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तीन करोड़ रुपये में खरीदीं मशीनें , सालभर गोदाम से नहीं निकलीं
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तीन करोड़ रुपये में खरीदीं मशीनें , सालभर गोदाम से नहीं निकलीं
गाजियाबाद। शहर की सफाई के लिए खरीदी गईं करीब डेढ़ करोड़ की कूड़ा कांपेक्टर मशीनें एक साल से नगर निगम के गैराज में धूल फांक रही हैं। शहर की सीवर मेंटेनेंस की व्यवस्था प्राइवेट कंपनी के हाथों में जाने के बाद निगम की करीब 2 करोड़ की सुपर शकर मशीनें और वाहन भी गैराज में खड़े हो गए हैं।
नगर निगम ने कॉलोनियों से कूड़ाघरों को विलोपित किया है। इसके लिए कई स्थानों पर ट्रांसफर स्टेशन बनाए गए हैं। इन ट्रांसफर स्टेशनों पर कूड़े को कांपेक्ट करने वाली मशीनें लगाई गई हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करके छोटे वाहन कचरे को इन ट्रांसफर स्टेशन पर पहुंचाते हैं और यहां से कचरे को बड़े वाहनों से डंपिंग ग्राउंड तक भेजा जाता है। ट्रांसफर स्टेशनों पर लगाई जाने वाली पांच मशीनें करीब एक साल से गोविंदपुरम स्थित नगर निगम के गैराज पर रखी हैं। इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। साल भर से खुले में खड़ी इन मशीनों में न केवल धूल मिट्टी, बल्कि बरसात का पानी भी जा रहा है। इसकी वजह से मशीनें खराब हो रही हैं। निगम पार्षदों का कहना है कि बिना जरूरत के मशीनों की खरीदारी कर स्वच्छता के नाम पर सरकारी फंड को ठिकाने लगाया जा रहा है।
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सीवर व्यवस्था में लगे वाहन हुए खाली, नहीं हो रहा इस्तेमाल
नगर निगम ने जब से शहर के सीवर मेंटेनेंस का कांट्रेक्ट प्राइवेट कंपनी को दिया, तब से कंपनी अपने वाहनों का इस्तेमाल कर रही है। एक-एक करोड़ की लागत वाली दो सुपर शकर मशीन अब गोदाम में खड़ी हो गई हैं। वही ट्रकों पर लगी जेटिंग, प्रेशर मशीनें भी अब गैराज में खड़ी धूल फांक रही हैं। नगर निगम इन वाहनों से मशीनें हटाकर कूड़ा उठाने में इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। कूड़ा उठाने के लिए नए वाहन खरीदे जा रहे हैं।
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बिना जरूरत के खरीदी जा रहीं मशीनें
नगर निगम बिना जरूरत के मशीनों और संसाधनों पर पैसा खर्च कर रहा है। मशीनों को खरीदे जाने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में भी नहीं लाया जाता। प्रस्ताव पर चर्चा कराई जानी चाहिए। पार्षदों से भी जानकारी लेनी चाहिए कि खरीदी जा रहीं मशीनों की जरूरत है या नहीं। - मनोज चौधरी, कांग्रेस पार्षद
अधिकारियों के खर्चों पर लगे अंकुश
जनता का पैसा बर्बाद किया जा रहा है और इसकी भरपाई करने के लिए जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों को खर्चों पर भी अंकुश लगाना चाहिए। ऐसी मशीनें भी खरीदी जा रही हैं जिनका नगर निगम में कोई उपयोग नहीं हो रहा। - अजय शर्मा, कांग्रेस पार्षद
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मशीनों का होगा उपयोग
नगर निगम ने कूड़ा कांपेक्टर मशीनें खरीदी हैं। इन्हें लगाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इन्हें ट्रांसफर स्टेशन पर लगाने के लिए पहले प्लेटफार्म और टीनशेड बनाया जाता है और फिर बिजली कनेक्शन लेकर इन्हें चालू किया जाता है। गोविंदपुरम में खड़ी मशीनों को जल्द ही डायमंड फ्लाईओवर के पास और अन्य स्थानों पर लगवाया जाएगा। इससे शहर की कूड़ा उठान व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। - डॉ. मिथिलेश कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
नहीं है जानकारी
मामला संज्ञान में नहीं है। मशीनें खरीदकर अगर गैराज में खड़ी है तो उसकी जानकारी कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। उन्हें उचित स्थानों पर लगवाया जाएगा। - आशा शर्मा, महापौर
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गाजियाबाद। शहर की सफाई के लिए खरीदी गईं करीब डेढ़ करोड़ की कूड़ा कांपेक्टर मशीनें एक साल से नगर निगम के गैराज में धूल फांक रही हैं। शहर की सीवर मेंटेनेंस की व्यवस्था प्राइवेट कंपनी के हाथों में जाने के बाद निगम की करीब 2 करोड़ की सुपर शकर मशीनें और वाहन भी गैराज में खड़े हो गए हैं।
नगर निगम ने कॉलोनियों से कूड़ाघरों को विलोपित किया है। इसके लिए कई स्थानों पर ट्रांसफर स्टेशन बनाए गए हैं। इन ट्रांसफर स्टेशनों पर कूड़े को कांपेक्ट करने वाली मशीनें लगाई गई हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करके छोटे वाहन कचरे को इन ट्रांसफर स्टेशन पर पहुंचाते हैं और यहां से कचरे को बड़े वाहनों से डंपिंग ग्राउंड तक भेजा जाता है। ट्रांसफर स्टेशनों पर लगाई जाने वाली पांच मशीनें करीब एक साल से गोविंदपुरम स्थित नगर निगम के गैराज पर रखी हैं। इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। साल भर से खुले में खड़ी इन मशीनों में न केवल धूल मिट्टी, बल्कि बरसात का पानी भी जा रहा है। इसकी वजह से मशीनें खराब हो रही हैं। निगम पार्षदों का कहना है कि बिना जरूरत के मशीनों की खरीदारी कर स्वच्छता के नाम पर सरकारी फंड को ठिकाने लगाया जा रहा है।
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सीवर व्यवस्था में लगे वाहन हुए खाली, नहीं हो रहा इस्तेमाल
नगर निगम ने जब से शहर के सीवर मेंटेनेंस का कांट्रेक्ट प्राइवेट कंपनी को दिया, तब से कंपनी अपने वाहनों का इस्तेमाल कर रही है। एक-एक करोड़ की लागत वाली दो सुपर शकर मशीन अब गोदाम में खड़ी हो गई हैं। वही ट्रकों पर लगी जेटिंग, प्रेशर मशीनें भी अब गैराज में खड़ी धूल फांक रही हैं। नगर निगम इन वाहनों से मशीनें हटाकर कूड़ा उठाने में इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। कूड़ा उठाने के लिए नए वाहन खरीदे जा रहे हैं।
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बिना जरूरत के खरीदी जा रहीं मशीनें
नगर निगम बिना जरूरत के मशीनों और संसाधनों पर पैसा खर्च कर रहा है। मशीनों को खरीदे जाने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में भी नहीं लाया जाता। प्रस्ताव पर चर्चा कराई जानी चाहिए। पार्षदों से भी जानकारी लेनी चाहिए कि खरीदी जा रहीं मशीनों की जरूरत है या नहीं। - मनोज चौधरी, कांग्रेस पार्षद
अधिकारियों के खर्चों पर लगे अंकुश
जनता का पैसा बर्बाद किया जा रहा है और इसकी भरपाई करने के लिए जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों को खर्चों पर भी अंकुश लगाना चाहिए। ऐसी मशीनें भी खरीदी जा रही हैं जिनका नगर निगम में कोई उपयोग नहीं हो रहा। - अजय शर्मा, कांग्रेस पार्षद
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मशीनों का होगा उपयोग
नगर निगम ने कूड़ा कांपेक्टर मशीनें खरीदी हैं। इन्हें लगाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इन्हें ट्रांसफर स्टेशन पर लगाने के लिए पहले प्लेटफार्म और टीनशेड बनाया जाता है और फिर बिजली कनेक्शन लेकर इन्हें चालू किया जाता है। गोविंदपुरम में खड़ी मशीनों को जल्द ही डायमंड फ्लाईओवर के पास और अन्य स्थानों पर लगवाया जाएगा। इससे शहर की कूड़ा उठान व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। - डॉ. मिथिलेश कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
नहीं है जानकारी
मामला संज्ञान में नहीं है। मशीनें खरीदकर अगर गैराज में खड़ी है तो उसकी जानकारी कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। उन्हें उचित स्थानों पर लगवाया जाएगा। - आशा शर्मा, महापौर