{"_id":"5e6296208ebc3eeb17310485","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-news-gbd195548870","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना: पाजिटिव रोगी के संपर्क में आया एक युवक, हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना: पाजिटिव रोगी के संपर्क में आया एक युवक, हड़कंप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुलंदशहर में मिला कोरोना का संदिग्ध
बुलंदशहर। कोरोना वायरस से पीड़ित गाजियाबाद निवासी व्यक्ति के संपर्क में आए जनपद के जहांगीराबाद निवासी युवक को जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। उसका सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया है। वहीं, युवक के सात परिजनों को भी एहतियातन जिला अस्पताल में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है।
कोरोना वायरस को लेकर एहतियात के तौर पर अफसरों को पूर्व में ही शासन द्वारा अलर्ट जारी कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना वायरस की चपेट में आए सिकंदराबाद निवासी युवक और उसके परिवार की रिपोर्ट निगेटिव आने पर अफसरों ने जहां राहत की सांस ली थी। वहीं, अब जनपद के जहांगीराबाद निवासी एक युवक के गाजियाबाद के कोरोना वायरस से पीड़ित व्यापारी के संपर्क में आने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जहांगीराबाद क्षेत्र निवासी एक युवक बिजनेस करता है। वह गत दो मार्च को गाजियाबाद निवासी एक कारोबारी से मिला था, तीन मार्च को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कारोबारी को अस्पताल में भर्ती कराकर सैंपल जांच को भेजा, जहां पांच मार्च को कारोबारी की रिपोर्ट पाजिटिव आने पर अफसरों में हड़कंप मच गया। इसके बाद कारोबारी से गत माह में मिलने वाले लोगों को ब्यौरा एकत्र करना शुरू कर दिया। जहांगीराबाद निवासी युवक के संबंधित कारोबारी से मुलाकात की जानकारी मिलने पर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों द्वारा संपर्क किया गया और शुक्रवार को युवक के जिला अस्पताल आने पर संबंधित को आइसोलेशन वार्ड (कोरोना वार्ड) में भर्ती कर सैंपल लेकर जांच को एनसीडीसी दिल्ली भेज दिया गया, जिसकी रिपोर्ट शनिवार शाम तक आने की उम्मीद है। इसी एहतियात को देखते हुए युवक के साथ परिवार के सात सदस्यों को भी कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया। वहीं, जांच रिपोर्ट आने तक पूरा परिवार स्वास्थ्य अफसरों की निगरानी में रहेगा। रिपोर्ट निगेटिव आती है तो इनको घर भेज दिया जाएगा।
कोट =
जहांगीराबाद निवासी व्यापारी को गाजियाबाद निवासी कोरोना रोगी के संपर्क में आने की सूचना पर एहतियात के तौर पर भर्ती किया गया है। साथ ही व्यापारी का परिवार भी आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। जांच रिपोर्ट आने तक परिवार कोरोना वार्ड में ही रहेगा। रिपोर्ट निगेटिव आने पर घर भेज दिया जाएगा और यदि रिपोर्ट पाजिटिव आती है तो परिवार के अन्य सदस्यों का सैंपल भी जांच को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
- डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
विदेश से आने वाले सभी पर रखी जाएगी नजर
- केंद्र सरकार से संक्रमण फैलने से रोकने को जारी किए आदेश
चेतन शर्मा
बुलंदशहर। कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार ने विदेश से आने वाले सभी लोगों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अभी तक स्वास्थ्य अफसर कोरोना से प्रभावित 10 देशों से आने वालों की जांच-पड़ताल कर रहे थे, लेकिन अब केंद्र सरकार ने सभी देशों से आने वाले यात्रियों पर निगरानी के निर्देश दिए हैं। निर्देश मिलने के बाद जनपद में स्वास्थ्य अफसर यात्रियों की मॉनीटरिंग करने में जुट गए हैं।
चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना का कहर चीन के साथ-साथ अन्य देशों में भी फैलने लगा है। देश में कोरोना के संदिग्ध के केस तो मिले हैं, लेकिन अभी तक किसी भी भारतीय नागरिक की कोरोना वायरस से मौत नहीं हुई है। वहीं, स्वास्थ्य अफसर चीन के साथ 10 अन्य देशों से आने वाले लोगों पर निगरानी रख रहे हैं। साथ ही उनका लगातार 14 दिन तक स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। अब केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के असर बढ़ने पर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभी तक चीन, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर, हांगकांग, थाईलैंड, इंडोनेशिया, वियतनाम, ईरान और इटली से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही है। लेकिन अब सभी देशों को शामिल किया गया है। शासन द्वारा स्वास्थ्य अफसरों को सभी देशों से आने वाले लोगों की मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
इनसेट=
विदेश आते-जाते रहते हैं जिलेवासी
जिले के अधिकांश व्यापारी वर्ग के लोग कारोबार के सिलसिले में या टूर पैकेज में अक्सर विदेशों की सैर करने को आते-जाते रहते हैं। गत माह पूर्व भी विदेशों से कई लोगों का जिले में आगमन हुआ था, लेकिन उस समय कोरोना वायरस का कहर शुरू ही हुआ था।
इनसेट=
सांस लेने में होती है परेशानी
चिकित्सकों के अनुसार जानलेवा वायरस कोरोना के लक्षण भी स्वाइन फ्लू जैसे ही हैं, लेकिन ये स्वाइन फ्लू से अधिक खतरनाक हैं। कोरोना वायरस में भी जुकाम, खांसी के साथ बुखार भी आता है और मरीज निमोनिया से पीड़ित हो जाता है। साथ ही सांस लेने में भी परेशानी होती है। ऐसे में मरीज को तत्काल आक्सीजन देने की जरूरत पड़ती है।
कोट :=
अब चीन, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर, हांगकांग, थाईलैंड के साथ इंडोनेशिया, वियतनाम, ईरान और इटली के साथ अन्य देशों से आने वाले यात्रियों को निगरानी में रखा जाएगा। इस संबंध में केंद्र सरकार के निर्देश मिल चुके हैं।
- डॉ. केएन तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
फोटो समाचार =
मास्क लगाकर चिकित्सकों ने किया उपचार
- कोरोना, स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए बरत रहे एहतियात
- जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मी भी पहन रहे मास्क
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट होने के साथ ही चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी भी सतर्कता बरत रहे हैं। जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में चिकित्सक के साथ स्वास्थ्य कर्मी मास्क लगाकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में अधिकांश स्टाफ मास्क लगाकर काम करते नजर आए।
कोरोना वायरस भीड़ वाले स्थानों पर अधिक फैलता है। जिससे एक मरीज से दूसरे मरीज में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। वहीं, जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज और तीमारदारों का आना-जाना लगा रहता है। इस दौरान कोई संक्रमण रोगी ना आए इसको लेकर चिकित्सक के साथ-साथ स्टाफ मास्क लगाकर काम कर रहे हैं। साथ ही मरीजों को भी बचाव संबंधी जानकारी दे रहे हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. परविंदर ने बताया कि वायरस खासकर हवा, खांसी, जुकाम और छींक से फैलता है। इससे बचाव के लिए सबसे अच्छा तरीका हैंडवॉश है। कोरोना वायरस किसी धातु या कपड़े पर आ जाता है। वायरस से बचाव के लिए सभी चिकित्सक और स्टाफ मास्क पहनने की सलाह दी गई है। उधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि कोरोना और स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिला अस्पताल आने वाले तीमारदारों और मरीजों से नजला, जुकाम और खांसी होने पर उसे पंजीकृत चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही ऐसे व्यक्ति को मास्क लगाने के लिए कहा जा रहा है, जिससे संबंधित का संक्रमण दूसरे व्यक्ति तक न पहुंचे। वहीं, उन्होंने बचाव के लिए मास्क लगाने और हाथ धोने के लिए सेनेटनाइजर या साबुन का प्रयोग करने की सलाह दी।
विज्ञापन
बुलंदशहर। कोरोना वायरस से पीड़ित गाजियाबाद निवासी व्यक्ति के संपर्क में आए जनपद के जहांगीराबाद निवासी युवक को जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। उसका सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया है। वहीं, युवक के सात परिजनों को भी एहतियातन जिला अस्पताल में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है।
