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आयुर्वेद विभाग है या कबाड़ का गोदाम
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आयुर्वेद विभाग है या कबाड़ का गोदाम
गाजियाबाद। अस्पताल है या कबाड़ का गोदाम बना रखा है। यहां पर यह भी पता नहीं चल रहा है कि कौन सी दवाई सही है और कौन सी खराब है। चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। मरीजों को क्या दवाई दी जाती हैं, कोई जानकारी नहीं है। डॉक्टर आ जाएं तो कह दो मुझसे बात करें। यह बातें जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने संयुक्त अस्पताल में निरीक्षण के दौरान आयुर्वेद विभाग में फैली गंदगी व अव्यवस्था देखकर कही। सीडीओ से सीएसआर फंड से दो एयर कंडीशन खरीदकर लगवाने के निर्देश दिए।
बुधवार को डीएम ने संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। डीएम रैन बसेरे का निरीक्षण करने पहुंचे। हॉल में तीन एंबुलेंस चालक सो रहे थे। डीएम ने कहा उन्हें सोने दिया जाए। आयुर्वेद विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक महिला स्टाफ मौजूद थीं। दवाई वाले काउंटर पर डीएम पहुंचे तो वहां पर दवाईयां बिखरी हुई थीं। कूलर आलमारी के ऊपर रखा था। डीएम ने पूछा किस मरीज को क्या दवाई दी गई है, डॉक्टर कहां हैं, उन्हें बुलाओ। स्टाफ ने बताया कि वह बैठक में हैं। लेकिन किस मरीज को क्या दवाई दी गई, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाया।
डायलिसिस सेंटर में भी मिली गंदगी और अव्यवस्था
डायलिसिस सेंटर में गंदगी और अव्यवस्था पर डीएम ने नाराजगी दिखाई। अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय तेवतिया ने बताया कि सेंटर पर 15 बेड हैं और एक दिन में 45 लोगों की डायलिसिस होती है। अस्पताल और सीएमओ स्टोर में बचे हुए रेमडेसिविर इंजेक्शन वापस करने का निर्देश सीएमएस और सीएमओ को दिया। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में 250 इंजेक्शन बचे हैं। इनमें से 50 इंजेक्शन की एक्सपायरी दिसंबर 2021 में है, जबकि 200 इंजेक्शन की दिसंबर 2022 में है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि सीएमएसडी स्टोर में 3106 इंजेक्शन हैं। संबंधित कंपनी वापस ले लेगी।
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ऑक्सीजन प्लांट देखा
डीएम ने निर्माणाधीन ऑक्सीजन गैस प्लांट का जायजा लिया। सीएमएस ने बताया कि काम अंतिम चरण में है, जल्द ही काम पूरा हो जाएगा। डीएम ने प्लांट का उद्घाटन कराने के लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री वीके सिंह से समय लेकर तैयार करने का निर्देश दिया। इस मौके पर सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर, डॉ. सुर्यांशु ओझा, आरडी यादव मौजूद रहे।
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गाजियाबाद। अस्पताल है या कबाड़ का गोदाम बना रखा है। यहां पर यह भी पता नहीं चल रहा है कि कौन सी दवाई सही है और कौन सी खराब है। चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। मरीजों को क्या दवाई दी जाती हैं, कोई जानकारी नहीं है। डॉक्टर आ जाएं तो कह दो मुझसे बात करें। यह बातें जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने संयुक्त अस्पताल में निरीक्षण के दौरान आयुर्वेद विभाग में फैली गंदगी व अव्यवस्था देखकर कही। सीडीओ से सीएसआर फंड से दो एयर कंडीशन खरीदकर लगवाने के निर्देश दिए।
बुधवार को डीएम ने संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। डीएम रैन बसेरे का निरीक्षण करने पहुंचे। हॉल में तीन एंबुलेंस चालक सो रहे थे। डीएम ने कहा उन्हें सोने दिया जाए। आयुर्वेद विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक महिला स्टाफ मौजूद थीं। दवाई वाले काउंटर पर डीएम पहुंचे तो वहां पर दवाईयां बिखरी हुई थीं। कूलर आलमारी के ऊपर रखा था। डीएम ने पूछा किस मरीज को क्या दवाई दी गई है, डॉक्टर कहां हैं, उन्हें बुलाओ। स्टाफ ने बताया कि वह बैठक में हैं। लेकिन किस मरीज को क्या दवाई दी गई, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाया।
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डायलिसिस सेंटर में भी मिली गंदगी और अव्यवस्था
डायलिसिस सेंटर में गंदगी और अव्यवस्था पर डीएम ने नाराजगी दिखाई। अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय तेवतिया ने बताया कि सेंटर पर 15 बेड हैं और एक दिन में 45 लोगों की डायलिसिस होती है। अस्पताल और सीएमओ स्टोर में बचे हुए रेमडेसिविर इंजेक्शन वापस करने का निर्देश सीएमएस और सीएमओ को दिया। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में 250 इंजेक्शन बचे हैं। इनमें से 50 इंजेक्शन की एक्सपायरी दिसंबर 2021 में है, जबकि 200 इंजेक्शन की दिसंबर 2022 में है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि सीएमएसडी स्टोर में 3106 इंजेक्शन हैं। संबंधित कंपनी वापस ले लेगी।
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ऑक्सीजन प्लांट देखा
डीएम ने निर्माणाधीन ऑक्सीजन गैस प्लांट का जायजा लिया। सीएमएस ने बताया कि काम अंतिम चरण में है, जल्द ही काम पूरा हो जाएगा। डीएम ने प्लांट का उद्घाटन कराने के लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री वीके सिंह से समय लेकर तैयार करने का निर्देश दिया। इस मौके पर सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर, डॉ. सुर्यांशु ओझा, आरडी यादव मौजूद रहे।