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साल में पहली बार लोगों को मिली सबसे शुद्ध हवा
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साल में पहली बार लोगों को मिली सबसे शुद्ध हवा
साहिबाबाद। लगातार प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को इस साल में पहली बार शनिवार के दिन सबसे शुद्ध हवा मिली। यहां एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 100 के स्तर से नीचे ग्रीन जोन में 64 तक पहुंच गया। दो दिन से हो रही बारिश के कारण प्रदूषण के कण नीचे गिर गए हैं। इससे वायुमंडल पूरी तरह साफ हुआ है। शहर के चारों स्टेशन पर भी हवा की गुणवत्ता ग्रीन जोन में मापी गई है।
लोनी स्टेशन पर प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर श्रेणी में 450 से ज्यादा स्तर पर पहुंच गया था लेकिन अब दो-तीन दिन से हो रही बारिश के कारण प्रदूषण में गिरावट दर्ज की जा रही है जिसके बाद शनिवार को लोनी का एक्यूआई 74, इंदिरापुरम में 51 और वसुंधरा का 73 जबकि संजय नगर का प्रदूषण स्तर 59 पर दूसरे पायदान पर रिकॉर्ड हुआ। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि प्रदूषण पर बारिश का प्रभाव अभी जारी रहेगा। अभी तक प्रदूषण के रिकॉर्ड को देखे तो साल में शहर का सबसे ज्यादा प्रदूषण 8 जून को 375 रिकॉर्ड हुआ था, जिसमें अब भारी गिरावट के बाद यह 64 पर पहुंच गया है।
प्रदूषण रोकने के सारे उपाय रहे फेल, आखिर बारिश ने ही धोया
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि साल के शुरुआत जनवरी माह में लोगों को प्रदूषण ने पूरी तरह से जकड़ लिया था। पहले दिन एक्यूआई 352 था जो महीने के अंत में 328 पर रिकॉर्ड किया गया था। इससे अस्थमा के मरीज और गर्भवती महिलाओं के अलावा दस वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। अस्पतालों में चिकित्सकों के पास चेकअप कराने गए मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई थी। प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण टूटी सड़कों से उड़ती धूल-मिट्टी, जगह-जगह कूड़े के ढेर में और घर-फ्लैट व वाहनों में लगी आग, वाहनों से निकलने वाला काला धुआं, निर्माण साइटों पर नियमों की उड़ती धज्जियां, अवैध फैक्टरियों से निकलता प्रदूषण रहे हैं। बाद में पीसीबी ने बढ़ते प्रदूषण पर सख्ती बरती और नगर निगम, जीडीए, सिंचाई विभाग व जलनिगम अधिकारियों को पानी का छिड़काव कराने समेत अन्य नियमों का पालन करने के लिए कहा। मगर फिर भी लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिली। यही नहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने इस वर्ष एनसीआर के क्षेत्रों में ग्रेप भी लागू किया था।
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साहिबाबाद। लगातार प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को इस साल में पहली बार शनिवार के दिन सबसे शुद्ध हवा मिली। यहां एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 100 के स्तर से नीचे ग्रीन जोन में 64 तक पहुंच गया। दो दिन से हो रही बारिश के कारण प्रदूषण के कण नीचे गिर गए हैं। इससे वायुमंडल पूरी तरह साफ हुआ है। शहर के चारों स्टेशन पर भी हवा की गुणवत्ता ग्रीन जोन में मापी गई है।
लोनी स्टेशन पर प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर श्रेणी में 450 से ज्यादा स्तर पर पहुंच गया था लेकिन अब दो-तीन दिन से हो रही बारिश के कारण प्रदूषण में गिरावट दर्ज की जा रही है जिसके बाद शनिवार को लोनी का एक्यूआई 74, इंदिरापुरम में 51 और वसुंधरा का 73 जबकि संजय नगर का प्रदूषण स्तर 59 पर दूसरे पायदान पर रिकॉर्ड हुआ। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि प्रदूषण पर बारिश का प्रभाव अभी जारी रहेगा। अभी तक प्रदूषण के रिकॉर्ड को देखे तो साल में शहर का सबसे ज्यादा प्रदूषण 8 जून को 375 रिकॉर्ड हुआ था, जिसमें अब भारी गिरावट के बाद यह 64 पर पहुंच गया है।
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प्रदूषण रोकने के सारे उपाय रहे फेल, आखिर बारिश ने ही धोया
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि साल के शुरुआत जनवरी माह में लोगों को प्रदूषण ने पूरी तरह से जकड़ लिया था। पहले दिन एक्यूआई 352 था जो महीने के अंत में 328 पर रिकॉर्ड किया गया था। इससे अस्थमा के मरीज और गर्भवती महिलाओं के अलावा दस वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। अस्पतालों में चिकित्सकों के पास चेकअप कराने गए मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई थी। प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण टूटी सड़कों से उड़ती धूल-मिट्टी, जगह-जगह कूड़े के ढेर में और घर-फ्लैट व वाहनों में लगी आग, वाहनों से निकलने वाला काला धुआं, निर्माण साइटों पर नियमों की उड़ती धज्जियां, अवैध फैक्टरियों से निकलता प्रदूषण रहे हैं। बाद में पीसीबी ने बढ़ते प्रदूषण पर सख्ती बरती और नगर निगम, जीडीए, सिंचाई विभाग व जलनिगम अधिकारियों को पानी का छिड़काव कराने समेत अन्य नियमों का पालन करने के लिए कहा। मगर फिर भी लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिली। यही नहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने इस वर्ष एनसीआर के क्षेत्रों में ग्रेप भी लागू किया था।
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