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5 लाख की आबादी पर सिर्फ दो फिजिशियन
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45 लाख की आबादी
पर सिर्फ 2 फिजिशियन
गाजियाबाद। वीआईपी जिले में शुमार गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। 45 लाख की आबादी पर सरकारी अस्पतालों में मात्र दो फिजिशियन जिला एमएमजी अस्पताल में तैनात हैं। एक फिजिशियन कार्डियोलॉजिस्ट के पद पर हृदय मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जबकि दूसरे आए दिन वीआईपी ड्यूटी, पोस्टमार्टम और कोर्ट में गवाही देने में लगे रहते हैं। इससे वह भी सप्ताह में दो से तीन दिन ही ओपीडी में बैठ पाते हैं। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट अस्पताल या फिर दिल्ली या मेरठ जाना पड़ता है। मरीजों के बेहतर इलाज के लिए हर साल 17 सितंबर को विश्व मरीज सुरक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
निजी में 110 फिजिशियन, 40178 मरीजों पर एक
आईएमए प्रवक्ता डॉ. नवनीत ने बताया कि निजी अस्पतालों एवं क्लीनिक में जिले में 110 फिजिशियन हैं। सरकारी व प्राइवेट फिजिशियन और आबादी के अनुपात पर 40178 मरीज पर एक डॉक्टर हैं।
ट्रॉमा सेंटर पर 38 में से सिर्फ एक डॉक्टर तैनात
संयुक्त अस्पताल (कोविड लेवल-2) में 24 डॉक्टरों की जरूरत है। तैनात सिर्फ आठ हैं। एक मानसिक रोग विशेषज्ञ, चेस्ट फिजीशियन और नेफ्रोलॉजिस्ट की जरूरत है। ट्रॉमा सेंटर, महिला विंग में 38 पोस्ट स्वीकृत है। सिर्फ एक एनेस्थेटिस्ट की नियुक्ति हुई है। जिले के सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ और चेस्ट फिजिशियन नहीं है। संजय नगर स्थिति संयुक्त अस्पताल में फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, सर्जन, डर्मेटोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट भी नहीं है, जबकि आर्थोपेडिक सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ दो-दो पदों के सापेक्ष सिर्फ एक-एक हैं।
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महिला अस्पताल में सर्जन और एमएमजी में कार्डियोलॉजिस्ट के पद खाली
महिला अस्पताल में दो साल से सर्जन का पद खाली है। एमएमजी अस्पताल में 31 अगस्त को हृदय रोग विशेषज्ञ के सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम मरीजों का इलाज कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से ही डॉक्टरों की भर्ती नहीं हो रही है तो अस्पतालों में कहां से डॉक्टर आ जाएंगे। सेवानिवृत्त डॉक्टरों की दोबारा नियुक्ति शुरू की गई थी। संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय तेवतिया का कहना है कि शासन से लेकर उच्चाधिकारियों एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री को मामले से अवगत कराया जा चुका है।
जल्द ही हाेंगी नियुक्तियां
जिले में डॉक्टरों सहित अन्य स्टॉफ के बारे में अवगत कराया जा चुका है। संभावना है जल्द ही कुछ डॉक्टरों की नियुक्ति होगी।
- डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
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पर सिर्फ 2 फिजिशियन
गाजियाबाद। वीआईपी जिले में शुमार गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। 45 लाख की आबादी पर सरकारी अस्पतालों में मात्र दो फिजिशियन जिला एमएमजी अस्पताल में तैनात हैं। एक फिजिशियन कार्डियोलॉजिस्ट के पद पर हृदय मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जबकि दूसरे आए दिन वीआईपी ड्यूटी, पोस्टमार्टम और कोर्ट में गवाही देने में लगे रहते हैं। इससे वह भी सप्ताह में दो से तीन दिन ही ओपीडी में बैठ पाते हैं। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट अस्पताल या फिर दिल्ली या मेरठ जाना पड़ता है। मरीजों के बेहतर इलाज के लिए हर साल 17 सितंबर को विश्व मरीज सुरक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
निजी में 110 फिजिशियन, 40178 मरीजों पर एक
आईएमए प्रवक्ता डॉ. नवनीत ने बताया कि निजी अस्पतालों एवं क्लीनिक में जिले में 110 फिजिशियन हैं। सरकारी व प्राइवेट फिजिशियन और आबादी के अनुपात पर 40178 मरीज पर एक डॉक्टर हैं।
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ट्रॉमा सेंटर पर 38 में से सिर्फ एक डॉक्टर तैनात
संयुक्त अस्पताल (कोविड लेवल-2) में 24 डॉक्टरों की जरूरत है। तैनात सिर्फ आठ हैं। एक मानसिक रोग विशेषज्ञ, चेस्ट फिजीशियन और नेफ्रोलॉजिस्ट की जरूरत है। ट्रॉमा सेंटर, महिला विंग में 38 पोस्ट स्वीकृत है। सिर्फ एक एनेस्थेटिस्ट की नियुक्ति हुई है। जिले के सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ और चेस्ट फिजिशियन नहीं है। संजय नगर स्थिति संयुक्त अस्पताल में फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, सर्जन, डर्मेटोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट भी नहीं है, जबकि आर्थोपेडिक सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ दो-दो पदों के सापेक्ष सिर्फ एक-एक हैं।
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महिला अस्पताल में सर्जन और एमएमजी में कार्डियोलॉजिस्ट के पद खाली
महिला अस्पताल में दो साल से सर्जन का पद खाली है। एमएमजी अस्पताल में 31 अगस्त को हृदय रोग विशेषज्ञ के सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम मरीजों का इलाज कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से ही डॉक्टरों की भर्ती नहीं हो रही है तो अस्पतालों में कहां से डॉक्टर आ जाएंगे। सेवानिवृत्त डॉक्टरों की दोबारा नियुक्ति शुरू की गई थी। संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय तेवतिया का कहना है कि शासन से लेकर उच्चाधिकारियों एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री को मामले से अवगत कराया जा चुका है।
जल्द ही हाेंगी नियुक्तियां
जिले में डॉक्टरों सहित अन्य स्टॉफ के बारे में अवगत कराया जा चुका है। संभावना है जल्द ही कुछ डॉक्टरों की नियुक्ति होगी।
- डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