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देश में गाजियाबाद फिर नंबर वन, एक्यूआई 400
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फिर बेहद खतरनाक जोन में शहर का प्रदूषण स्तर
साहिबाबाद। आसमान में धूप खिलने के बाद सोमवार को मौसम का मिजाज फिर बदल गया। आलम ये रहा कि सुबह बूंदाबांदी से सर्दी बढ़ गई। वहीं, प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं। सोमवार को गाजियाबाद 400 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। नोएडा का एक्यूआई 368 रहा। जिले में लोनी स्टेशन की सबसे खराब स्थिति दर्ज की गई। यहां पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 429 दर्ज हुआ, जबकि इंरिापुरम का एक्यूआई 411 के साथ रेड जोन में रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों को देखे तो गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 पर रहा। नोएडा 368 एक्यूआई के साथ रेड जोन में रहा। यहां पर पीएम 10 मानक से तीन गुना और पीएम 2.5 चार गुना ज्यादा दर्ज हुआ। नोएडा के बाद कानपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 358 पर तीसरे स्थान पर और ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 350 पर प्राप्त हुआ। इनके अलावा देश की राजधानी दिल्ली को देखे तो वहां पर वायु गुणवत्ता 345 के साथ पांचवें स्थान पर दर्ज हुआ। उधर, नगर निगम की ओर से प्रदूषण में कमी लाने के लिए लगातार स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, जबकि जीडीए भी इंदिरापुरम की ग्रीन बेल्ट, स्वर्ण जयंती पार्क, अहिंसाखंड और अन्य जगहों पर टैंकरों से पानी छिड़काव करा रहा है।
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साहिबाबाद। आसमान में धूप खिलने के बाद सोमवार को मौसम का मिजाज फिर बदल गया। आलम ये रहा कि सुबह बूंदाबांदी से सर्दी बढ़ गई। वहीं, प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं। सोमवार को गाजियाबाद 400 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। नोएडा का एक्यूआई 368 रहा। जिले में लोनी स्टेशन की सबसे खराब स्थिति दर्ज की गई। यहां पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 429 दर्ज हुआ, जबकि इंरिापुरम का एक्यूआई 411 के साथ रेड जोन में रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों को देखे तो गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 पर रहा। नोएडा 368 एक्यूआई के साथ रेड जोन में रहा। यहां पर पीएम 10 मानक से तीन गुना और पीएम 2.5 चार गुना ज्यादा दर्ज हुआ। नोएडा के बाद कानपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 358 पर तीसरे स्थान पर और ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 350 पर प्राप्त हुआ। इनके अलावा देश की राजधानी दिल्ली को देखे तो वहां पर वायु गुणवत्ता 345 के साथ पांचवें स्थान पर दर्ज हुआ। उधर, नगर निगम की ओर से प्रदूषण में कमी लाने के लिए लगातार स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, जबकि जीडीए भी इंदिरापुरम की ग्रीन बेल्ट, स्वर्ण जयंती पार्क, अहिंसाखंड और अन्य जगहों पर टैंकरों से पानी छिड़काव करा रहा है।
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