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मंच और टेंट के बीच से निकले चार पहिया वाहन
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मंच और टेंट के बीच से निकले चार पहिया वाहन
कौशांबी। यूपी गेट पर दिल्ली सीमा में लगी बैरिकेडिंग हटने के दूसरे दिन शनिवार को किसान आंदोलन स्थल पर स्थिति यथावत रही। आंदोलन के मंच, टेंट और किसानों के लंगरों के बीच से दो पहिया, चार पहिया वाहन आसानी से दिल्ली जा सके। हालांकि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 से अभी भी बैरिकेड्स पूरी तरह से नहीं हटाए गए। वहीं, डीएम, एसडीएम, एडीएम सिटी और एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने मौके का जायजा लिया। उधर, गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि दिल्ली जाने की तारीख संयुक्त किसान मोर्चा तय करेगा।
बाजवा ने कहा कि किसान किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। इस आंदोलन को देश के मजदूर और किसानों ने शांतिपूर्वक शुरू किया था, जो आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 महीने से किसान और मजदूर सड़कों पर बैठे हैं। इस बीच किसान आंदोलन को बदनाम व कुचलने की नाकाम कोशिशें की जा रही हैं। बैरिकेडिंग हटने के बाद बदली हुई परिस्थितियों में संयुक्त किसान मोर्चा आगे की रणनीति तय करेगा। लिहाजा कोई भी किसान आधी-अधूरी सूचना पर विश्वास ना करके शांति व्यवस्था बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं होंगे, किसान आंदोलन चलता रहेगा।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे डीएम राकेश कुमार सिंह, एसडीएम, एडीएम सिटी और एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान बैरिकेडिंग को सड़क किनारे ही रखने के पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए। एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि किसान आंदोलनस्थल पर बैरिकेडिंग सुरक्षा के लिए लगाई हुई है। इमरजेंसी वाहनों को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। इसके लिए निगरानी बना रखी है।
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किसान आंदोलनस्थल से कुछ दूर एक संगठन की तरफ से किसानों के खिलाफ पोस्टर व बोर्ड लगा दिए गए। इससे यूपी गेट का माहौल गरमा गया। दिल्ली पुलिस ने तुरंत बोर्ड और पोस्टर को हटवा दिए। इसके बाद किसानों में रोष शांत हुआ।
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कौशांबी। यूपी गेट पर दिल्ली सीमा में लगी बैरिकेडिंग हटने के दूसरे दिन शनिवार को किसान आंदोलन स्थल पर स्थिति यथावत रही। आंदोलन के मंच, टेंट और किसानों के लंगरों के बीच से दो पहिया, चार पहिया वाहन आसानी से दिल्ली जा सके। हालांकि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 से अभी भी बैरिकेड्स पूरी तरह से नहीं हटाए गए। वहीं, डीएम, एसडीएम, एडीएम सिटी और एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने मौके का जायजा लिया। उधर, गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि दिल्ली जाने की तारीख संयुक्त किसान मोर्चा तय करेगा।
बाजवा ने कहा कि किसान किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। इस आंदोलन को देश के मजदूर और किसानों ने शांतिपूर्वक शुरू किया था, जो आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 महीने से किसान और मजदूर सड़कों पर बैठे हैं। इस बीच किसान आंदोलन को बदनाम व कुचलने की नाकाम कोशिशें की जा रही हैं। बैरिकेडिंग हटने के बाद बदली हुई परिस्थितियों में संयुक्त किसान मोर्चा आगे की रणनीति तय करेगा। लिहाजा कोई भी किसान आधी-अधूरी सूचना पर विश्वास ना करके शांति व्यवस्था बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं होंगे, किसान आंदोलन चलता रहेगा।
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शनिवार दोपहर करीब 12 बजे डीएम राकेश कुमार सिंह, एसडीएम, एडीएम सिटी और एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान बैरिकेडिंग को सड़क किनारे ही रखने के पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए। एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि किसान आंदोलनस्थल पर बैरिकेडिंग सुरक्षा के लिए लगाई हुई है। इमरजेंसी वाहनों को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। इसके लिए निगरानी बना रखी है।
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किसान आंदोलनस्थल से कुछ दूर एक संगठन की तरफ से किसानों के खिलाफ पोस्टर व बोर्ड लगा दिए गए। इससे यूपी गेट का माहौल गरमा गया। दिल्ली पुलिस ने तुरंत बोर्ड और पोस्टर को हटवा दिए। इसके बाद किसानों में रोष शांत हुआ।