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महिला को बंदर ने काटा, सिर में आएं छह टांके
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महिला को बंदर ने काटा, सिर में आएं छह टांके
साहिबाबाद। शालीमार गार्डन एक्सटेंशन दो महागुन सोसायटी में बंदर ने महिला के सिर में काट लिया। इससे उनके सिर में छह टांके आए हैं। इस घटना के बाद सोसायटी के लोग काफी घबराए हुए हैं। लोगों का आरोप है सोसायटी में 15-20 बंदरों का आतंक है। इससे पहले भी तीन से चार घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल पा रही है।
महिला के दामाद अनिल भारद्वाज ने बताया कि शनिवार की दोपहर उनकी सास बालकनी में खड़ी थी, इसी दौरान 15 से 20 बंदरों का झुंड आया। वह बंदरों को देखकर जैसे ही घर में अंदर घुसने लगीं तो एक बंदर आया। झपट्टा मारकर उन्हें गिरा दिया और बाल खींच लिए। इसके बाद सिर में काटकर भाग गया। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में ले जाया गया। इससे पहले उनकी नौकरानी पर भी बंदर ने हमला कर दिया था। यहां 15-20 बंदरों को झुंड महीने में दो से तीन बार आता है और सोसायटी के लोगों पर हमला करता है।
एमएमजी अस्पताल में नहीं मिला सही इलाज
अनिल ने बताया कि शनिवार को उन्हें एमएमजी अस्पताल में लेकर गए तो वहां सही इलाज नहीं मिल सका। प्राथमिक इलाज के बाद वह अपनी सास को घर ले आए। इसके बाद रविवार को वह उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में लेकर गए। जहां उनका इलाज कराया।
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साहिबाबाद। शालीमार गार्डन एक्सटेंशन दो महागुन सोसायटी में बंदर ने महिला के सिर में काट लिया। इससे उनके सिर में छह टांके आए हैं। इस घटना के बाद सोसायटी के लोग काफी घबराए हुए हैं। लोगों का आरोप है सोसायटी में 15-20 बंदरों का आतंक है। इससे पहले भी तीन से चार घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल पा रही है।
महिला के दामाद अनिल भारद्वाज ने बताया कि शनिवार की दोपहर उनकी सास बालकनी में खड़ी थी, इसी दौरान 15 से 20 बंदरों का झुंड आया। वह बंदरों को देखकर जैसे ही घर में अंदर घुसने लगीं तो एक बंदर आया। झपट्टा मारकर उन्हें गिरा दिया और बाल खींच लिए। इसके बाद सिर में काटकर भाग गया। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में ले जाया गया। इससे पहले उनकी नौकरानी पर भी बंदर ने हमला कर दिया था। यहां 15-20 बंदरों को झुंड महीने में दो से तीन बार आता है और सोसायटी के लोगों पर हमला करता है।
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एमएमजी अस्पताल में नहीं मिला सही इलाज
अनिल ने बताया कि शनिवार को उन्हें एमएमजी अस्पताल में लेकर गए तो वहां सही इलाज नहीं मिल सका। प्राथमिक इलाज के बाद वह अपनी सास को घर ले आए। इसके बाद रविवार को वह उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में लेकर गए। जहां उनका इलाज कराया।
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