फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad

अल्टीमेटम : 105 दिन में पीएनजी का इस्तेमाल शुरु करो वरना फैक्टरी बंद

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2022 01:27 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad
अल्टीमेटम : 105 दिन में पीएनजी का इस्तेमाल शुरु करो वरना फैक्टरी बंद
विज्ञापन

साहिबाबाद। या तो 30 सितंबर तक अपनी फैक्टरी में लकड़ी, कोयला और डीजल बंद प्रयोग करके पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का इस्तेमाल शुरू कीजिए वरना उत्पादन बंद करना होगा... बॉयलर चलाने वाली 600 इकाइयों को चेतावनी भरे ये नोटिस वायु प्रदूषण आयोग ने जारी किए हैं। पीएनजी के विकल्प के तौर पर बायो-ब्रिकेट्स, राइज हक व मस्टर्ड हक जैसे जैविक ईंधन सुझाए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के अधिकारियों का कहना है कि लगातार जहरीली होती हवा की सेहत सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है।
दरअसल, पीसीबी और प्रशासन के अधिकारी पीएनजी के इस्तेमाल के लिए उद्यमियों को पहले से ही जागरूक कर रहे हैं। इसका असर भी हुआ। 400 इकाइयां डीजल से पीएनजी पर शिफ्ट हो चुकी हैं, लेकिन कुल पंजीकृत 27 हजार इकाइयों के मुकाबले यह संख्या बहुत ही कम है। पहले चरण में बॉयलर वाली इकाइयां ली गई हैं क्योंकि माना गया है कि इनसे हवा को ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है। इसके बाद अन्य इकाइयों को भी पीएनजी पर शिफ्ट किया जाना है। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया, मोहन नगर, साहिबाबाद, लोनी, बुलंदशहर रोड, कवि नगर की बॉयलर वाली इकाइयों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। 105 दिन बाद 30 सितंबर को चेकिंग कर रिपोर्ट दी जाएगी कि ये इकाइयां पीएनजी पर शिफ्ट हुई या नहीं। इनमें अकेले साहिबाबाद की 120 इकाइयां हैं।
विज्ञापन

390 इकाइयां लाल श्रेणी में
प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने ऐसी इकाइयों की सूची बनाई है जिनसे हवा में सबसे ज्यादा जहर घुल रहा है। इन्हें लाल श्रेणी में रखा गया है। सबसे पहले इनको ही पीएनजी पर शिफ्ट किया जाना है। इस श्रेणी में पहले संख्या और ज्यादा थी लेकिन प्रदूषण नियंत्रण के उपाय न करने वाली कई इकाइयों को पीसीबी ने बंद करा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

25 लाख से एक करोड़ तक खर्च
साहिबाबाद में टैक्सटाइल कंपनी चलाने वाले उद्यमी प्रवीण जैन ने बताया वह अपनी इकाई को पीएनजी पर शिफ्ट कर चुके हैं। यह काफी महंगा पड़ता है। पीएनजी का एक टन का बॉयलर 25 लाख का है। चार टन की कीमत एक करोड़ है। इसके अलावा पिछले कुछ समय में पीएनजी काफी महंगी हो चुकी है। अन्य ईंधन के मुकाबले इसके इस्तेमाल में ज्यादा खर्च आ रहा है।
आसान नहीं राह पीएनजी की
1. अगर एक साथ 600 उद्योग पीएनजी पर शिफ्ट कर दिए जाएं तो क्या सभी को समय पर गैस मिल पाएगी? उद्योग बंधु की बैठक में सवाल कई बार उठा, पर जवाब नहीं मिला।
2. देश में अलग-अलग क्षेत्र में पीएनजी के रेट अलग-अलग हैं, ऐसे में उद्योग प्रतिस्पर्धा का सामना कैसे कर पाएंगे, गाजियाबाद के मुकाबले अन्य जगह दाम काफी कम हैं।
3. उद्यमियों को वर्ष 2011 से पीएनजी इस्तेमाल की सलाह दी जा रही है, लेकिन इसके लिए जरूरी मशीनें महंगी होने के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो पा रहा है।
4. जो उद्योग पीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं, वे कई तरह की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, कई बार सप्लाई ठप हो जाती है, ऐसे में उत्पादन थम जाता है।
(ये सभी मुद्दे उद्योग बंधु की बैठक में उठ चुके हैं)
पीएनजी इस्तेमाल करने से उद्योगों को लाभ है लेकिन आपूर्ति करने वाली आईजीएल इसकी आपूर्ति निर्बाध नहीं कर पाता है। ऐसे में पीएनजी पर सभी उद्योगों को लाने से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए। - रवि जैन, उद्यमी, कविनगर औद्योगिक क्षेत्र

जो उद्योग पहले से पीएनजी पर है, उनमें तकनीकी खराबी आने पर उसको ठीक करने में काफी समय लगता है। उद्योगों को पीएनजी का कनेक्शन मिलने में ही काफी समय लगता है। सबसे पहले इसकी व्यवस्था को ठीक करना होगा। - राजीव अरोड़ा, महासचिव मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन ऑफ बीएसआर रोड इंडस्ट्रियल एरिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed