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दो साल बाद दिल्ली-मेरठ मार्ग से हटी बैरीकेडिंग
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मेरठ रोड में निर्माणधीन रैपिड रेल के शटरींग व कॉलम का काम पुरा होने के बाद कार्यक्षेत्र सुरक्षा ?
- फोटो : GHAZIABAD City
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दो साल बाद दिल्ली-मेरठ मार्ग से हटी बैरीकेडिंग
राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से दुहाई के बीच तीन किमी एरिया में लगी थी बैरीकेडिंग
दोनों ओर तीन-तीन लेन चालू होने से वाहनों की बढ़ी रफ्तार
दो माह के अंदर मेरठ रोड तक बेरीकेडिंग हटने से और मिलेगी राहत
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से दुहाई के बीच करीब तीन किमी की बैरीकेडिंग हटने वाहनों की रफ्तार बढ़ गई है। एनसीआरटीसी ने रैपिड निर्माण के लिए दो साल से यह बैरीकेडिंग की हुई थी। दोनों ओर तीन-तीन लेन चालू हो जाने से वाहन चालकों को राहत मिली। एनसीआरटीसी ने दिल्ली-मेरठ मार्ग पर मेरठ रोड तिराहा से दुहाई तक 9.5 किमी तक बैरीकेडिंग कर रखी है।
मिनटों में पहुंचेंगे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
एनसीआरटीसी की योजना पहले खंड में दिल्ली-मेरठ हाईवे से सिलसिलेवार बैरीकेडिंग हटाने की है। आने वाले दो माह में निर्माण कार्य की समीक्षा और एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण को देखते हुए बैरीकेडिंग हटाई जाएगी। मार्ग पर पूरे 9.5 किमी से बैरीकेडिंग हटने से कुछ मिनटों के अंदर दुहाई होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पहुंचा जा सकेगा। वर्तमान में रैपिड रेल के एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण के लिए दिल्ली-मेरठ मार्ग पर करीब ढाई लेन पर एनसीआरटीसी ने बैरीकेडिंग की है। बैरीकेडिंग के चलते हाईवे पर जाम की समस्या को खत्म करने के लिए एक-एक लेन और निर्माण किया गया था। ऐसे में पूरी तरह से बैरीकेडिंग हटते ही दिल्ली-मेरठ मार्गकुल छह लेन का हो जाएगा। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स का कहना है कि पहले खंड में नौ किमी का एलिवेटेड ट्रैक तैयार है। ऐसे में दुहाई के पास करीब तीन किमी एरिया में फिलहाल बैरीकेडिंग हटाने से ट्रैफिक को गति मिली है। निर्माण की समीक्षा के बाद सिलसिलेवार बैरीकेडिंग हटाने पर निर्णय होगा।
खत्म हो जाएगी जाम की समस्या
रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्य के कारण हुई बैरीकेडिंग से मार्ग पर दिन में कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। बैरीकेडिंग के कारण अब तक दो-दो लेन से ही ट्रैफिक गुजरता है। सुबह-शाम वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या गहरा जाती है। ऐसे में रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेज गति से चलने और एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण पूरा होते ही बैरीकेडिंग को पूरी तरह से हटा लिया जाएगा। जिससे मार्ग पर जाम की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। प्राथमिकता वाले खंड में निर्माण संबंधी सिविल वर्क 2022 मध्य से पहले पूरा होना संभावित है।
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एनसीआरटीसी ने रैपिड के प्राथमिकता खंड पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले साल 2019 में बैरीकेडिंग की थी। बैरीकेडिंग के वक्त दिल्ली-मेरठ मार्ग कुल चार लेन का था। दोनों ओर एक-एक लेन पर बैरीकेडिंग के बाद एनसीआरटीसी की ओर से चौड़ीकरण कर अतिरिक्त एक-एक लेन का निर्माण किया गया।
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राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से दुहाई के बीच तीन किमी एरिया में लगी थी बैरीकेडिंग
दोनों ओर तीन-तीन लेन चालू होने से वाहनों की बढ़ी रफ्तार
दो माह के अंदर मेरठ रोड तक बेरीकेडिंग हटने से और मिलेगी राहत
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से दुहाई के बीच करीब तीन किमी की बैरीकेडिंग हटने वाहनों की रफ्तार बढ़ गई है। एनसीआरटीसी ने रैपिड निर्माण के लिए दो साल से यह बैरीकेडिंग की हुई थी। दोनों ओर तीन-तीन लेन चालू हो जाने से वाहन चालकों को राहत मिली। एनसीआरटीसी ने दिल्ली-मेरठ मार्ग पर मेरठ रोड तिराहा से दुहाई तक 9.5 किमी तक बैरीकेडिंग कर रखी है।
मिनटों में पहुंचेंगे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
एनसीआरटीसी की योजना पहले खंड में दिल्ली-मेरठ हाईवे से सिलसिलेवार बैरीकेडिंग हटाने की है। आने वाले दो माह में निर्माण कार्य की समीक्षा और एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण को देखते हुए बैरीकेडिंग हटाई जाएगी। मार्ग पर पूरे 9.5 किमी से बैरीकेडिंग हटने से कुछ मिनटों के अंदर दुहाई होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पहुंचा जा सकेगा। वर्तमान में रैपिड रेल के एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण के लिए दिल्ली-मेरठ मार्ग पर करीब ढाई लेन पर एनसीआरटीसी ने बैरीकेडिंग की है। बैरीकेडिंग के चलते हाईवे पर जाम की समस्या को खत्म करने के लिए एक-एक लेन और निर्माण किया गया था। ऐसे में पूरी तरह से बैरीकेडिंग हटते ही दिल्ली-मेरठ मार्गकुल छह लेन का हो जाएगा। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स का कहना है कि पहले खंड में नौ किमी का एलिवेटेड ट्रैक तैयार है। ऐसे में दुहाई के पास करीब तीन किमी एरिया में फिलहाल बैरीकेडिंग हटाने से ट्रैफिक को गति मिली है। निर्माण की समीक्षा के बाद सिलसिलेवार बैरीकेडिंग हटाने पर निर्णय होगा।
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खत्म हो जाएगी जाम की समस्या
रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्य के कारण हुई बैरीकेडिंग से मार्ग पर दिन में कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। बैरीकेडिंग के कारण अब तक दो-दो लेन से ही ट्रैफिक गुजरता है। सुबह-शाम वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या गहरा जाती है। ऐसे में रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेज गति से चलने और एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण पूरा होते ही बैरीकेडिंग को पूरी तरह से हटा लिया जाएगा। जिससे मार्ग पर जाम की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। प्राथमिकता वाले खंड में निर्माण संबंधी सिविल वर्क 2022 मध्य से पहले पूरा होना संभावित है।
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एनसीआरटीसी ने रैपिड के प्राथमिकता खंड पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले साल 2019 में बैरीकेडिंग की थी। बैरीकेडिंग के वक्त दिल्ली-मेरठ मार्ग कुल चार लेन का था। दोनों ओर एक-एक लेन पर बैरीकेडिंग के बाद एनसीआरटीसी की ओर से चौड़ीकरण कर अतिरिक्त एक-एक लेन का निर्माण किया गया।