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पांडव नगर की दो केमिकल फैक्टरी की जांच करेगा कारखाना विभाग

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 01:21 AM IST
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पांडव नगर की दो केमिकल फैक्टरी की जांच करेगा कारखाना विभाग
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गाजियाबाद। पांडव नगर स्थित दो केमिकल फैक्टरी में लगी आग की जांच कारखाना विभाग करेगा। रविवार को टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी, लेकिन धुआं ज्यादा होने के कारण टीम को वापस जाना पड़ा। अब मंगलवार को टीम फिर से जांच करने के लिए पहुंचेगी। जांच के बाद ही फैक्टरी की स्थिति, लाइसेंस, श्रमिकों की स्थिति के बारे में सही जानकारी हो सकेगी।
रविवार सुबह करीब नौ बजे जीटी रोड स्थित पांडव नगर औद्योगिक क्षेत्र की केमिकल फैक्टरी में आग लग गई थी। रासायनों से भरे ड्रमों में आग लगने से स्थिति भयावह हो गई। ड्रम फटने की आवाज से लोग जान बचाने के लिए दौड़ते रहे। समय रहते श्रमिक फैक्टरी से बाहर आ गए। आसपास की फैक्टरी के श्रमिक भी बाहर निकल आए थे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि आग की स्थिति को देखते हुए 16 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भेजी गईं। एक फैक्टरी में छह और दूसरी फैक्टरी में ढाई घंटे में आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि छुट्टी होने के कारण कर्मचारी नहीं थे, जिससे जनहानि नहीं हुई। इस दौरान फायर ब्रिगेड के कर्मचारी चोटिल हो गए। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केमिकल फैक्टरी के अंदर आग बुझाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। जबकि उसके अंदर आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन होने चाहिए थे। केमिकल की फैक्टरी में इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। समय से दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंचती तो आग बुझाना कठिन हो जाता। आसपास की और फैक्टरी भी आग की चपेट में आ सकती थीं। कई फैक्टरी में ड्रम फटने से दरार आ गईं। धुआं की वजह से कुछ लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हुई। स्थिति को देखते हुए दमकल के कर्मचारियों ने आसपास की फैक्टरी को भी खाली कराया, जिससे कोई बड़ी घटना न हो।
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फैक्टरी की मालिक से लेंगे रिपोर्ट
कारखाना विभाग के सहायक निदेशक एके सिंह ने बताया कि आग की घटना होने के बाद उन्होंने वहां का निरीक्षण किया और स्थिति के बारे में जाना। उन्होंने बताया कि धुआं अधिक होने के कारण सही से जांच नहीं हो सकी थी। फैक्टरी के लाइसेंस और श्रमिकों की संख्या आदि की रिपोर्ट फैक्टरी मालिक से ली जाएगी। उसके बाद ही विभाग की टीम जांच शुरु करेगी। उन्होंने बताया कि 20 श्रमिकों वाली फैक्टरियों को ही कारखाना अधिनियम में लाइसेंस लेने की अनिवार्यता होती है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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