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गाजियाबाद में डेंगू से मेजर की मौत: एक माह की छुट्टी पर आए थे घर, एक नवंबर को आया था बुखार
Sun, 20 Nov 2022 08:30 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 20 Nov 2022 08:30 AM IST
सार
मेजर सैय्यद अबुल कासिम के मामा अब्बास नकवी ने बताया कि सैय्यद अबुल कासिम भारतीय सेना में कार्यरत थे। उनकी तैनाती लेह में थी। पांच अक्तूबर को एक माह की छ़ुट्टी लेकर घर आए थे। उनको पांच नवंबर को लेह पहुंचकर रिपोर्टिंग करनी थी। उन्होंने बताया कि अबुल को एक नवंबर को बुखार आया था।
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मेजर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंदिरापुरम के अभयखंड निवासी मेजर सैय्यद अबुल कासिम (31) की दिल्ली के आरआर अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डेंगू से मौत होने का दावा किया है। मेजर के पार्थिव शरीर को नोएडा के सेक्टर 94 में सैनिक सम्मान के साथ करबला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने जिले से बाहर मरीज के संक्रमित होने और दिल्ली में मौत होने का हवाला दिया है।
मेजर के मामा अब्बास नकवी ने बताया कि सैय्यद अबुल कासिम भारतीय सेना में कार्यरत थे। उनकी तैनाती लेह में थी। पांच अक्तूबर को एक माह की छ़ुट्टी लेकर घर आए थे। उनको पांच नवंबर को लेह पहुंचकर रिपोर्टिंग करनी थी। उन्होंने बताया कि अबुल को एक नवंबर को बुखार आया था।
उपचार के लिए हिंडन अस्पताल गए थे। वहां पर चिकित्सकों ने सैंपल लेकर अगले दिन से उपचार कराने की बात कही थी। बुखार नहीं उतरने पर तीन नवंबर को उन्हें सेना के बेस अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया गया।
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वहां पर डेंगू की पुष्टि होने पर उपचार शुरू हो गया। उसके बाद चिकित्सकों ने आरआर अस्पताल में रेफर कर दिया। मामा के मुताबिक चिकित्सकों ने बुखार में शरीर के कई ऑर्गन प्रभावित होने की जानकारी दी। शुक्रवार सुबह नौ बजे मेजर की मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नहीं किया सर्वे
अभयखंड तीन निवासी भाजपा वर्ग सचिव व पूर्व सैनिक हरीश कड़ाकोटी ने बताया कि मेजर की मौत डेंगू से हुई है। अभी तक नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई भी सर्वे के लिए नहीं आया है। वहीं, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि सरकारी व निजी लैब की ओर से डेंगू से मौत होने के मामले की कोई जानकारी नहीं मिली है। परिवार की ओर से भी कोई सूचना नहीं दी गई है। डेंगू पीड़ित के घर के आसपास एंटी लावा का छिड़काव व फॉगिंग कराई जाती है।
नार्थ इंडिया हेड हैं मेजर के पिता
अब्बास नकवी ने बताया कि मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले इंजीनियर दिलदार अली जैदी करीब 15 साल से अभयखंड तीन के वरदान अपार्टमेंट के एसएस 56 में परिवार संग रह रहते हैं। वह एक निजी कंपनी में नार्थ इंडिया हेड हैं। दिलदार अली की पत्नी हाउस वाइफ हैं। उनका बड़ा बेटा सैय्यद अबुल वर्ष 2015 में सेना में भर्ती हुआ था। मेजर की पत्नी नीदरलैंड में साइंटिस्ट की पढ़ाई कर रही हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि मेजर जिले के रहने वाले थे लेकिन वह बाहर से संक्रमित होकर आए थे। उनका उपचार भी दिल्ली में चल रहा था। वहीं पर उनकी मौत हुई है।
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मेजर के मामा अब्बास नकवी ने बताया कि सैय्यद अबुल कासिम भारतीय सेना में कार्यरत थे। उनकी तैनाती लेह में थी। पांच अक्तूबर को एक माह की छ़ुट्टी लेकर घर आए थे। उनको पांच नवंबर को लेह पहुंचकर रिपोर्टिंग करनी थी। उन्होंने बताया कि अबुल को एक नवंबर को बुखार आया था।
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उपचार के लिए हिंडन अस्पताल गए थे। वहां पर चिकित्सकों ने सैंपल लेकर अगले दिन से उपचार कराने की बात कही थी। बुखार नहीं उतरने पर तीन नवंबर को उन्हें सेना के बेस अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया गया।
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वहां पर डेंगू की पुष्टि होने पर उपचार शुरू हो गया। उसके बाद चिकित्सकों ने आरआर अस्पताल में रेफर कर दिया। मामा के मुताबिक चिकित्सकों ने बुखार में शरीर के कई ऑर्गन प्रभावित होने की जानकारी दी। शुक्रवार सुबह नौ बजे मेजर की मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नहीं किया सर्वे
अभयखंड तीन निवासी भाजपा वर्ग सचिव व पूर्व सैनिक हरीश कड़ाकोटी ने बताया कि मेजर की मौत डेंगू से हुई है। अभी तक नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई भी सर्वे के लिए नहीं आया है। वहीं, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि सरकारी व निजी लैब की ओर से डेंगू से मौत होने के मामले की कोई जानकारी नहीं मिली है। परिवार की ओर से भी कोई सूचना नहीं दी गई है। डेंगू पीड़ित के घर के आसपास एंटी लावा का छिड़काव व फॉगिंग कराई जाती है।
नार्थ इंडिया हेड हैं मेजर के पिता
अब्बास नकवी ने बताया कि मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले इंजीनियर दिलदार अली जैदी करीब 15 साल से अभयखंड तीन के वरदान अपार्टमेंट के एसएस 56 में परिवार संग रह रहते हैं। वह एक निजी कंपनी में नार्थ इंडिया हेड हैं। दिलदार अली की पत्नी हाउस वाइफ हैं। उनका बड़ा बेटा सैय्यद अबुल वर्ष 2015 में सेना में भर्ती हुआ था। मेजर की पत्नी नीदरलैंड में साइंटिस्ट की पढ़ाई कर रही हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि मेजर जिले के रहने वाले थे लेकिन वह बाहर से संक्रमित होकर आए थे। उनका उपचार भी दिल्ली में चल रहा था। वहीं पर उनकी मौत हुई है।