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Ghaziabad News: गाजियाबाद को मिली 38 ई-बसें अब नोएडा में होंगी संचालित
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साहिबाबाद। जिले के लाखों लोगों को इलेक्ट्रिक बस का सफर अब छिन गया है। गाजियाबाद की इलेक्ट्रिक बसें अब नोएडा में चलेंगी और शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनको वर्चुअल उदघाटन भी कर दिया है। काफी लंबी जद्दोजहद के बाद यह बसें जिले के लोगों के लिए मिली थीं, लेकिन अब फिर से झोली खाली हो गई है। 10 बसों के पांच रूट से हजारों यात्री अब फिर पैदल हो गए हैं। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर जिले के लोगों ने तरह-तरह की पोस्ट की हैं।
दरअसल, अगस्त 2025 में गाजियाबाद को 38 इलेक्ट्रिक बसें मिली थीं, लेकिन चार्जिंग स्टेशन और तकनीकी कारणों के चलते केवल 10 बसें ही जिले में चल पाई थीं। उनको मथुरा, मुरादाबाद, मेरठ, नजीबाबाद और कश्मीरी गेट समेत पांच रूटों पर दिसंबर 2025 से संचालित किया जा रहा था। कुछ दिन से इनको अस्थायी रूप से रूट से हटा दिया गया था। शुक्रवार से इन बसों को नोएडा से जेवर एयरपोर्ट के लिए संचालित किया गया। इन पांच मार्गों पर 10 बसों से प्रतिदिन चार हजार यात्री सफर करते थें। अब उनके लिए परेशानी खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि 28 बसों को भी भविष्य में नोएडा ही भेजा जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक केसरी नंदन चौधरी ने बताया कि साहिबाबाद डिपो में खड़ी बसों का संचालन पंजीकरण के बाद नोएडा में ही किया जाएगा। फिलहाल 10 बसों को नोएडा भेज दिया गया है।
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सोशल मीडिया से ...
सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब टिप्पणियां की। राज ने पोस्ट करते हुए कहा कि गाजियाबाद को केवल प्रदूषण मिला और नोएडा को ई-बसों की सौगात। साहिबाबाद निवासी जय दीक्षित ने एक्स पर लिखा कि गाजियाबाद की 50 से 60 लाख आबादी को सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शहर मिली सौगात भी दूसरे जिले को दे दी है। वहीं, इंदिरापुरम से कुलदीप सक्सेना ने अपनी पोस्ट में कहा कि गाजियाबाद में जनहित की सुविधाओं के प्रति डबल इंजन की सरकार संवेदनशील नहीं है। गाजियाबाद तो सिर्फ वोट बैंक है। वहीं पोस्ट में व्यंग्यात्मक चित्र भी साझा किया गया है।
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दरअसल, अगस्त 2025 में गाजियाबाद को 38 इलेक्ट्रिक बसें मिली थीं, लेकिन चार्जिंग स्टेशन और तकनीकी कारणों के चलते केवल 10 बसें ही जिले में चल पाई थीं। उनको मथुरा, मुरादाबाद, मेरठ, नजीबाबाद और कश्मीरी गेट समेत पांच रूटों पर दिसंबर 2025 से संचालित किया जा रहा था। कुछ दिन से इनको अस्थायी रूप से रूट से हटा दिया गया था। शुक्रवार से इन बसों को नोएडा से जेवर एयरपोर्ट के लिए संचालित किया गया। इन पांच मार्गों पर 10 बसों से प्रतिदिन चार हजार यात्री सफर करते थें। अब उनके लिए परेशानी खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि 28 बसों को भी भविष्य में नोएडा ही भेजा जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक केसरी नंदन चौधरी ने बताया कि साहिबाबाद डिपो में खड़ी बसों का संचालन पंजीकरण के बाद नोएडा में ही किया जाएगा। फिलहाल 10 बसों को नोएडा भेज दिया गया है।
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सोशल मीडिया से ...
सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब टिप्पणियां की। राज ने पोस्ट करते हुए कहा कि गाजियाबाद को केवल प्रदूषण मिला और नोएडा को ई-बसों की सौगात। साहिबाबाद निवासी जय दीक्षित ने एक्स पर लिखा कि गाजियाबाद की 50 से 60 लाख आबादी को सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शहर मिली सौगात भी दूसरे जिले को दे दी है। वहीं, इंदिरापुरम से कुलदीप सक्सेना ने अपनी पोस्ट में कहा कि गाजियाबाद में जनहित की सुविधाओं के प्रति डबल इंजन की सरकार संवेदनशील नहीं है। गाजियाबाद तो सिर्फ वोट बैंक है। वहीं पोस्ट में व्यंग्यात्मक चित्र भी साझा किया गया है।
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