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एनजीओ संचालक बन हनीट्रैप गैंग ने ठगे 73 हजार
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एनजीओ संचालक बन हनीट्रैप गैंग ने ठगे 73 हजार
गाजियाबाद। पुलिसकर्मी और फर्जी एनजीओ संचालक बन हनीट्रैप गैंग द्वारा युवक को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पहले तो युवती ने प्यार भरी बातों में उलझाया और फिर अश्लील वीडियो कॉल की। इसी वीडियो को रिकॉर्ड करने के बाद हनीट्रैप गैंग ने अपना काम शुरू कर दिया। बदनाम करने की धमकी देकर युवक से एक लाख रुपये मांगे। किसी ने पुलिसकर्मी बनकर तो किसी ने एनजीओ संचालक बन आंदोलन की धमकी दी। जैसे-तैसे 73 हजार रुपये देने के बाद भी रकम की मांग जारी रही तो युवक ने पुलिस से गुहार लगाई। साइबर सेल मामले की जांच पड़ताल कर रहा है।
युवक का कहना है कि है कि 28 अगस्त को फेसबुक पर अंजुम जैन नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। रात में उसी फेसबुक अकाउंट से वीडियो कॉल आई। देर रात का वक्त होने के कारण वह सो गए थे, लिहाजा कॉल रिसीव नहीं कर पाए। अगले दिन सुबह साढ़े 8 बजे उनके पास फिर से अंजुम जैन नाम के फेसबुक अकाउंट से वीडियो कॉल आई। जैसे ही उन्होंने कॉल रिसीव की तो दूसरी तरफ से एक युवती अश्लीलता करते हुई दिखी, लेकिन उसका चेहरा नहीं दिखाई दे रहा था। युवक ने कॉल काट दी। इसके बाद उसके पास व्हॉट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि अश्लील वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर ली गई है। बदनामी से बचना है तो एक लाख रुपये दे दो।
युवक का कहना है कि उसके पास एक और अनजान नंबर से कॉल आई। उसने खुद को पुलिसवाला बताते हुए कहा कि युवती ने शिकायत दी है। एफआईआर दर्ज की जा रही है। अगर जेल से बचना है तो मामला निपटा लो। इसके बाद उन्हें एक खाता नंबर दिया गया, जिसमें उन्होंने कुछ रकम डाल दी। इसके बाद उसके पास एक और नंबर से कॉल आया। उसने खुद को एनजीओ संचालिका बताया। कहा कि वह उसके खिलाफ आंदोलन करेगी। इस तरह उसने खाते में कुल 73 हजार रुपये जमा करा दिए। इसके बाद भी उससे रकम की मांग जारी रही तो पुलिस में शिकायत दी।
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साइबर सेल प्रभारी : हनीट्रैप गैंग द्वारा की जा रही घटनाएं बढ़ गई हैं। पीड़ित युवक की शिकायत पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। जिस खाते में रकम डलवाई गई, वह किसी विनोद नाम पर है। मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
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गाजियाबाद। पुलिसकर्मी और फर्जी एनजीओ संचालक बन हनीट्रैप गैंग द्वारा युवक को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पहले तो युवती ने प्यार भरी बातों में उलझाया और फिर अश्लील वीडियो कॉल की। इसी वीडियो को रिकॉर्ड करने के बाद हनीट्रैप गैंग ने अपना काम शुरू कर दिया। बदनाम करने की धमकी देकर युवक से एक लाख रुपये मांगे। किसी ने पुलिसकर्मी बनकर तो किसी ने एनजीओ संचालक बन आंदोलन की धमकी दी। जैसे-तैसे 73 हजार रुपये देने के बाद भी रकम की मांग जारी रही तो युवक ने पुलिस से गुहार लगाई। साइबर सेल मामले की जांच पड़ताल कर रहा है।
युवक का कहना है कि है कि 28 अगस्त को फेसबुक पर अंजुम जैन नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। रात में उसी फेसबुक अकाउंट से वीडियो कॉल आई। देर रात का वक्त होने के कारण वह सो गए थे, लिहाजा कॉल रिसीव नहीं कर पाए। अगले दिन सुबह साढ़े 8 बजे उनके पास फिर से अंजुम जैन नाम के फेसबुक अकाउंट से वीडियो कॉल आई। जैसे ही उन्होंने कॉल रिसीव की तो दूसरी तरफ से एक युवती अश्लीलता करते हुई दिखी, लेकिन उसका चेहरा नहीं दिखाई दे रहा था। युवक ने कॉल काट दी। इसके बाद उसके पास व्हॉट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि अश्लील वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर ली गई है। बदनामी से बचना है तो एक लाख रुपये दे दो।
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युवक का कहना है कि उसके पास एक और अनजान नंबर से कॉल आई। उसने खुद को पुलिसवाला बताते हुए कहा कि युवती ने शिकायत दी है। एफआईआर दर्ज की जा रही है। अगर जेल से बचना है तो मामला निपटा लो। इसके बाद उन्हें एक खाता नंबर दिया गया, जिसमें उन्होंने कुछ रकम डाल दी। इसके बाद उसके पास एक और नंबर से कॉल आया। उसने खुद को एनजीओ संचालिका बताया। कहा कि वह उसके खिलाफ आंदोलन करेगी। इस तरह उसने खाते में कुल 73 हजार रुपये जमा करा दिए। इसके बाद भी उससे रकम की मांग जारी रही तो पुलिस में शिकायत दी।
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साइबर सेल प्रभारी : हनीट्रैप गैंग द्वारा की जा रही घटनाएं बढ़ गई हैं। पीड़ित युवक की शिकायत पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। जिस खाते में रकम डलवाई गई, वह किसी विनोद नाम पर है। मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।