्म करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और बेहतर किए जाने की बात कही। सिविल सर्विसेज का उनका साक्षात्कार 40 मिनट तक चला। उनके साक्षात्कार के पैनल में यूपीएससी चेयरमैन के साथ रिटायर्ड एयर मार्शल अजित शंकरराव भोसले के साथ दो अन्य महिला सदस्य शामिल रहीं।
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तालिबान आतंकवादियों की क्या थी मनोस्थिति
21 मई को हुए साक्षात्कार में पैनल ने अफगानिस्तान में तालिबान आतंकवादियों की मनोस्थिति और उनके मन में क्या चल रहा है के बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि तालिबान खुद को आतंकवादी नहीं, बल्कि अपने मुल्क को दूसरे देश के लोगों से आजादी दिलाने वाला क्रांतिकारी समझते हैं। अमेरिका को देश से बाहर करने के लिए आजादी की लड़ाई लड़ने की बात करते हैं। तालिबान खुद को और शक्तिशाली बनाने के लिए अफगान लोगों को देश से नहीं जाने देने और नई भर्तियां करने का प्रयास कर रहा है। जिससे देश पर उसका नियंत्रण और मजबूत हो सके।
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सोशल मीडिया पर लगाम लगाने की जरूरत है:
पैनल ने सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति के कुछ भी बोलने, उससे देश को नुकसान पहुंचने और लगाम लगाने की जरूरत संबंधी सवाल पूछा। इस पर कहा कि सोशल मीडिया बहुत खतरनाक चीज है। इंसान अपने विचार छिपकर भी बता और सब जगह पहुंचा सकता है। नियंत्रण के लिए संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों में नियंत्रण संबंधी कई प्रावधान शामिल हैं। जिसको लागू कर लगाम लगाई जा सकती है।
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यह भी पूछे गए सवाल:
हर्षिका सिंह से साक्षात्कार में साड़ी सुंदरता, पहनने का आइडिया कहां से आने, उसके दाम और मैटेरियल का पता होने संबंधी सवाल पूछा गया। मनोविज्ञानी होने के नाते अक्षम बच्चों और शिक्षा पूरी नहीं कर सकने वाले बच्चों के लिए क्या कार्य करने, सिविल सर्विसेज में क्यों आने, सिविल विषय की पढ़ाई के प्रशासनिक सेवा में लाभ, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से क्यों प्रभावित हैं पूछा।
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गाजियाबाद। जीटी रोड पर हिंडन नदी के आसपास लगने वाला जाम हमेशा सुर्खियों में रहता है। इस बार शहर का जाम संघ लोक सेवा आयोग के सिविल सर्विसेज परीक्षा-2020 के साक्षात्कार में भी चर्चा का विषय रहा। परीक्षा में 169वीं रैंक पाने वाली हर्षिका सिंह से साक्षात्कार पैनल में शामिल पैनलिस्ट ने हिंडन नदी से सटे क्षेत्रों में लगने वाले जाम और सिविल इंजीनियर के तौर पर उसके समाधान के बारे में सवाल पूछा।
हर्षिका ने अपने जवाब में रोजाना गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाले लोगों की बड़ी तादात और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की लचर व्यवस्था को समस्या का प्रमुख कारण बताया। जाम को खत्म करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और बेहतर किए जाने की बात कही। सिविल सर्विसेज का उनका साक्षात्कार 40 मिनट तक चला। उनके साक्षात्कार के पैनल में यूपीएससी चेयरमैन के साथ रिटायर्ड एयर मार्शल अजित शंकरराव भोसले के साथ दो अन्य महिला सदस्य शामिल रहीं।
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तालिबान आतंकवादियों की क्या थी मनोस्थिति
21 मई को हुए साक्षात्कार में पैनल ने अफगानिस्तान में तालिबान आतंकवादियों की मनोस्थिति और उनके मन में क्या चल रहा है के बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि तालिबान खुद को आतंकवादी नहीं, बल्कि अपने मुल्क को दूसरे देश के लोगों से आजादी दिलाने वाला क्रांतिकारी समझते हैं। अमेरिका को देश से बाहर करने के लिए आजादी की लड़ाई लड़ने की बात करते हैं। तालिबान खुद को और शक्तिशाली बनाने के लिए अफगान लोगों को देश से नहीं जाने देने और नई भर्तियां करने का प्रयास कर रहा है। जिससे देश पर उसका नियंत्रण और मजबूत हो सके।
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सोशल मीडिया पर लगाम लगाने की जरूरत है:
पैनल ने सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति के कुछ भी बोलने, उससे देश को नुकसान पहुंचने और लगाम लगाने की जरूरत संबंधी सवाल पूछा। इस पर कहा कि सोशल मीडिया बहुत खतरनाक चीज है। इंसान अपने विचार छिपकर भी बता और सब जगह पहुंचा सकता है। नियंत्रण के लिए संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों में नियंत्रण संबंधी कई प्रावधान शामिल हैं। जिसको लागू कर लगाम लगाई जा सकती है।
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यह भी पूछे गए सवाल:
हर्षिका सिंह से साक्षात्कार में साड़ी सुंदरता, पहनने का आइडिया कहां से आने, उसके दाम और मैटेरियल का पता होने संबंधी सवाल पूछा गया। मनोविज्ञानी होने के नाते अक्षम बच्चों और शिक्षा पूरी नहीं कर सकने वाले बच्चों के लिए क्या कार्य करने, सिविल सर्विसेज में क्यों आने, सिविल विषय की पढ़ाई के प्रशासनिक सेवा में लाभ, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से क्यों प्रभावित हैं पूछा।