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गाजियाबाद: चोरी के ट्रकों से हो रहा था सरकारी काम, 32 ट्रक बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार
Mon, 04 Oct 2021 01:39 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 04 Oct 2021 01:39 AM IST
सार
स्वाट टीम ने गाजियाबाद में चोरी के 32 ट्रक बरामद किए हैं, जिनकी कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ये ट्रक विभिन्न राज्यों से चुराए गए थे। इसका उपयोग सरकारी कामों में किया जा रहा था। इस मामले में तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
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चोरी के ट्रको पर फर्जी नंबर का प्रयोग करने वाले 3 अभियुक्त गिरफ्तार। संवाद
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विस्तार
कई राज्यों से ट्रक चोरी कर उनकी नंबर प्लेट और चेचिस नंबर बदलकर चलाने वाले गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। स्वाट टीम ने उनसे 32 ट्रक बरामद किए हैं, जिनकी कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। शातिर उत्तर प्रदेश, पंजाब और नागालैंड से सबसे ज्यादा ट्रक चोरी करते थे। इनका सरकारी कामों में प्रयोग किया जाता था, ताकि पकड़े न जा सकें। पकड़े गए तीनों आरोपी ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय से जुुड़े हैं।
परिवहन विभाग में थी सेटिंग
एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के नाम परवेंद्र तोमर निवासी पंजाबीपुरा मेरठ, लीलू उर्फ आदेश शर्मा निवासी लोहड़ा मेरठ और अमित नामदेव निवासी पटेलपुरी कंकरखेड़ा बताया है। परिवहन विभाग में थी आरोपियों की सेटिंग चोरी के ट्रक लेने के बाद आरोपी परिवहन विभाग में सेटिंग रखते थे। चोरी के ट्रकों पर उनके असली चेचिस नंबर और प्लेट हटाकर अपने खराब हो चुके वाहनों के नंबर चढ़वा देते थे, जिससे जांच होने पर फर्जीवाड़े का खुलासा न हो सके। अधिकारी चेक करते थे तो उस पर सारी जानकारी सही उपलब्ध होती थी।
जारी कराते थे फर्जी एनओसी
पकड़े गए आरोपियों ने बताया है कि वह संगठित गिरोह बनाकर नागालैंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से वाहनों को चोरी करने के बाद उनके फर्जी कागज तैयार कराते थे। जिनके आधार पर उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के लिए एनओसी जारी करा लेते थे। सही प्रमाण पत्र पर गाड़ियां चढ़ जाती थीं, जिससे किसी भी व्यक्ति को उन्हें पकड़ पाना आसान नहीं होता था।
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रेलवे का माल ढो रहे थे चोरी के ट्रक
आरोपी अमित नामदेव ने नार्दन रेलवे डिवीजन मुरादाबाद में अपनी कंपनी नामदेव इंटरप्राइजेज के नाम से एक करोड़ 95 लाख रुपये का रेलवे का माल ढोने का ठेका लिया है। इसकी सभी गाड़ी रेलवे का माल ढोती हैं।
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परिवहन विभाग में थी सेटिंग
एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के नाम परवेंद्र तोमर निवासी पंजाबीपुरा मेरठ, लीलू उर्फ आदेश शर्मा निवासी लोहड़ा मेरठ और अमित नामदेव निवासी पटेलपुरी कंकरखेड़ा बताया है। परिवहन विभाग में थी आरोपियों की सेटिंग चोरी के ट्रक लेने के बाद आरोपी परिवहन विभाग में सेटिंग रखते थे। चोरी के ट्रकों पर उनके असली चेचिस नंबर और प्लेट हटाकर अपने खराब हो चुके वाहनों के नंबर चढ़वा देते थे, जिससे जांच होने पर फर्जीवाड़े का खुलासा न हो सके। अधिकारी चेक करते थे तो उस पर सारी जानकारी सही उपलब्ध होती थी।
