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10 मरीजों की मौत के बाद आया ब्लैक फंगस का इंजेक्शन
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10 मरीजों की मौत के बाद आया
गाजियाबाद। जिले में ब्लैक फंगस के 10 मरीजों के मौत के बाद उपचार के लिए प्रशासन इंजेक्शन का इंतजाम कर पाया। अब मरीजों को इंजेक्शन के लिए मेरठ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, क्योंकि अब गाजियाबाद में ही बृहस्पतिवार से इंजेक्शन मिलना शुरू हो गया है। पहले दिन सीएमओ कार्यालय को 80 इंजेक्शन मिले हैं। अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती 12 मरीजों के परिजन दो-दो इंजेक्शन ले गए। सीएमओ की संस्तुति पर रेड क्रॉस सोसायटी में शुल्क जमा करके मरीजों के परिजन इंजेक्शन ले सकेंगे। जिले में सरकारी स्तर पर ब्लैक फंगस के मरीजों को भर्ती करके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीज को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि अब मरीजों को डाक्टर के पर्चे पर प्रतिदिन कार्यालय से छह हजार रुपये प्रति इंजेक्शन दिए जाएंगे। जिले में अब तक ब्लैक फंगस के 10 मरीजों की मौत होने के बाद एंफेटेरोसिन-बी इंजेक्शन मिला है। पहले मरीज की मौत 10 मई को हुई थी। जिले में इंजेक्शन न मिलने से पहली मौत 18 मई को सिहानी के एक किसान की हुई थी। अब तक जिले में 88 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से अभी 16 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि अन्य मरीजों का घर से इलाज चल रहा है।
ब्लैक फंगस के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि अब तक हर्ष ईएनटी अस्पताल 4, मैक्स अस्पताल वैशाली में पांच और यशोदा में एक मरीज की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि हर्ष और यशोदा अस्पताल की ओर मरीज की मौत की सूचना मिल रही है, लेकिन मैक्स अस्पताल की ओर से सूचना नहीं दी गई है। अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
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गाजियाबाद। जिले में ब्लैक फंगस के 10 मरीजों के मौत के बाद उपचार के लिए प्रशासन इंजेक्शन का इंतजाम कर पाया। अब मरीजों को इंजेक्शन के लिए मेरठ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, क्योंकि अब गाजियाबाद में ही बृहस्पतिवार से इंजेक्शन मिलना शुरू हो गया है। पहले दिन सीएमओ कार्यालय को 80 इंजेक्शन मिले हैं। अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती 12 मरीजों के परिजन दो-दो इंजेक्शन ले गए। सीएमओ की संस्तुति पर रेड क्रॉस सोसायटी में शुल्क जमा करके मरीजों के परिजन इंजेक्शन ले सकेंगे। जिले में सरकारी स्तर पर ब्लैक फंगस के मरीजों को भर्ती करके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीज को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि अब मरीजों को डाक्टर के पर्चे पर प्रतिदिन कार्यालय से छह हजार रुपये प्रति इंजेक्शन दिए जाएंगे। जिले में अब तक ब्लैक फंगस के 10 मरीजों की मौत होने के बाद एंफेटेरोसिन-बी इंजेक्शन मिला है। पहले मरीज की मौत 10 मई को हुई थी। जिले में इंजेक्शन न मिलने से पहली मौत 18 मई को सिहानी के एक किसान की हुई थी। अब तक जिले में 88 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से अभी 16 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि अन्य मरीजों का घर से इलाज चल रहा है।
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ब्लैक फंगस के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि अब तक हर्ष ईएनटी अस्पताल 4, मैक्स अस्पताल वैशाली में पांच और यशोदा में एक मरीज की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि हर्ष और यशोदा अस्पताल की ओर मरीज की मौत की सूचना मिल रही है, लेकिन मैक्स अस्पताल की ओर से सूचना नहीं दी गई है। अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
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