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कांस्टेबल को खुदकुशी के लिए उकसाने की दोषी पत्नी को छह साल की सजा
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कांस्टेबल को खुदकुशी के लिए उकसाने की दोषी पत्नी को छह साल की सजा
गाजियबाद। एडीजे कोर्ट-18 के जज राकेश कुमार सप्तम ने कांस्टेबल पति को आत्महत्या के लिए उकसाने की दोषी पत्नी को छह साल कारावास की सजा सुुनाई है। अदालत ने पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील कौशिक ने बताया कि आगरा के अछनेेरा थाना क्षेत्र के कखवारी निवासी कुमर सिंह ने कविनगर थाने में दिसंबर 2011 को पुत्रवधु और उसके प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उनका बेटा वेदप्रकाश कविनगर थाने में कांस्टेबल था। वह शास्त्रीनगर पुलिस चौकी में तैनात था। उसकी पत्नी पुष्पा देवी का सोनू उर्फ सुधांशु के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। सोनू काफी दिनों से वेदप्रकाश के घर में ही रह रहा था। इस मामले को लेकर वेद प्रकाश और पत्नी पुष्पा से कहासुनी भी होती थी। कांस्टेबल घर में सोनू के रहने का विरोध भी करता था, लेकिन पत्नी उसे बाहर नहीं जाने देती थी। इस बात के परेशान होकर वेद प्रकाश ने तीन दिसंबर 2011 की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। कुमर सिंह ने बेटे की मौत का कारण पुत्रवधु के संबंधों को माना था। उन्होंने वेदप्रकाश को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए पुष्पा देवी और सोनू के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने जांच में सोनू का नाम चार्जशीट से निकाल दिया था। पुष्पा देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान 8 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद अभियुक्त पुष्पा को कांस्टेबल पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया। बृहस्पतिवार को अदालत ने सजा सुनाई।
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गाजियबाद। एडीजे कोर्ट-18 के जज राकेश कुमार सप्तम ने कांस्टेबल पति को आत्महत्या के लिए उकसाने की दोषी पत्नी को छह साल कारावास की सजा सुुनाई है। अदालत ने पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील कौशिक ने बताया कि आगरा के अछनेेरा थाना क्षेत्र के कखवारी निवासी कुमर सिंह ने कविनगर थाने में दिसंबर 2011 को पुत्रवधु और उसके प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उनका बेटा वेदप्रकाश कविनगर थाने में कांस्टेबल था। वह शास्त्रीनगर पुलिस चौकी में तैनात था। उसकी पत्नी पुष्पा देवी का सोनू उर्फ सुधांशु के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। सोनू काफी दिनों से वेदप्रकाश के घर में ही रह रहा था। इस मामले को लेकर वेद प्रकाश और पत्नी पुष्पा से कहासुनी भी होती थी। कांस्टेबल घर में सोनू के रहने का विरोध भी करता था, लेकिन पत्नी उसे बाहर नहीं जाने देती थी। इस बात के परेशान होकर वेद प्रकाश ने तीन दिसंबर 2011 की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। कुमर सिंह ने बेटे की मौत का कारण पुत्रवधु के संबंधों को माना था। उन्होंने वेदप्रकाश को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए पुष्पा देवी और सोनू के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने जांच में सोनू का नाम चार्जशीट से निकाल दिया था। पुष्पा देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान 8 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद अभियुक्त पुष्पा को कांस्टेबल पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया। बृहस्पतिवार को अदालत ने सजा सुनाई।
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