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एक ही संपत्ति को दो बैंकों में बंधक रख लाखों का लोन डकारा
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एक ही संपत्ति को दो बैंकों में बंधक रख लाखों का लोन डकारा
गाजियाबाद। वसुंधरा सेक्टर-5 में एक ही जमीन को दो स्थानों पर बंधक रखकर लाखों रुपये डकारने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक कुमार ने बिल्डर विजयंत जैन व इंदु जैन, फ्लैट खरीदार धनेश सिंघल व गारंटर लोकेश सिंघल के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर नगर कोतवाली में केस दर्ज कराया है। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि जिस जमीन को पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में बंधक रख लोन लिया गया, उसी में बने फ्लैट पर उनके बैंक से लोन निकाला गया। पुलिस का कहना है कि जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
एसबीआई नवयुग मार्केट के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक कुमार का कहना है कि स्वर्णजतंयीपुरम निवासी धनेश सिंघल ने सेक्टर-5 वसुंधरा में एक संपत्ति खरीदने के लिए एसबीआई में लोन का आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी करने के बाद बैंक ने 22 जून 2012 क ो धनेश सिंघल के नाम 25 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि सेक्टर-5 वसुंधरा में जिस स्थान पर धनेश सिंघल को प्रॉपर्टी लेनी थी, उस स्थान पर विजयंत जैन व इंदु जैन निवासीगण रामप्रस्था, लिंक रोड के द्वारा कई फ्लैट का निर्माण किया गया है। 12 जुलाई 2012 को भूतल पर 85.58 वर्गमीटर फ्लैट का बैनामा धनेश सिंघल के नाम हो गया। लोन के एवज में फ्लैट के समस्त दस्तावेज बैंक ने अपने पास बंधक रख लिए।
लोन की अदायगी की गारंटी स्वर्णजयंतीपुरम निवासी लोकेश सिंघल के द्वारा दी गई थी। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि आठ अक्तूबर 2017 को पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के अधिकारी उक्त संपत्ति पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि विजयंत जैन व इंदु जैन ने उक्त संपत्ति को बंधक रखकर उनकी कंपनी से लोन लिया है। नियमित रूप से ऋण अदायगी न होने पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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अनाधिकृत रूप से बेचे गए फ्लैट
क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि विजयंत जैन, इंदु जैन ने उनके बैंक के अलावा दूसरी संस्था से भी एक ही संपत्ति पर लोन ले रखा है। लोन का भुगतान किए बिना फ्लैट अनाधिकृत रूप से बेचे गए हैं। उनमें से धनेश सिंघल का भी एक प्लॉट शामिल है। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि विजयंत जैन और इंदु जैन ने धनेश सिंघल और लोकेश सिंघल के साथ मिलकर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ धोखाधड़ी की है। एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। नगर कोतवाल संदीप सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। वसुंधरा सेक्टर-5 में एक ही जमीन को दो स्थानों पर बंधक रखकर लाखों रुपये डकारने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक कुमार ने बिल्डर विजयंत जैन व इंदु जैन, फ्लैट खरीदार धनेश सिंघल व गारंटर लोकेश सिंघल के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर नगर कोतवाली में केस दर्ज कराया है। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि जिस जमीन को पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में बंधक रख लोन लिया गया, उसी में बने फ्लैट पर उनके बैंक से लोन निकाला गया। पुलिस का कहना है कि जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
एसबीआई नवयुग मार्केट के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक कुमार का कहना है कि स्वर्णजतंयीपुरम निवासी धनेश सिंघल ने सेक्टर-5 वसुंधरा में एक संपत्ति खरीदने के लिए एसबीआई में लोन का आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी करने के बाद बैंक ने 22 जून 2012 क ो धनेश सिंघल के नाम 25 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि सेक्टर-5 वसुंधरा में जिस स्थान पर धनेश सिंघल को प्रॉपर्टी लेनी थी, उस स्थान पर विजयंत जैन व इंदु जैन निवासीगण रामप्रस्था, लिंक रोड के द्वारा कई फ्लैट का निर्माण किया गया है। 12 जुलाई 2012 को भूतल पर 85.58 वर्गमीटर फ्लैट का बैनामा धनेश सिंघल के नाम हो गया। लोन के एवज में फ्लैट के समस्त दस्तावेज बैंक ने अपने पास बंधक रख लिए।
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लोन की अदायगी की गारंटी स्वर्णजयंतीपुरम निवासी लोकेश सिंघल के द्वारा दी गई थी। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि आठ अक्तूबर 2017 को पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के अधिकारी उक्त संपत्ति पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि विजयंत जैन व इंदु जैन ने उक्त संपत्ति को बंधक रखकर उनकी कंपनी से लोन लिया है। नियमित रूप से ऋण अदायगी न होने पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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अनाधिकृत रूप से बेचे गए फ्लैट
क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि विजयंत जैन, इंदु जैन ने उनके बैंक के अलावा दूसरी संस्था से भी एक ही संपत्ति पर लोन ले रखा है। लोन का भुगतान किए बिना फ्लैट अनाधिकृत रूप से बेचे गए हैं। उनमें से धनेश सिंघल का भी एक प्लॉट शामिल है। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि विजयंत जैन और इंदु जैन ने धनेश सिंघल और लोकेश सिंघल के साथ मिलकर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ धोखाधड़ी की है। एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। नगर कोतवाल संदीप सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।