गाजियाबादः जीएच-7 सोसायटी में लगी आग, देखते-देखते हुई विकराल, बुझने के 20 मिनट बाद पहुंची फायर ब्रिगेड
- आग बुझने के 20 मिनट बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी
- सोसायटी में लगे 50 प्रतिशत अग्निशमन यंत्रों ने नहीं किया काम
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क्रासिंग रिपब्लिक की जीएच-7 सोसायटी में गुरुवार की सुबह करीब 9ः30 बजे शार्ट सर्किंट से टेलीकॉम साफ्ट की लाइन में आग लग गई। आग लगते ही सोसायटी में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। लोग अपने परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर फ्लैट से बाहर भागने लगे।
सोसायटी के लोगों ने अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन कई यंत्रों ने काम नहीं किया। कुछ ही देर में आग सातवीं मंजिल से 14वीं मंजिल तक पहुंच गई। सिक्योरिटी एवं मेंटिनेंस के लोगों ने रेजिडेंस की मदद से आग पर काबू पाया।
आग बुझने के 20 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। सोसायटी के लोगों ने मेंटिनेंस के पदाधिकारियों पर कई आरोप लगाए। टॉवर के अंदर 52 परिवारों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।
सोसायटी के अंदर करीब 12 हजार लोग रहते हैं। गुरुवार की सुबह क्रासिंग रिपब्लिक की जीएच-7 सोसायटी के ब्लाक-ई 2 के टॉवर-2 में करीब सुबह 9ः30 बजे सावतीं मंजिल पर टेलीकॉम साफ्ट एवं इलेक्ट्रिक वायर में अचानक से आग लग गई।
कुछ ही क्षण में आग बहुत तेजी से बढ़ गई और सातवीं मंजिल से कुछ देर में 14वीं मंजिल तक पहुंच गई। जैसे-जैसे लोगों को आग लगने की एवं धुआं निकलने की जानकारी हुई। लोग फ्लैट से बाहर निकलने लगे। चारों तरफ से अफरा-तफरी और चीख पुकार की आवाज आने लगीं।
कुछ लोग अपने बच्चे और परिवार के सदस्यों को लेकर सोसायटी से बाहर भागने लगे। लोगों ने अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन 50 प्रतिशत यंत्रों ने काम ही नहीं किया। सोसायटी के लोगों ने मेंटिनेंस के लोगों को जानकारी दी।
धुआं निकलता देख सिक्योरिटी के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड को आग की सूचना दी गई थी। लोगों का आरोप है कि आग बुझने के 20 मिनट बाद गाड़ी पहुंची। यदि कुछ देर और आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
- आग का विकराल रूप देखकर डर गए लोग
जीएच-7 सोसायटी के ब्लाक-ई-2 के टॉवर-2 में आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया था। धुआं और आग की लपटों को देखकर लोग डर गए। उन्हें लगा की आग पूरी सोसायटी में फैल जाएगी। इस लिए वह फ्लैटों से निकलकर भागने लगे। लोगों को अनुमान था कि जिस तरह से आग लगी है, उसे देखकर लगता है कि इतनी जल्दी काबू नहीं पाया जा सकता है। सिक्योरिटी और लोगों ने साहस करके आग को बुझाया।
लाइट कटी, जीने से भागने लगे लोग
- फायर अलार्म ने नहीं किया काम
सोसायटी में आग लगने के बाद लोगों ने फायर अलार्म बजाया, लेकिन वह नहीं चला। इसके बाद लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। तब जाकर लोग फ्लैट से बाहर निकले। धुआं के कारण लोगों का फ्लैट में दम घुटने लगा। गनीमत रही कि आग फ्लैट तक नहीं पहुंची। टेलीकॉम इलेक्ट्रिकल वायर वाले रास्ते ही आग 14वीं मंजिल तक पहुंच गई।
- अग्निशमन यंत्रों पर लगे रहे जाले
सोसायटी के लोगों ने आरोप लगाया कि मेंटिनेंस के पदाधिकारी अग्निशमन यंत्रों पर जरा भी ध्यान नहीं देते हैं। अधिकतर यंत्र जालों से घिरे हुए हैं। यही कारण था कि आग बुझाने के दौरान अधिकतर यंत्र काम नहीं कर रहे थे। यदि मेंटिनेंस के लोग इन पर ध्यान देते तो आग सातवीं मंजिल पर लगी थी। वहीं काबू पा लिया जाता। आरोप लगाया कि उनसे कुछ कहा जाता है तो वह सही से बात भी नहीं करते हैं।