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किसानों ने आंदोलन स्थल पर मनाया सरहिंद फतेह दिवस
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किसानों ने आंदोलन स्थल पर मनाया सरहिंद फतेह दिवस
साहिबाबाद। यूपी गेट किसान आंदोलन में बृहस्पतिवार को आंदोलनकारी किसानों ने सरहिंद फतेह दिवस मनाया। इस बीच गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के पदाधिकारियों ने महान योद्धा बंदा सिंह बहादुर को याद किया। मंच के पास किसान व पदाधिकारियों ने बंदा सिंह बहादुर के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर वह पहले महान योद्धा थे, जिन्होंने किसानों को जमीनों पर अधिकार दिलाए थे। गुरु गोविंद सिंह के महान शिष्य व योद्धा बंदा सिंह बहादुर ने जमीदारों से जमीनें मुक्त करवाकर किसानों को मालिकाना हक दिलवाया गया था। बंदा सिंह ने 12-13 मई के दिन सरहिन्द के नवाब को पराजित कर फतह दर्ज की थी। जगतार सिंह बाजवा के मुताबिक, बाबा किसान और मजदूरों के सच्चे हितैषी थे। किसानों मजदूरों के हक की लड़ाई में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उनका बलिदान सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आंदोलनस्थल पर अब रोजाना कैंपों में रहने वाले किसान मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। साथ ही प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाएगी। मंच का संचालन चौ. ओमपाल मलिक ने किया। इस दौरान मंच अध्यक्ष जरनैल सिंह, बाबा मोहन सिंह, बाबा गोरख, बाबा सतनाम सिंह, बाबा सरबजीत सिंह, बलजिंदर सिंह मान, बापू रत्न सिंह, आशीष मित्तल, धर्मपाल सिंह, भीमलाल, बेबी कुशवाहा, बिंदु अमिनी, अमनजीत सिंह और अनिल सिंह व दिलेर रंधावा आदि मौजूद रहे।
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साहिबाबाद। यूपी गेट किसान आंदोलन में बृहस्पतिवार को आंदोलनकारी किसानों ने सरहिंद फतेह दिवस मनाया। इस बीच गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के पदाधिकारियों ने महान योद्धा बंदा सिंह बहादुर को याद किया। मंच के पास किसान व पदाधिकारियों ने बंदा सिंह बहादुर के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर वह पहले महान योद्धा थे, जिन्होंने किसानों को जमीनों पर अधिकार दिलाए थे। गुरु गोविंद सिंह के महान शिष्य व योद्धा बंदा सिंह बहादुर ने जमीदारों से जमीनें मुक्त करवाकर किसानों को मालिकाना हक दिलवाया गया था। बंदा सिंह ने 12-13 मई के दिन सरहिन्द के नवाब को पराजित कर फतह दर्ज की थी। जगतार सिंह बाजवा के मुताबिक, बाबा किसान और मजदूरों के सच्चे हितैषी थे। किसानों मजदूरों के हक की लड़ाई में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उनका बलिदान सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आंदोलनस्थल पर अब रोजाना कैंपों में रहने वाले किसान मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। साथ ही प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाएगी। मंच का संचालन चौ. ओमपाल मलिक ने किया। इस दौरान मंच अध्यक्ष जरनैल सिंह, बाबा मोहन सिंह, बाबा गोरख, बाबा सतनाम सिंह, बाबा सरबजीत सिंह, बलजिंदर सिंह मान, बापू रत्न सिंह, आशीष मित्तल, धर्मपाल सिंह, भीमलाल, बेबी कुशवाहा, बिंदु अमिनी, अमनजीत सिंह और अनिल सिंह व दिलेर रंधावा आदि मौजूद रहे।
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