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लोन फर्जीवाड़े में पुलिस ने बर्खास्त एजीएम को हिरासत में लिया
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लोन फर्जीवाड़े में पुलिस ने बर्खास्त एजीएम को हिरासत में लिया
गाजियाबाद। चार सौ करोड़ से अधिक के लोन फर्जीवाड़े में एसआईटी ने दिल्ली से पीएनबी से बर्खास्त एजीएम रामनाथ मिश्रा को हिरासत में लिया है। वह दिल्ली में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपा था। पुलिस ने बताया कि रामनाथ मिश्रा पुलिस से बचने के लिए अपना ठिकाना बदल रहा था। रामनाथ पर लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर पीएनबी बैंक का 50 करोड़ रुपये से अधिक का लोन फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। रामनाथ मिश्रा मूलरूप से बिहार के पटना जिले के थाना श्री कृष्णपुरी क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि लोन फर्जीवाड़ा से जुड़े बैंकों के अन्य आरोपी कर्मचारियों व अधिकारियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि रामनाथ से लोन फर्जीवाड़े के बारे में पूछताछ की जाएगी। लोन के नाम पर 400 करोड़ रुपए से अधिक का फर्जीवाड़ा करने वाले लोन माफिया लक्ष्य तंवर के खिलाफ 39 मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। जिनमें से 12 मामलों में रामनाथ मिश्रा भी आरोपी है।
पुलिस के अनुसार रामनाथ मिश्रा 3 जून 2015 से 8 जून 2017 तक पीएनबी की चंद्रनगर शाखा में चीफ मैनेजर के पद पर तैनात था। जहां उस पर चार करोड़ रुपये तक का लोन करने का अधिकार था, लेकिन वो लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर एक करोड़ की संपत्ति पर 4 करोड़ रुपये के लोन स्वीकृत कराए।
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इसके बाद रामनाथ मिश्रा प्रमोशन पाकर पीएनबी आगरा का एजीएम बन गया। जहां उसे 10 करोड़ रुपये तक का लोन करने का अधिकार मिल गया। लेकिन वहां रहकर गाजियाबाद के लोगों को लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति पर 10-10 करोड़ रुपये तक के लोन कराए। लोन फर्जीवाड़ा मामला उजागर होने पर विभागीय जांच के बाद बैंक ने जुलाई 2021 में उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
एसपी सिटी का कहना है कि रामनाथ पर लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर लोन घोटाला करने का आरोप है। लोन फर्जीवाड़े में पीएनबी के एजीएम रामनाथ मिश्रा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उसके खिलाफ लोन फर्जीवाड़े के कई मामले दर्ज हैं।
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गाजियाबाद। चार सौ करोड़ से अधिक के लोन फर्जीवाड़े में एसआईटी ने दिल्ली से पीएनबी से बर्खास्त एजीएम रामनाथ मिश्रा को हिरासत में लिया है। वह दिल्ली में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपा था। पुलिस ने बताया कि रामनाथ मिश्रा पुलिस से बचने के लिए अपना ठिकाना बदल रहा था। रामनाथ पर लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर पीएनबी बैंक का 50 करोड़ रुपये से अधिक का लोन फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। रामनाथ मिश्रा मूलरूप से बिहार के पटना जिले के थाना श्री कृष्णपुरी क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि लोन फर्जीवाड़ा से जुड़े बैंकों के अन्य आरोपी कर्मचारियों व अधिकारियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि रामनाथ से लोन फर्जीवाड़े के बारे में पूछताछ की जाएगी। लोन के नाम पर 400 करोड़ रुपए से अधिक का फर्जीवाड़ा करने वाले लोन माफिया लक्ष्य तंवर के खिलाफ 39 मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। जिनमें से 12 मामलों में रामनाथ मिश्रा भी आरोपी है।
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पुलिस के अनुसार रामनाथ मिश्रा 3 जून 2015 से 8 जून 2017 तक पीएनबी की चंद्रनगर शाखा में चीफ मैनेजर के पद पर तैनात था। जहां उस पर चार करोड़ रुपये तक का लोन करने का अधिकार था, लेकिन वो लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर एक करोड़ की संपत्ति पर 4 करोड़ रुपये के लोन स्वीकृत कराए।
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इसके बाद रामनाथ मिश्रा प्रमोशन पाकर पीएनबी आगरा का एजीएम बन गया। जहां उसे 10 करोड़ रुपये तक का लोन करने का अधिकार मिल गया। लेकिन वहां रहकर गाजियाबाद के लोगों को लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति पर 10-10 करोड़ रुपये तक के लोन कराए। लोन फर्जीवाड़ा मामला उजागर होने पर विभागीय जांच के बाद बैंक ने जुलाई 2021 में उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
एसपी सिटी का कहना है कि रामनाथ पर लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर लोन घोटाला करने का आरोप है। लोन फर्जीवाड़े में पीएनबी के एजीएम रामनाथ मिश्रा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उसके खिलाफ लोन फर्जीवाड़े के कई मामले दर्ज हैं।