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पीएम आवास सीबीआई जांच: कब्जा मिलने के बाद भी आवंटन होगा निरस्त
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पीएम आवास सीबीआई जांच: कब्जा मिलने के बाद भी आवंटन होगा निरस्त
गाजियाबाद। सीबीआई जांच के बीच जीडीए की 240 पीएम आवास की चाबी दिसंबर में आवंटियों को सौंपने की तैयारी चल रही है। आवंटियों के दस्तावेजों की जांच में अगर कोई गड़बड़ी सामने आती है तो कब्जे के बाद भी आवंटन को निरस्त किया जाएगा। दूसरी ओर आवेदन में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर विधिक कार्रवाई होना तय है।
सीबीआई की मांग पर जीडीए ने मधुबन बापूधाम योजना में 856 पीएम आवास में आवेदन से लेकर आवंटन तक के सभी आठ बिंदुओं पर दस्तावेज सौंप दिए हैं। अब केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच के केंद्र में डूडा की आवेदकों और आवंटियों की जांच की प्रक्रिया है। सीबीआई ने डूडा से भी योजना की जांच संबंधी सभी दस्तावेज की मांग की है।
जीडीए ने शासन से डीपीआर को स्वीकृति के बाद अगस्त 2018 में मधुबन बापूधाम योजना में पहले पीएम आवास प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। 856 भवनों के लिए करीब साढ़े सात हजार से अधिक आवेदन आए थे। फिर भवनों के आवंटन से पहले डूडा ने दो और फरवरी 2020 में आवंटन के बाद फिर से जांच की। फिर भाजपा पार्षद व जीडीए बोर्ड सदस्य हिमांशु मित्तल के सवाल उठाने के बाद आवंटन के बाद हुई जांच में कई अपात्र आवंटी और आवेदक पाए गए। ऐसे में आवेदकों और आवंटियों के सत्यापन का जिम्मा डूडा का होने के चलते विभागीय अधिकारी सवालों के घेरे में है।
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जीडीए उपाध्यक्ष= मधुबन बापूधाम पीएम आवास के तैयार भवनों का कब्जा डूडा से सत्यापित लिस्ट मिलने के बाद दिया जाएगा। उसके बाद भी सीबीआई जांच में गड़बड़ी मिलने पर कब्जा देने के बावजूद आवंटन को कैंसिल किया जाएगा।
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गाजियाबाद। सीबीआई जांच के बीच जीडीए की 240 पीएम आवास की चाबी दिसंबर में आवंटियों को सौंपने की तैयारी चल रही है। आवंटियों के दस्तावेजों की जांच में अगर कोई गड़बड़ी सामने आती है तो कब्जे के बाद भी आवंटन को निरस्त किया जाएगा। दूसरी ओर आवेदन में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर विधिक कार्रवाई होना तय है।
सीबीआई की मांग पर जीडीए ने मधुबन बापूधाम योजना में 856 पीएम आवास में आवेदन से लेकर आवंटन तक के सभी आठ बिंदुओं पर दस्तावेज सौंप दिए हैं। अब केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच के केंद्र में डूडा की आवेदकों और आवंटियों की जांच की प्रक्रिया है। सीबीआई ने डूडा से भी योजना की जांच संबंधी सभी दस्तावेज की मांग की है।
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जीडीए ने शासन से डीपीआर को स्वीकृति के बाद अगस्त 2018 में मधुबन बापूधाम योजना में पहले पीएम आवास प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। 856 भवनों के लिए करीब साढ़े सात हजार से अधिक आवेदन आए थे। फिर भवनों के आवंटन से पहले डूडा ने दो और फरवरी 2020 में आवंटन के बाद फिर से जांच की। फिर भाजपा पार्षद व जीडीए बोर्ड सदस्य हिमांशु मित्तल के सवाल उठाने के बाद आवंटन के बाद हुई जांच में कई अपात्र आवंटी और आवेदक पाए गए। ऐसे में आवेदकों और आवंटियों के सत्यापन का जिम्मा डूडा का होने के चलते विभागीय अधिकारी सवालों के घेरे में है।
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जीडीए उपाध्यक्ष= मधुबन बापूधाम पीएम आवास के तैयार भवनों का कब्जा डूडा से सत्यापित लिस्ट मिलने के बाद दिया जाएगा। उसके बाद भी सीबीआई जांच में गड़बड़ी मिलने पर कब्जा देने के बावजूद आवंटन को कैंसिल किया जाएगा।