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लोनी लिंटर हादसा: कमलेश की आंत और लीवर का सफल हुआ ऑपरेशन
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लोनी लिंटर हादसा: कमलेश की आंत और लीवर का सफल हुआ ऑपरेशन
रिची कुमार
लोनी। रूपनगर में लिंटर गिरने की घटना में घायल कमलेश को बचाने के लिए चिकित्सकों को उसके लीवर और आंत का ऑपरेशन करना पड़ा। हादसे के दौरान उनके पेट में लोहे का सरिया और लकड़ी के फट्टे घुस गए थे। दिल्ली के एम्स में उनका इलाज चल रहा है और हालत खतरे से बाहर है। कमलेश के साले हरिशंकर ने बताया कि पेट में सरिया और लकड़ी के फट्टे घुस गए थे। पहले उनको दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर कमलेश को एम्स रेफर किया गया। हरिशंकर ने बताया कि डॉक्टरों ने कमलेश के लिवर और आंत का ऑपरेशन किया, जो सफल रहा। कमलेश के पैर में चार इंच का घाव है, आंख में चोट लगी है। इसके अलावा शरीर के कई अंगों पर गुम चोट लगी है। अभी अस्पताल से छुट्टी मिलने में समय लगेगा। कमलेश घर में अकेला कमाने वाला है। परिवार में पत्नी ओमवती, तीन बेटियां शिवानी, गुंजन और किट्टू हैं। पत्नी भी बीमार रहती हैं। अब हरिशंकर ही कमलेश का इलाज करा रहे हैं। घटना के बाद कमलेश के परिवार में खाने और इलाज का संकट आ गया है। उनके परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। वह बहुत परेशान है।
राजेश ने 650 रुपये दिहाड़ी पर रखा था
हरिशंकर ने बताया कि कमलेश और उनके भाई संजीव को घटना से 10 दिनों पहले राजेश ठेकेदार ने काम पर रखा था। दोनों मजदूरी करते हैं। करीब 650 रुपये दिहाड़ी तय हुई थी। ठेकेदार ने लिंटर डलने के बाद मेहनताना देने के लिए कहा था लेकिन घटना में ठेकेदार की ही मौत हो गई। हरिशंकर ने बताया कि वह और उनके परिवार के अन्य सदस्य लोनी में काम के लिए आ हैं। वह लोनी बंद फाटक उत्तरांचल विहार कॉलोनी में रह रहे है।
आरोपी पिता-पुत्र का सुराग नहीं
रूपनगर कॉलोनी में लिंटर गिरने की घटना को एक सप्ताह हो गया और पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी करने के लिए ठिकानों पर दबिश दी है लेकिन सुराग नहीं लग सका है। डीसीपी ग्रामीण रवि कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपी आकाश और उसके पिता बिजेंद्र शर्मा ने अपने फोन को बंद कर रखे हैं। कुछ करीबी रिश्तेदार भी फरार हैं। एक आरोपी मदनलाल शर्मा का पुलिस की निगरानी में यशोदा अस्पताल में इलाज चल रहा है। इलाज के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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रिची कुमार
लोनी। रूपनगर में लिंटर गिरने की घटना में घायल कमलेश को बचाने के लिए चिकित्सकों को उसके लीवर और आंत का ऑपरेशन करना पड़ा। हादसे के दौरान उनके पेट में लोहे का सरिया और लकड़ी के फट्टे घुस गए थे। दिल्ली के एम्स में उनका इलाज चल रहा है और हालत खतरे से बाहर है। कमलेश के साले हरिशंकर ने बताया कि पेट में सरिया और लकड़ी के फट्टे घुस गए थे। पहले उनको दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर कमलेश को एम्स रेफर किया गया। हरिशंकर ने बताया कि डॉक्टरों ने कमलेश के लिवर और आंत का ऑपरेशन किया, जो सफल रहा। कमलेश के पैर में चार इंच का घाव है, आंख में चोट लगी है। इसके अलावा शरीर के कई अंगों पर गुम चोट लगी है। अभी अस्पताल से छुट्टी मिलने में समय लगेगा। कमलेश घर में अकेला कमाने वाला है। परिवार में पत्नी ओमवती, तीन बेटियां शिवानी, गुंजन और किट्टू हैं। पत्नी भी बीमार रहती हैं। अब हरिशंकर ही कमलेश का इलाज करा रहे हैं। घटना के बाद कमलेश के परिवार में खाने और इलाज का संकट आ गया है। उनके परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। वह बहुत परेशान है।
राजेश ने 650 रुपये दिहाड़ी पर रखा था
हरिशंकर ने बताया कि कमलेश और उनके भाई संजीव को घटना से 10 दिनों पहले राजेश ठेकेदार ने काम पर रखा था। दोनों मजदूरी करते हैं। करीब 650 रुपये दिहाड़ी तय हुई थी। ठेकेदार ने लिंटर डलने के बाद मेहनताना देने के लिए कहा था लेकिन घटना में ठेकेदार की ही मौत हो गई। हरिशंकर ने बताया कि वह और उनके परिवार के अन्य सदस्य लोनी में काम के लिए आ हैं। वह लोनी बंद फाटक उत्तरांचल विहार कॉलोनी में रह रहे है।
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आरोपी पिता-पुत्र का सुराग नहीं
रूपनगर कॉलोनी में लिंटर गिरने की घटना को एक सप्ताह हो गया और पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी करने के लिए ठिकानों पर दबिश दी है लेकिन सुराग नहीं लग सका है। डीसीपी ग्रामीण रवि कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपी आकाश और उसके पिता बिजेंद्र शर्मा ने अपने फोन को बंद कर रखे हैं। कुछ करीबी रिश्तेदार भी फरार हैं। एक आरोपी मदनलाल शर्मा का पुलिस की निगरानी में यशोदा अस्पताल में इलाज चल रहा है। इलाज के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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