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डीएल दे दो सरकार...विदेश में चलाएंगे कार
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डीएल दे दो सरकार...विदेश में चलाएंगे कार
गाजियाबाद। विदेश में कार चलाने के लिए इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का क्रेज बढ़ा है। जिले में 2016 से अब तक 2000 से अधिक लोग इंटरनेशनल लाइसेंस बनवा चुके हैं। 300 से अधिक लोगों ने आवेदन किया है। इसमें 70 फीसदी से ज्यादा लोग घूमने वाले हैं, जबकि 30 फीसदी लोग नौकरी के लिए बनवा रहे हैं।
2017 से इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की ओर रुझान बढ़ा है। इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस कोई स्पेशल लाइसेंस नहीं होता है, इसको सिर्फ कई भाषाओं में ट्रांसलेट कर दिया जाता है। कोरोना के कारण वर्ष 2020 और 2021 में संख्या में रही है। सिंगापुर, बैंकॉक, कनाडा, आस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा डीएल बनवाए हैं।
देश में वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो उसके लिए 100 दिन से ज्यादा इंतजार करना होगा। जबकि इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए केवल एक से पांच दिन का ही इंतजार करना होगा। इंटरनेशनल डीएल बनने के बाद आप अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत 150 से ज्यादा देशों में वाहन रेंट पर ले सकते हैं और ड्राइविंग कर सकते हैं। इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल विदेश में पहचान पत्र के रूप में भी किया जा सकता है। आपको बता दें कि इंटरनेशनल ड्राइविंग और रोड ट्रैफिक को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कानून हैं।
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सुमित चित्रांश = जब पहली बार विदेश घूमने के लिए गए तो वहां किराये पर चलाने के लिए गाड़ी मांगी। तो उन्होंने इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस मांगा, जो हमारे पास नहीं था। दूसरी बार जाने के लिए सबसे पहले इंटरनेशनल डीएल बनवाया।
कुनाल सिन्हा = पहली यात्रा के दौरान अधिकतर लोगों को इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में जानकारी नहीं होती है। वहां जाने के बाद ही पता चला। अब जब भी जाते हैं, वहां किराये पर गाड़ी लेते हैं और दोस्तों के साथ घूमने निकल जाते हैं।
एआरटीओ प्रशासन = पिछले कुछ वर्षों में लोगों ने काफी संख्या में इंटरनेशनल डीएल बनवाए हैं। सबसे ज्यादा लोगों ने घूमने के लिए और कुछ लोगों ने विदेश में चालक की नौकरी के लिए आवेदन किया है।
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गाजियाबाद। विदेश में कार चलाने के लिए इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का क्रेज बढ़ा है। जिले में 2016 से अब तक 2000 से अधिक लोग इंटरनेशनल लाइसेंस बनवा चुके हैं। 300 से अधिक लोगों ने आवेदन किया है। इसमें 70 फीसदी से ज्यादा लोग घूमने वाले हैं, जबकि 30 फीसदी लोग नौकरी के लिए बनवा रहे हैं।
2017 से इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की ओर रुझान बढ़ा है। इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस कोई स्पेशल लाइसेंस नहीं होता है, इसको सिर्फ कई भाषाओं में ट्रांसलेट कर दिया जाता है। कोरोना के कारण वर्ष 2020 और 2021 में संख्या में रही है। सिंगापुर, बैंकॉक, कनाडा, आस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा डीएल बनवाए हैं।
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देश में वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो उसके लिए 100 दिन से ज्यादा इंतजार करना होगा। जबकि इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए केवल एक से पांच दिन का ही इंतजार करना होगा। इंटरनेशनल डीएल बनने के बाद आप अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत 150 से ज्यादा देशों में वाहन रेंट पर ले सकते हैं और ड्राइविंग कर सकते हैं। इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल विदेश में पहचान पत्र के रूप में भी किया जा सकता है। आपको बता दें कि इंटरनेशनल ड्राइविंग और रोड ट्रैफिक को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कानून हैं।
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सुमित चित्रांश = जब पहली बार विदेश घूमने के लिए गए तो वहां किराये पर चलाने के लिए गाड़ी मांगी। तो उन्होंने इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस मांगा, जो हमारे पास नहीं था। दूसरी बार जाने के लिए सबसे पहले इंटरनेशनल डीएल बनवाया।
कुनाल सिन्हा = पहली यात्रा के दौरान अधिकतर लोगों को इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में जानकारी नहीं होती है। वहां जाने के बाद ही पता चला। अब जब भी जाते हैं, वहां किराये पर गाड़ी लेते हैं और दोस्तों के साथ घूमने निकल जाते हैं।
एआरटीओ प्रशासन = पिछले कुछ वर्षों में लोगों ने काफी संख्या में इंटरनेशनल डीएल बनवाए हैं। सबसे ज्यादा लोगों ने घूमने के लिए और कुछ लोगों ने विदेश में चालक की नौकरी के लिए आवेदन किया है।