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एनजीटी के आदेश दरकिनार, महागुनपुरम में ले-आउट से नहीं बना ग्रीन एरिया
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एनजीटी के आदेश दरकिनार, महागुनपुरम में ले-आउट से नहीं बना ग्रीन एरिया
गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित महागुनपुरम सोसायटी में बिल्डर ने ले-आउट के हिसाब से ग्रीन एरिया विकसित नहीं किया। मामले में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) के 2018 में किए गए केस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पहले 2020 और फिर जुलाई 2021 में जीडीए को आदेश जारी कर सोसायटी में ले-आउट के हिसाब से ग्रीन एरिया विकसित करने के आदेश दिए। एनजीटी के आदेश के बावजूद अब तक जीडीए अधिकारियों ने कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है। एनजीटी के आदेश का हवाला देते हुए एओए पदाधिकारियों ने जीडीए अधिकारियों से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
महागुनपुरम सोसायटी एओए पदाधिकारियों का कहना है कि सोसायटी में तय ले-आउट के हिसाब से बिल्डर ने ग्रीन एरिया विकसित नहीं किया। ग्रीन एरिया की जगह पर क्लब के सामने जेनरेटर सेट लगा दिया गया। वहीं, सोसायटी के क्लब व स्वीमिंग पूल का बड़ा हिस्सा ग्रीन एरिया की जमीन पर बना हुआ है। ऐसे में नियमानुसार तय ग्रीन एरिया आधा रह गया है। इसी मामले में दाखिल केस पर एनजीटी ने आठ जुलाई को तय ले-आउट के अनुसार ग्रीन एरिया के विकास का निर्णय सुनाया था। मामले में ढाई माह बीते चुका है, लेकिन जीडीए अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।
एओए पदाधिकारियों का कहना है कि एनजीटी के आदेश पर जीडीए अधिकारियों और बिल्डर प्रतिनिधियों ने सोसायटी में मौके पर जाकर केवल निरीक्षण कर खानापूर्ति की है। समस्या का अब तक कोई निदान नहीं हुआ है। बिल्डर की अवैध गतिविधि से सोसायटी में मानकों में तक ग्रीन एरिया आधा रह गया है।
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अध्यक्ष एओए महागुनपुरम सोसायटी = सोसायटी में ग्रीन एरिया के बड़े हिस्से पर बिल्डर ने क्लब सहित अन्य चीजों का निर्माण किया है। मामले में एनजीटी के दो बार आदेश देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से रेजिडेंट्स में रोष है। जीडीए अधिकारियों से नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
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गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित महागुनपुरम सोसायटी में बिल्डर ने ले-आउट के हिसाब से ग्रीन एरिया विकसित नहीं किया। मामले में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) के 2018 में किए गए केस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पहले 2020 और फिर जुलाई 2021 में जीडीए को आदेश जारी कर सोसायटी में ले-आउट के हिसाब से ग्रीन एरिया विकसित करने के आदेश दिए। एनजीटी के आदेश के बावजूद अब तक जीडीए अधिकारियों ने कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है। एनजीटी के आदेश का हवाला देते हुए एओए पदाधिकारियों ने जीडीए अधिकारियों से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
महागुनपुरम सोसायटी एओए पदाधिकारियों का कहना है कि सोसायटी में तय ले-आउट के हिसाब से बिल्डर ने ग्रीन एरिया विकसित नहीं किया। ग्रीन एरिया की जगह पर क्लब के सामने जेनरेटर सेट लगा दिया गया। वहीं, सोसायटी के क्लब व स्वीमिंग पूल का बड़ा हिस्सा ग्रीन एरिया की जमीन पर बना हुआ है। ऐसे में नियमानुसार तय ग्रीन एरिया आधा रह गया है। इसी मामले में दाखिल केस पर एनजीटी ने आठ जुलाई को तय ले-आउट के अनुसार ग्रीन एरिया के विकास का निर्णय सुनाया था। मामले में ढाई माह बीते चुका है, लेकिन जीडीए अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।
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एओए पदाधिकारियों का कहना है कि एनजीटी के आदेश पर जीडीए अधिकारियों और बिल्डर प्रतिनिधियों ने सोसायटी में मौके पर जाकर केवल निरीक्षण कर खानापूर्ति की है। समस्या का अब तक कोई निदान नहीं हुआ है। बिल्डर की अवैध गतिविधि से सोसायटी में मानकों में तक ग्रीन एरिया आधा रह गया है।
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अध्यक्ष एओए महागुनपुरम सोसायटी = सोसायटी में ग्रीन एरिया के बड़े हिस्से पर बिल्डर ने क्लब सहित अन्य चीजों का निर्माण किया है। मामले में एनजीटी के दो बार आदेश देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से रेजिडेंट्स में रोष है। जीडीए अधिकारियों से नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।