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400 से ज्यादा वाहन चुराने वाले गिरोह के तीन शातिर गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Sep 2022 12:54 AM IST
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400 से ज्यादा वाहन चुराने वाले गिरोह के तीन शातिर गिरफ्तार
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साहिबाबाद। पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में एक महिला भी शामिल है। पकड़े गए बदमाश 12 साल से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। तीनों शातिर दिल्ली एनसीआर में 400 से ज्यादा बड़े वाहन चुरा चुके हैं। हालांकि, गिरोह के सरगना समेत चार शातिर अभी पुलिस की पहुंच से दूर हैं।
एसपी सिटी द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार को चेकिंग के दौरान लाजपत नगर कट के पास से जमशेद निवासी सैफका सराय जिला संभल, सालिम निवासी ठेक दरीबा चमन सराय जिला संभल व रानी निवासी सैफका सराय को गिरफ्तार किया। तीनों के पास से दिल्ली से चोरी की हुई ब्रेजा कार, दो नंबर प्लेट, एक आरसी और 1800 नशीली गोलियां बरामद हुईं। पूछताछ में शातिरों ने बताया कि तीनों और गुलजार जनता फ्लैट ओखला दिल्ली में रहते हैं। वह बड़े वाहन कैंटर, ट्रक आदि चोरी करते थे। 25 मई को भोपुरा व 18 जून को तुलसी निकेतन पार्क के पास दो कैंटर, 24 अगस्त को आराधना सिनेमा हाल के सामने, 29 अगस्त को किसान टिंबर कंपनी के सामने तीन कैंटर चोरी किए थे। वाहन चोरी के बाद सलीम खान निवासी जैतपुर दिल्ली को दे दिए थे। सलीम खान बब्बू प्रधान की मदद से वाहनों को ठिकाने लगाता था। तीनों सदस्य बब्बू प्रधान गिरोह के लिए काम करते हैं। रानी भी गिरोह की सदस्य है। तीनों पर 42 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। सालिम पर दिल्ली, संभल व गाजियाबाद के कई थानों में वाहन चोरी व एनडीपीएस एक्ट 35 तो जमशेद पर दिल्ली व गाजियाबाद में पांच मुकदमे और रानी पर दो मुकदमे दर्ज हैं।
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कार से जाते थे वाहन चुराने
साहिबाबाद सीओ स्वतंत्र कुुमार सिंह ने बताया कि गिरोह के सदस्य बड़े वाहनों की रेकी करते थे। मौका पाकर वाहनों के गेट का लॉक तोड़कर अंदर घुस जाते थे। डेसबोर्ड के नीचे फैली वायरिंग में छेेड़छाड़ कर वाहन को स्टार्ट कर लेते थे। तीनों ब्रेजा व सेंट्रो कार से वाहन चोरी करने जाते थे। वारदात को अंजाम के बाद जमशेद ही वाहन साथ लेकर जाता था।
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पुलिस से बचने को भाभी को बनाया ढाल
जमेशद ने अपनी भाभी को चार साल पहले गिरोह में शामिल कराया था। जमेशद भाभी का इस्तेमाल पुलिस से बचने के लिए भी करता था। वह भाभी को कार में आगे ही बैठाता था। वाहन में महिला के बैठे होने से पुलिस भी पूछताछ से बचती थी। इसके चलते गिरोह आसानी से वाहनों की रेकी कर पाता था। शादी के बाद जमशेद ने अपनी भाभी रानी को मुंह दिखाई में गिरोह की एंट्री का ऑफर दिया था। रानी के तेजतर्रार होने के चलते पति गुलजार व देवर जमशेद से अच्छा तालमेल था। जमशेद रानी के नाम पर ही सिम लेता था।

कटान नहीं तो कहां खप रहे वाहन
पुलिस ने नंबर प्लेट बदलकर वारदातों को अंजाम देने का दावा किया है लेकिन बिना कटान हुए गलत नंबर प्लेट के वाहनों का सड़कों पर दौड़ना सवालिया निशान लगाता है। पिछले दिनों कौशांबी क्षेत्र में भी चोरी के वाहनों का बड़े स्तर पर कटान का पुलिस ने राजफाश किया था जबकि टीएचए में अभी भी छोटे बड़े वाहन चोरी होने का सिलसिला जारी है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं देहरादून जेल में बंद युसूफ उर्फ बब्बू प्रधान की मदद से वाहनों को तो नहीं खपाया जा रहा है।
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