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बारिश ने धोया प्रदूषण, सांस लेने लायक हुई हवा
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बारिश ने धोया प्रदूषण, सांस लेने लायक हुई हवा
साहिबाबाद। बारिश ने रविवार को शहर का प्रदूषण धो दिया। शनिवार को दर्ज हुआ 349 एक्यूआई रविवार को 310 पर पहुंच गया। देश के प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद सातवां और एनसीआर में तीसरा स्थान रहा। इसके अलावा गाजियाबाद के चारों स्टेशनों संजय नगर, इंदिरापुरम, लोनी और वसुंधरा के एक्यूआई में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि सोमवार तक एक्यूआई के यलो या ग्रीन जोन में पहुंचने संभावना है। जनपद में पीएम 10 और पीएम 2.5 मानक से साढ़े तीन गुना ज्यादा रहे।
पीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि बारिश से अगले एक दो दिन में प्रदूषण में और भी ज्यादा कमी देखने को मिलेगी। जिसका असर रविवार शाम को ही देखने को मिला। यहां पर एक्यूआई शनिवार के मुकाबले 39 अंक गिरकर 310 पर दर्ज किया गया। जो रेड जोन में मापा गया है। वहीं, एनसीआर के अन्य शहरों की बात करें तो पहले पायदान पर ग्रेटर नोएडा है। यहां पर एक्यूआई रेड जोन में 332 पर मापा गया है। जबकि दूसरे पायदान पर फरीदाबाद 312 एक्यूआई के साथ रहा। गाजियाबाद में सुबह से ही आसमान में धुंध छाई हुई थी। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूूस हो रही थी। हालांकि दोपहर बाद मौसम अचानक बदलने से प्रदूषण में कमी होती रही। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि बारिश से प्रदूषण के कण नीचे जमीन पर गिरेंगे और वायुमंडल साफ होने से प्रदूषण में कमी आएगी।
खुले में रखे कंस्ट्रक्शन मेटेरियल से उड़ रही धूल-मिट्टी
हिंडन पार क्षेत्र के कनावनी डूब क्षेत्र, वसुंधरा, वैशाली और साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में बिल्डरों को कंस्ट्रक्शन मेटेरियल ढक कर रखने के लिए कहा गया है। बावजूद इसके पीसीबी के नियमों की खुलकर धज्जियां उड़ रही हैं। जगह-जगह कंस्ट्रक्शन साइट से धूल मिट्टी उड़ती रहती है तो बिल्डिंग मेटेरियल भी हवा तेज चलने से उड़ता रहता है। इसके अलावा वाहनों का धुआं भी वायुमंडल में काफी जहर घोल रहा है।
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लोनी की हवा में ज्यादा सुधार नहीं
पीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि लोनी स्टेशन की हालत चिंताजनक बनी हुई है। रविवार सुबह यहां का एक्यूआई पहले पायदान पर 334 रिकॉर्ड हुआ। जिसमें पीएम 2.5 तो मानक से काफी ज्यादा सेवियर जोन में 500 मापा गया। जबकि पीएम 10 मानक से चार गुना ज्यादा 462 पर रहा। इंदिरापुरम की हालत में थोड़ा सुधार हुआ है। यहां एक्यूआई रेड जोन से निकलकर ऑरेंज जोन में 272 मापा गया है। इसी तरह संजय नगर में एक्यूआई रेड जोन के बेहद करीब यानी 291 पर पहुंच गया है।
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साहिबाबाद। बारिश ने रविवार को शहर का प्रदूषण धो दिया। शनिवार को दर्ज हुआ 349 एक्यूआई रविवार को 310 पर पहुंच गया। देश के प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद सातवां और एनसीआर में तीसरा स्थान रहा। इसके अलावा गाजियाबाद के चारों स्टेशनों संजय नगर, इंदिरापुरम, लोनी और वसुंधरा के एक्यूआई में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि सोमवार तक एक्यूआई के यलो या ग्रीन जोन में पहुंचने संभावना है। जनपद में पीएम 10 और पीएम 2.5 मानक से साढ़े तीन गुना ज्यादा रहे।
पीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि बारिश से अगले एक दो दिन में प्रदूषण में और भी ज्यादा कमी देखने को मिलेगी। जिसका असर रविवार शाम को ही देखने को मिला। यहां पर एक्यूआई शनिवार के मुकाबले 39 अंक गिरकर 310 पर दर्ज किया गया। जो रेड जोन में मापा गया है। वहीं, एनसीआर के अन्य शहरों की बात करें तो पहले पायदान पर ग्रेटर नोएडा है। यहां पर एक्यूआई रेड जोन में 332 पर मापा गया है। जबकि दूसरे पायदान पर फरीदाबाद 312 एक्यूआई के साथ रहा। गाजियाबाद में सुबह से ही आसमान में धुंध छाई हुई थी। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूूस हो रही थी। हालांकि दोपहर बाद मौसम अचानक बदलने से प्रदूषण में कमी होती रही। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि बारिश से प्रदूषण के कण नीचे जमीन पर गिरेंगे और वायुमंडल साफ होने से प्रदूषण में कमी आएगी।
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खुले में रखे कंस्ट्रक्शन मेटेरियल से उड़ रही धूल-मिट्टी
हिंडन पार क्षेत्र के कनावनी डूब क्षेत्र, वसुंधरा, वैशाली और साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में बिल्डरों को कंस्ट्रक्शन मेटेरियल ढक कर रखने के लिए कहा गया है। बावजूद इसके पीसीबी के नियमों की खुलकर धज्जियां उड़ रही हैं। जगह-जगह कंस्ट्रक्शन साइट से धूल मिट्टी उड़ती रहती है तो बिल्डिंग मेटेरियल भी हवा तेज चलने से उड़ता रहता है। इसके अलावा वाहनों का धुआं भी वायुमंडल में काफी जहर घोल रहा है।
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लोनी की हवा में ज्यादा सुधार नहीं
पीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि लोनी स्टेशन की हालत चिंताजनक बनी हुई है। रविवार सुबह यहां का एक्यूआई पहले पायदान पर 334 रिकॉर्ड हुआ। जिसमें पीएम 2.5 तो मानक से काफी ज्यादा सेवियर जोन में 500 मापा गया। जबकि पीएम 10 मानक से चार गुना ज्यादा 462 पर रहा। इंदिरापुरम की हालत में थोड़ा सुधार हुआ है। यहां एक्यूआई रेड जोन से निकलकर ऑरेंज जोन में 272 मापा गया है। इसी तरह संजय नगर में एक्यूआई रेड जोन के बेहद करीब यानी 291 पर पहुंच गया है।