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नौ दौर की वार्ता में सरकार ने खोया हमारा विश्वास : नरेश टिकैत
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नौ दौर की वार्ता के बाद सरकार ने खोया हमारा विश्वास : नरेश टिकैत
साहिबाबाद। कृषि कानूनों पर 46 दिनों से चल रहे गतिरोध के बीच भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि नौ दौर की वार्ता में सरकार ने किसानों का विश्वास खो दिया है। पांच दिनों का समय देकर यदि सरकार सोचती है कि आंदोलन खत्म हो जाएगा तो किसान पीछे हटने वाला नहीं है। किसान अब वार्ता करने के इच्छुक नहीं हैं। सरकार फैसले का मूड बनाकर वार्ता करे तो फिर वार्ता करना उचित होगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय आएगा वो मान्य होगा। आंदोलन में नरेश टिकैत ने पहलवानों का भी उत्साह बढ़ाया।
नरेश टिकैत दोपहर में करीब दो बजे यूपी गेट पहुंचे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे किसानों से बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया। नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार से अभी कृषि कानूनों और एमएसपी पर गारंटी देने समेत अन्य मामलों पर नौ दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इससे सरकार ने अब किसानों का विश्वास खो दिया है। दो कदम पीछे हटने के सवाल पर नरेश टिकैत ने कहा कि अब किसान दो कदम पीछे नहीं हटेगा। अब सरकार को ही दो कदम पीछे हटना पड़ेगा। उन्होंने 40 लोगों की कुंडली के बारे में कहा कि सरकार सभी की कुंडली खोल दे। उससे कुछ नहीं होने वाला। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के मामले में उन्होंने कहा कि कोर्ट का जो भी निर्णय होगा वो मान्य होगा, लेकिन सरकार को भी उसे मानना पड़ेगा। टिकैत ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में बिजली बिल, गन्ने के रेट व अन्य मुद्दे को उठाकर कहा कि किसानों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों हो रहा है।
उन्होंने 26 जनवरी की परेड में शामिल होने के बारे में कहा कि ट्रैक्टर रैली किसानों का स्वाभिमान है, लेकिन किसानों की ऐसी कोई मंशा नहीं है कि वह राष्ट्रीय पर्व पर दिल्ली में कोई तोड़फोड़ कर दें। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही किसानों के चार ट्रैक्टरों को परेड में शामिल होने की इजाजत दे लेकिन दे जरूर। हम चाहते हैं कि परेड में देश किसान की झांकी को भी देखे।
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सरकार की चाय पीने नहीं जा रहे किसान
नरेश टिकैत ने कहा कि किसान इतनी सर्दी में सड़क पर बैठा है और सरकार बार-बार बैठकों की तारीख देती है। उन्होंने कहा कि सरकार की चाय पीने किसान दिल्ली में कृषि भवन नहीं जाता। यदि सरकार अच्छे मूड में और फैसला करने के लिए वार्ता में आएगी तो कमेटी के लोग आगे बात करेंगे।
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साहिबाबाद। कृषि कानूनों पर 46 दिनों से चल रहे गतिरोध के बीच भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि नौ दौर की वार्ता में सरकार ने किसानों का विश्वास खो दिया है। पांच दिनों का समय देकर यदि सरकार सोचती है कि आंदोलन खत्म हो जाएगा तो किसान पीछे हटने वाला नहीं है। किसान अब वार्ता करने के इच्छुक नहीं हैं। सरकार फैसले का मूड बनाकर वार्ता करे तो फिर वार्ता करना उचित होगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय आएगा वो मान्य होगा। आंदोलन में नरेश टिकैत ने पहलवानों का भी उत्साह बढ़ाया।
नरेश टिकैत दोपहर में करीब दो बजे यूपी गेट पहुंचे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे किसानों से बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया। नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार से अभी कृषि कानूनों और एमएसपी पर गारंटी देने समेत अन्य मामलों पर नौ दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इससे सरकार ने अब किसानों का विश्वास खो दिया है। दो कदम पीछे हटने के सवाल पर नरेश टिकैत ने कहा कि अब किसान दो कदम पीछे नहीं हटेगा। अब सरकार को ही दो कदम पीछे हटना पड़ेगा। उन्होंने 40 लोगों की कुंडली के बारे में कहा कि सरकार सभी की कुंडली खोल दे। उससे कुछ नहीं होने वाला। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के मामले में उन्होंने कहा कि कोर्ट का जो भी निर्णय होगा वो मान्य होगा, लेकिन सरकार को भी उसे मानना पड़ेगा। टिकैत ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में बिजली बिल, गन्ने के रेट व अन्य मुद्दे को उठाकर कहा कि किसानों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों हो रहा है।
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उन्होंने 26 जनवरी की परेड में शामिल होने के बारे में कहा कि ट्रैक्टर रैली किसानों का स्वाभिमान है, लेकिन किसानों की ऐसी कोई मंशा नहीं है कि वह राष्ट्रीय पर्व पर दिल्ली में कोई तोड़फोड़ कर दें। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही किसानों के चार ट्रैक्टरों को परेड में शामिल होने की इजाजत दे लेकिन दे जरूर। हम चाहते हैं कि परेड में देश किसान की झांकी को भी देखे।
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सरकार की चाय पीने नहीं जा रहे किसान
नरेश टिकैत ने कहा कि किसान इतनी सर्दी में सड़क पर बैठा है और सरकार बार-बार बैठकों की तारीख देती है। उन्होंने कहा कि सरकार की चाय पीने किसान दिल्ली में कृषि भवन नहीं जाता। यदि सरकार अच्छे मूड में और फैसला करने के लिए वार्ता में आएगी तो कमेटी के लोग आगे बात करेंगे।