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जारी कराते थे फर्जी एनओसी
पकड़े गए आरोपियों ने बताया है कि वह संगठित गिरोह बनाकर नागालैंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से वाहनों को चोरी करने के बाद उनके फर्जी कागज तैयार कराते थे। जिनके आधार पर उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के लिए एनओसी जारी करा लेते थे। सही प्रमाण पत्र पर गाड़ियां चढ़ जाती थीं, जिससे किसी भी व्यक्ति को उन्हें पकड़ पाना आसान नहीं होता था।
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रेलवे का माल ढो रहे थे चोरी के ट्रक
आरोपी अमित नामदेव ने नार्दन रेलवे डिवीजन मुरादाबाद में अपनी कंपनी नामदेव इंटरप्राइजेज के नाम से एक करोड़ 95 लाख रुपये का रेलवे का माल ढोने का ठेका लिया है। इसकी सभी गाड़ी रेलवे का माल ढोती हैं।
नए मॉडल में रजिस्टर्ड करा देते हैं पुराने वाहन
स्वाट टीम प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्र ने बताया कि तरनजीत, निवासी तफाजलपुरा लुधियाना पंजाब में जिन गाड़ियों की अवधि पूरी हो गई है उन्हें नागालैंड, हिमाचल प्रदेश से फर्जी एनओसी बनवाने के बाद पटियाला, लुधियाना, सगरूर, शामली, बिजनौर, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के आरटीओ कार्यालय से सेटिंग करके पुराने मॉडल को नए वर्ष के मॉडल में रजिस्टर्ड करा देता है। उन पर फर्जी फाइनेंस कराते हैं। गाड़ियों को भोला दलाल निवासी दयालपुरा भारिका भटिंडा ने फर्जी रजिस्टर्ड कराया। मास्टर माइंड परमेंद्र का मेरठ में सम्राट ट्रांसपोर्ट है।
सभी ट्रक गाजियाबाद से हुए बरामद, नौ आरोपी फरार
सभी 32 ट्रकों को कविनगर, मधुबन बापूधाम, मोदीनगर और सिहानीगेट से बरामद किया गया है। नौ आरोपी हिमायत अली, सर्वेश कुमार, आबिद अली, विनेश, पवन शर्मा, उमेश कुमार, तरनजीत, भोला दलाल, तसब्बर फरार हैं।
परमेंद्र मेरठ आरटीओ में करता था दलाली
तसब्बर मेरठ रोडवेज डिपो में मैकेनिक था। वहां से नौकरी छोड़कर खुद का काम शुरू कर दिया और ट्रक व अन्य वाहनों की चेचिस बदलने लगा। वहीं परमेंद्र आरटीओ कार्यालय मेरठ में दलाली करता था। अधिकारियों से सेटिंग रखता था। कहां अधिकारी चेकिंग कर रहे हैं, उसकी जानकारी पहले ही संबंधित चालकों को पहुंचा देता था।
स्वाट टीम प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्र ने बताया कि तरनजीत, निवासी तफाजलपुरा लुधियाना पंजाब में जिन गाड़ियों की अवधि पूरी हो गई है उन्हें नागालैंड, हिमाचल प्रदेश से फर्जी एनओसी बनवाने के बाद पटियाला, लुधियाना, सगरूर, शामली, बिजनौर, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के आरटीओ कार्यालय से सेटिंग करके पुराने मॉडल को नए वर्ष के मॉडल में रजिस्टर्ड करा देता है। उन पर फर्जी फाइनेंस कराते हैं। गाड़ियों को भोला दलाल निवासी दयालपुरा भारिका भटिंडा ने फर्जी रजिस्टर्ड कराया। मास्टर माइंड परमेंद्र का मेरठ में सम्राट ट्रांसपोर्ट है।
सभी ट्रक गाजियाबाद से हुए बरामद, नौ आरोपी फरार
सभी 32 ट्रकों को कविनगर, मधुबन बापूधाम, मोदीनगर और सिहानीगेट से बरामद किया गया है। नौ आरोपी हिमायत अली, सर्वेश कुमार, आबिद अली, विनेश, पवन शर्मा, उमेश कुमार, तरनजीत, भोला दलाल, तसब्बर फरार हैं।
परमेंद्र मेरठ आरटीओ में करता था दलाली
तसब्बर मेरठ रोडवेज डिपो में मैकेनिक था। वहां से नौकरी छोड़कर खुद का काम शुरू कर दिया और ट्रक व अन्य वाहनों की चेचिस बदलने लगा। वहीं परमेंद्र आरटीओ कार्यालय मेरठ में दलाली करता था। अधिकारियों से सेटिंग रखता था। कहां अधिकारी चेकिंग कर रहे हैं, उसकी जानकारी पहले ही संबंधित चालकों को पहुंचा देता था।