फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad news

यूट्यूब से सीखकर बना रहे थे नकली नोट, सात गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jan 2022 01:24 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad news
स्वाट टीम व नारकोटिक्स सेल द्वारा जाली भारतीय मुद्रा नोट छापने वाले गिरोह के 7 अभियुक्त गिरफ्तार.
यूट्यूब से सीखकर बना रहे थे नकली नोट, सात गिरफ्तार
विज्ञापन

गाजियाबाद। कैलाभट्ठा में नकली नोट छापने वाले गिरोह का क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को खुलासा किया। गिरोह ने आठ महीनों में करीब 17 लाख रुपये के नकली नोट छाप दिए। गिरोह के सदस्य करीब 11 लाख रुपये के नकली नोट बाजार में खपा चुके हैं। नकली नोट बनाने का काम कैलाभट्ठा में एक घर में चल रहा था। पुलिस ने छापा मारकर सात लोगों को गिरफ्तार किया है और 6 लाख 59 हजार के नकली नोट बरामद किए हैं। गिरोह के सदस्य यूट्यूब से सीखकर नकली नोट बना रहे थे।
सीओ सदर आकाश पटेल ने बताया कि यह गिरोह कैलाभट्ठा में 8 महीने से सक्रिय था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम के एक सदस्य ने मौके पर जाकर नकली नोट लेने का सौदा किया। जहां से इस गिरोह का खुलासा हुआ। चमन कॉलोनी निवासी आजाद गिरोह का सरगना है। नोट छपाई का काम कैलाभट्ठा निवासी युनूस के घर पर चल रहा था। जहां पर आजाद, सोनू गंजा और युनूस नोटों की छपाई व फिनिशिंग करते थे। अमन और आलम उर्फ आशीष नकली नोट रहबर (सप्लायर) को उपलब्ध कराते थे, जो बाजार में खपाता था। पुलिस ने अभी कालका गढ़ी निवासी अमन, राज कंपाउंड लाल कुआं निवासी आलम, कैला भट्ठा निवासी रहबर, कैलाशनगर निवासी फुरकान, चमन कॉलोनी निवासी आजाद, कैलाभट्ठा निवासी मो. युनूस और सोनू उर्फ गंजा को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 2000 हजार रुपये के 132 नोट, 500 रुपये के 200 नोट, 200 रुपये के 540 नोट, 100 रुपये के 106 नोट, दो प्रिंटर, तीन कटर, दो पैमाने, दो फर्मा, कागज के तीन बंडल बरामद किए हैं। सीओ सदर ने बताया कि इन लोगों से कौन-कौन दुकानदार नकली नोट लेते थे, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है।
विज्ञापन

एक असली के बदले तीन नकली नोटों पर होता था सौदा
पुलिस ने बताया कि आजाद एक असली नोट के बदले में तीन नकली नोट देता था। इसकी सप्लाई अमन और आलम उर्फ आशीष रहबर को करते थे। सप्लाई के लिए अमन और आलम अपना 20 फीसदी कमीशन लेते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

आजाद ने बताया कि कुछ महीने पहले एक पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति ने उससे कुछ नोट छुट्टे के लिए तुड़वाए थे। उन नोटों में कुछ नकली थे। आजाद ने देखा कि पेट्रोल पंप पर नकली नोट चल गए। यही से उसे नकली नोट छापने का विचार किया।

आजाद ने बताया कि वह एक शादी में दोस्त युनूस से मिला था। जहां आजाद ने इस काम के बारे में बात की। दोनों ने मिलकर यूट्यूब और अन्य जगहों से जानकारी जुटाकर ट्रेनिंग लेकर नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed