फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad

वायरल के एक हजार मरीज रोज पहुंच रहे अस्पताल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 12:50 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad
वायरल के एक हजार मरीज रोज पहुंच रहे अस्पताल
विज्ञापन

गाजियाबाद। मौसम में बदलाव होने के साथ ही वायरल के मरीज तेजी से बढ़ने लगे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना एक हजार मरीज पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को आरडीसी में झुग्गी झोपड़ी निवासी एक किशोरी की उल्टी-दस्त से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में वायरल से मौत की कोई पुष्टि नहीं है।
आरडीसी स्थित झुग्गी निवासी 14 वर्षीय किशोरी एक सप्ताह से बीमार थी। बृहस्पतिवार को उल्टी-दस्त तेज हो गए। पहले उसका स्थानीय स्तर पर इलाज कराया जा रहा था, स्थिति गंभीर होने संयुक्त अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने के पहले ही मौत हो गई। जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर गई थी, जांच में परिवार के किसी भी सदस्य में वायरल नहीं पाया गया। टीम ने परिवार की थोड़ी आर्थिक मदद भी की।
विज्ञापन

10 से 12 दिन में हो रहे ठीक
इस बार वायरल के मरीजों में तेज बुखार के केस कम देखने को मिल रहे हैं। रोगी को ठीक होने में 10 से 12 दिन का समय लग रहा है। पहले सामान्य रूप से वायरल फीवर में तेज बुखार के साथ खांसी-जुकाम होता था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल बुखार के स्वरूप में यह बदलाव मौसम में आए परिवर्तन के कारण है। दिन और रात के तापमान में अंतर के साथ बरसात होने के बावजूद उमस भरे मौसम ने वायरल की प्रकृति में परिवर्तन ला दिया है। इस समय सिर्फ जिला अस्पताल में 200 से 300 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, जबकि प्राइवेट अस्पतालों के आंकड़ा देखा जाए तो एक हजार मरीज वायरल की चपेट में आकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिर में दर्द, बिगड़ रहा स्वाद
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि इन दिनों वायरल के मरीज बढ़ गए हैं। यदि बुखार, गले में खराश के साथ सर्दी- जुकाम है, तो ये लक्षण वायरल फीवर के हैं, अन्यथा सिर्फ थकान ही है। डॉ सिंह का कहना है कि इस बार वायरल फीवर में रोगी में तेज बुखार के साथ खांसी, जुकाम जैसे लक्षण कम देखने को मिल रहे हैं। वायरल के बदले स्वरूप में सिर दर्द के साथ हल्के बुखार का अहसास और अधिक कमजोरी महसूस होने के साथ ही गले में खरास, भूख न लगना, लीवर में सूजन और मुंह का स्वाद बिगड़ रहा है। संयुक्त अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि वायरल फीवर के स्वरूप में बदलाव मौसम के कारण आया है। घर में किसी को वायरल फीवर है तो बच्चों को दूर रखें। इस बार हर उम्र के लोग संक्रमण की चपेट में हैं।

खाने-पीने में बरतें सावधानी
डायटीशियन डॉ. सविता यादव का कहना है कि वायरल होने पर दवाई के अलावा खाने-पीने में सावधानी बरतनी चाहिए। वायरल होने के दौरान देर से पचने वाले फल लेने से बचना चाहिए। खाने में खिचड़ी, दलिया का प्रयोग करें। नारियल पानी पी सकते हैं। खट्टे जूस या डिब्बा बंद चीजें, गाजर, पालक या देर से पचने वाली कोई भी चीज वायरल के दौरान लेने से बचना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed