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लोनी में मिले महिला और बेटा-बेटी के शव
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घर में मिले महिला और बेटा-बेटी के शव
लोनी। उत्तरांचल विहार कॉलोनी में रविवार देर शाम घर के अंदर महिला प्रिया ( 26) बेटी नव्या ( 5) और 40 दिन के बेटे के शव मिले। प्रिया और नव्या के शव बरामदे में फंदे से लटके थे जबकि नवजात का शव बिस्तर पर था। घर में उस समय कोई और मौजूद नहीं था। पति अरविंद दूध लेने गया था। पुलिस जांच कर रही है कि महिला ने बच्चों की हत्या करके आत्महत्या की या फिर किसी और ने तीनों की हत्या की। मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना की वजह भी साफ नहीं हो पाई है।
मूलरूप से शामली निवासी अरविंद पुत्र चरण सिंह अपनी पत्नी प्रिया, बेटी नव्या (5) और 40 दिन के नवजात बेटे के साथ लोनी बेहटा हाजीपुर उत्तरांचल विहार कॉलोनी गली नंबर सात में आठ साल से रह रहे हैं। अरविंद का बड़ा भाई अमित पास में ही गली नंबर 15 में रहता है। अरविंद जेनरेटर से बिजली सप्लाई करने और प्रॉपर्टी डीलर का काम करते हैं। पुलिस ने बताया, रविवार शाम अरविंद घर से बाजार में दूध लेने गए थे।
उसने बताया है कि लौटा तो पहली मंजिल में बरामदे की चौखट पर प्रिया का शव रस्सी और नव्या का शव दुपट्टे से लटका हुआ मिला। अंदर कमरे में 40 दिन का बेटा बेड पर था। उसके गले पर रस्सी या दुपट्टा नहीं बंधा था लेकिन गहरे निशान थे। वह ऑटो में तीनों को दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने तीनों को मृत बताया । जीटीबी अस्पताल के स्टाफ ने लोनी बार्डर थाना पुलिस को मामले की सूचना दी।
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पति पर हत्या का आरोप, पुलिस ने की पूछताछ
लोनी। प्रिया के पिता अरुण दहिया 12 साल से लापता हैं। उसकी मां पूनम ने अरविंद के खिलाफ तहरीर दी है। इसमें आरोप लगाया है कि अरविंद ने ही तीनों की हत्या की है। उसका प्रिया से झगड़ा चल रहा था। उसके किसी और से संबंध हैं। प्रिया इसका विरोध कर रही थी। उसे रास्ते से हटाने के लिए उसने तीनों की जान ले ली। दहेज के लिए प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अरविंद से पूछताछ की। उससे यह भी पूछा कि उसने घटना की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी? पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसका कहना था कि उसे लगा कि तीनों की जान बच सकती है, इसलिए पहले अस्पताल ले गया। डॉक्टर ने तीनों की मौत हो जाने के बारे में बताया तो वह बदहवास हो गया था। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चल जाएगा कि तीनों की हत्या की गई या फिर महिला ने बच्चों की जान लेकर खुदकुशी की है। इसके बाद ही जांच आगे बढ़ सकेगी। कई लोगों से पूछताछ की गई है लेकिन घटना की वजह का पता नहीं चल सका है।
प्रेम विवाह किया था
प्रिया और अरविंद ने 2014 में घर से भागकर प्रेम विवाह किया था। इसके बाद प्रिया मायके में जाने से बचती थी। वह अपनी बहन के यहां जाती थी। प्रसव के लिए भी बहन के पास ही थी। बच्चा हो जाने के बाद वह वापस आई। उसे बीए के पेपर देने थे। उसका 20 जुलाई और फिर 24 जुलाई को पेपर था। इसलिए आई थी। इससे पहले वह कई प्रतियोगी परीक्षा दे चुकी थी। उसका सपना पुलिस में जाने का था।
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भाई को फोन कर अरविंद ने कहा, मैं भी बच्चों के पास जा रहा हूं
बेटे को बेड और बेटी-पत्नी को फंदे पर लटका देखकर भाई और बहन को किया था फोन
संवाद न्यूज एजेंसी
लोनी। प्रिया और दोनों बच्चों की मौत के बाद अरविंद ने अपने बड़े भाई अमित और बहन रीना से फोन पर बात की। अरविंद ने दोनों से कहा कि मुझे तलाश मत करना, मैं भी अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के पास जा रहा हूं। सुबह तीन नहीं चार लोगों का अंतिम संस्कार कर देना। यह कहने के बाद अरविंद का फोन बंद हो गया।
अमित ने पुलिस को सूचना दी। अरविंद आत्महत्या न कर ले, इसके चलते परिवार के लोग और पुलिस अरविंद को तलाशने जीटीबी अस्पताल में पहुंची। लेकिन अरविंद वहां कहीं नहीं मिले। इसके बाद परिवार के लोग और पुलिस रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, नहर समेत आसपास तलाशने लगे। रात भर तलाशने के बाद सुबह करीब चार बजे अरविंद जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बेसुध हालत में मिले। पुलिस ने अरविंद को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें दवाई दी। दवाई लेने के बाद वह होश में आए। अरविंद के होश में आने पर पुलिस और परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।
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लोनी। उत्तरांचल विहार कॉलोनी में रविवार देर शाम घर के अंदर महिला प्रिया ( 26) बेटी नव्या ( 5) और 40 दिन के बेटे के शव मिले। प्रिया और नव्या के शव बरामदे में फंदे से लटके थे जबकि नवजात का शव बिस्तर पर था। घर में उस समय कोई और मौजूद नहीं था। पति अरविंद दूध लेने गया था। पुलिस जांच कर रही है कि महिला ने बच्चों की हत्या करके आत्महत्या की या फिर किसी और ने तीनों की हत्या की। मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना की वजह भी साफ नहीं हो पाई है।
मूलरूप से शामली निवासी अरविंद पुत्र चरण सिंह अपनी पत्नी प्रिया, बेटी नव्या (5) और 40 दिन के नवजात बेटे के साथ लोनी बेहटा हाजीपुर उत्तरांचल विहार कॉलोनी गली नंबर सात में आठ साल से रह रहे हैं। अरविंद का बड़ा भाई अमित पास में ही गली नंबर 15 में रहता है। अरविंद जेनरेटर से बिजली सप्लाई करने और प्रॉपर्टी डीलर का काम करते हैं। पुलिस ने बताया, रविवार शाम अरविंद घर से बाजार में दूध लेने गए थे।
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उसने बताया है कि लौटा तो पहली मंजिल में बरामदे की चौखट पर प्रिया का शव रस्सी और नव्या का शव दुपट्टे से लटका हुआ मिला। अंदर कमरे में 40 दिन का बेटा बेड पर था। उसके गले पर रस्सी या दुपट्टा नहीं बंधा था लेकिन गहरे निशान थे। वह ऑटो में तीनों को दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने तीनों को मृत बताया । जीटीबी अस्पताल के स्टाफ ने लोनी बार्डर थाना पुलिस को मामले की सूचना दी।
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पति पर हत्या का आरोप, पुलिस ने की पूछताछ
लोनी। प्रिया के पिता अरुण दहिया 12 साल से लापता हैं। उसकी मां पूनम ने अरविंद के खिलाफ तहरीर दी है। इसमें आरोप लगाया है कि अरविंद ने ही तीनों की हत्या की है। उसका प्रिया से झगड़ा चल रहा था। उसके किसी और से संबंध हैं। प्रिया इसका विरोध कर रही थी। उसे रास्ते से हटाने के लिए उसने तीनों की जान ले ली। दहेज के लिए प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अरविंद से पूछताछ की। उससे यह भी पूछा कि उसने घटना की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी? पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसका कहना था कि उसे लगा कि तीनों की जान बच सकती है, इसलिए पहले अस्पताल ले गया। डॉक्टर ने तीनों की मौत हो जाने के बारे में बताया तो वह बदहवास हो गया था। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चल जाएगा कि तीनों की हत्या की गई या फिर महिला ने बच्चों की जान लेकर खुदकुशी की है। इसके बाद ही जांच आगे बढ़ सकेगी। कई लोगों से पूछताछ की गई है लेकिन घटना की वजह का पता नहीं चल सका है।
प्रेम विवाह किया था
प्रिया और अरविंद ने 2014 में घर से भागकर प्रेम विवाह किया था। इसके बाद प्रिया मायके में जाने से बचती थी। वह अपनी बहन के यहां जाती थी। प्रसव के लिए भी बहन के पास ही थी। बच्चा हो जाने के बाद वह वापस आई। उसे बीए के पेपर देने थे। उसका 20 जुलाई और फिर 24 जुलाई को पेपर था। इसलिए आई थी। इससे पहले वह कई प्रतियोगी परीक्षा दे चुकी थी। उसका सपना पुलिस में जाने का था।
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भाई को फोन कर अरविंद ने कहा, मैं भी बच्चों के पास जा रहा हूं
बेटे को बेड और बेटी-पत्नी को फंदे पर लटका देखकर भाई और बहन को किया था फोन
संवाद न्यूज एजेंसी
लोनी। प्रिया और दोनों बच्चों की मौत के बाद अरविंद ने अपने बड़े भाई अमित और बहन रीना से फोन पर बात की। अरविंद ने दोनों से कहा कि मुझे तलाश मत करना, मैं भी अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के पास जा रहा हूं। सुबह तीन नहीं चार लोगों का अंतिम संस्कार कर देना। यह कहने के बाद अरविंद का फोन बंद हो गया।
अमित ने पुलिस को सूचना दी। अरविंद आत्महत्या न कर ले, इसके चलते परिवार के लोग और पुलिस अरविंद को तलाशने जीटीबी अस्पताल में पहुंची। लेकिन अरविंद वहां कहीं नहीं मिले। इसके बाद परिवार के लोग और पुलिस रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, नहर समेत आसपास तलाशने लगे। रात भर तलाशने के बाद सुबह करीब चार बजे अरविंद जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बेसुध हालत में मिले। पुलिस ने अरविंद को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें दवाई दी। दवाई लेने के बाद वह होश में आए। अरविंद के होश में आने पर पुलिस और परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।