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Ghaziabad News: 150 पुलिसकर्मियों ने 145 घंटे में दरिंदे को था पकड़ा
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150 पुलिसकर्मियों ने 145 घंटे में दरिंदे को था पकड़ा
सुमित कुमार
साहिबाबाद। पांच साल की मासूम से दरिंदगी के बाद हुई हत्या के मामले में शनिवार को जिले के 23 थानों से उन 150 अधिकारी व पुलिसकर्मियों की मेहनत रंग लाई,जो दरिंदे को पकड़ने के लिए 145 घंटे तक जांच में जुटे थे। डीसीपी डॉ. दीक्षा शर्मा का कहना है कि एक दिसंबर 2022 की दोपहर तीन बजे बच्ची के अगवा होने की सूचना पर पुलिस हरकत में आ गई थी। चौकी प्रभारी शिशुपाल सोलंकी और प्रभारी निरीक्षक सचिन मलिक घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान के आधार पर बच्चा चोर गिरोह की तलाश में जुटे थे। रात आठ बजे एडीसीपी अपराध ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने साहिबाबाद थाने का पूरा फोर्स बच्ची की तलाश में लगा दिया। दो दिसंबर की सुबह बच्ची का शव सिटी फॉरेस्ट में पेड़ व झाड़ियों के बीच मिलते ही अधिकारियों के पसीने छूट गए थे।
25 युवकों का मेडिकल और 90 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
एडीसीपी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कालोनी के करीब 25 युवाओं को हिरासत में लेकर उनका मेडिकल भी कराया, जबकि 90 से अधिक लोगों से पूछताछ की। इतना ही नहीं, सिटी फोरेस्ट के गेट समेत अन्य मुख्य प्वाइंटों पर सीसीटीवी भी खराब मिले। या फिर जो कैमरे सही थे, उनमें बिजली कटौती के कारण रिकॉर्डिंग नहीं हुई थी।
चाय की दुकान से मिला दरिंदे के घर का पता
छह दिसंबर की रात दस बजे पुलिस टीमें स्कैच और फुटेज के साथ दरिंदे की तलाश में नंदग्राम थाना क्षेत्र पहुंची तो वहां कोई दिशा नजर नहीं आई। रात के 11 बजे टीमें एक खोखे पर रुकी और वहां चाय पी। तभी चायवाले को दरिंदे की फोटो दिखाई तो उसने दरिंदे की पहचान सोनू गुप्ता के रूप में कर उसका घर भी दिखाया। पुख्ता जानकारी होने पर टीम ने रात साढ़े तीन बजे तक सोनू का बाहर निकलने का इंतजार किया लेकिन सुबह पांच बजे उसे मौका मिलते ही दबोच लिया।
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सुमित कुमार
साहिबाबाद। पांच साल की मासूम से दरिंदगी के बाद हुई हत्या के मामले में शनिवार को जिले के 23 थानों से उन 150 अधिकारी व पुलिसकर्मियों की मेहनत रंग लाई,जो दरिंदे को पकड़ने के लिए 145 घंटे तक जांच में जुटे थे। डीसीपी डॉ. दीक्षा शर्मा का कहना है कि एक दिसंबर 2022 की दोपहर तीन बजे बच्ची के अगवा होने की सूचना पर पुलिस हरकत में आ गई थी। चौकी प्रभारी शिशुपाल सोलंकी और प्रभारी निरीक्षक सचिन मलिक घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान के आधार पर बच्चा चोर गिरोह की तलाश में जुटे थे। रात आठ बजे एडीसीपी अपराध ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने साहिबाबाद थाने का पूरा फोर्स बच्ची की तलाश में लगा दिया। दो दिसंबर की सुबह बच्ची का शव सिटी फॉरेस्ट में पेड़ व झाड़ियों के बीच मिलते ही अधिकारियों के पसीने छूट गए थे।
25 युवकों का मेडिकल और 90 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
एडीसीपी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कालोनी के करीब 25 युवाओं को हिरासत में लेकर उनका मेडिकल भी कराया, जबकि 90 से अधिक लोगों से पूछताछ की। इतना ही नहीं, सिटी फोरेस्ट के गेट समेत अन्य मुख्य प्वाइंटों पर सीसीटीवी भी खराब मिले। या फिर जो कैमरे सही थे, उनमें बिजली कटौती के कारण रिकॉर्डिंग नहीं हुई थी।
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चाय की दुकान से मिला दरिंदे के घर का पता
छह दिसंबर की रात दस बजे पुलिस टीमें स्कैच और फुटेज के साथ दरिंदे की तलाश में नंदग्राम थाना क्षेत्र पहुंची तो वहां कोई दिशा नजर नहीं आई। रात के 11 बजे टीमें एक खोखे पर रुकी और वहां चाय पी। तभी चायवाले को दरिंदे की फोटो दिखाई तो उसने दरिंदे की पहचान सोनू गुप्ता के रूप में कर उसका घर भी दिखाया। पुख्ता जानकारी होने पर टीम ने रात साढ़े तीन बजे तक सोनू का बाहर निकलने का इंतजार किया लेकिन सुबह पांच बजे उसे मौका मिलते ही दबोच लिया।
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