कोरोना वायरस को लेकर एहतियात के तौर पर अफसरों को पूर्व में ही शासन द्वारा अलर्ट जारी कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना वायरस की चपेट में आए सिकंदराबाद निवासी युवक और उसके परिवार की रिपोर्ट निगेटिव आने पर अफसरों ने जहां राहत की सांस ली थी। वहीं, अब जनपद के जहांगीराबाद निवासी एक युवक के गाजियाबाद के कोरोना वायरस से पीड़ित व्यापारी के संपर्क में आने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जहांगीराबाद क्षेत्र निवासी एक युवक बिजनेस करता है। वह गत दो मार्च को गाजियाबाद निवासी एक कारोबारी से मिला था, तीन मार्च को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कारोबारी को अस्पताल में भर्ती कराकर सैंपल जांच को भेजा, जहां पांच मार्च को कारोबारी की रिपोर्ट पाजिटिव आने पर अफसरों में हड़कंप मच गया। इसके बाद कारोबारी से गत माह में मिलने वाले लोगों को ब्यौरा एकत्र करना शुरू कर दिया। जहांगीराबाद निवासी युवक के संबंधित कारोबारी से मुलाकात की जानकारी मिलने पर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों द्वारा संपर्क किया गया और शुक्रवार को युवक के जिला अस्पताल आने पर संबंधित को आइसोलेशन वार्ड (कोरोना वार्ड) में भर्ती कर सैंपल लेकर जांच को एनसीडीसी दिल्ली भेज दिया गया, जिसकी रिपोर्ट शनिवार शाम तक आने की उम्मीद है। इसी एहतियात को देखते हुए युवक के साथ परिवार के सात सदस्यों को भी कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया। वहीं, जांच रिपोर्ट आने तक पूरा परिवार स्वास्थ्य अफसरों की निगरानी में रहेगा। रिपोर्ट निगेटिव आती है तो इनको घर भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
कोट =
जहांगीराबाद निवासी व्यापारी को गाजियाबाद निवासी कोरोना रोगी के संपर्क में आने की सूचना पर एहतियात के तौर पर भर्ती किया गया है। साथ ही व्यापारी का परिवार भी आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। जांच रिपोर्ट आने तक परिवार कोरोना वार्ड में ही रहेगा। रिपोर्ट निगेटिव आने पर घर भेज दिया जाएगा और यदि रिपोर्ट पाजिटिव आती है तो परिवार के अन्य सदस्यों का सैंपल भी जांच को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
- डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
विदेश से आने वाले सभी पर रखी जाएगी नजर
- केंद्र सरकार से संक्रमण फैलने से रोकने को जारी किए आदेश
चेतन शर्मा
बुलंदशहर। कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार ने विदेश से आने वाले सभी लोगों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अभी तक स्वास्थ्य अफसर कोरोना से प्रभावित 10 देशों से आने वालों की जांच-पड़ताल कर रहे थे, लेकिन अब केंद्र सरकार ने सभी देशों से आने वाले यात्रियों पर निगरानी के निर्देश दिए हैं। निर्देश मिलने के बाद जनपद में स्वास्थ्य अफसर यात्रियों की मॉनीटरिंग करने में जुट गए हैं।
चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना का कहर चीन के साथ-साथ अन्य देशों में भी फैलने लगा है। देश में कोरोना के संदिग्ध के केस तो मिले हैं, लेकिन अभी तक किसी भी भारतीय नागरिक की कोरोना वायरस से मौत नहीं हुई है। वहीं, स्वास्थ्य अफसर चीन के साथ 10 अन्य देशों से आने वाले लोगों पर निगरानी रख रहे हैं। साथ ही उनका लगातार 14 दिन तक स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। अब केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के असर बढ़ने पर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभी तक चीन, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर, हांगकांग, थाईलैंड, इंडोनेशिया, वियतनाम, ईरान और इटली से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही है। लेकिन अब सभी देशों को शामिल किया गया है। शासन द्वारा स्वास्थ्य अफसरों को सभी देशों से आने वाले लोगों की मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
इनसेट=
विदेश आते-जाते रहते हैं जिलेवासी
जिले के अधिकांश व्यापारी वर्ग के लोग कारोबार के सिलसिले में या टूर पैकेज में अक्सर विदेशों की सैर करने को आते-जाते रहते हैं। गत माह पूर्व भी विदेशों से कई लोगों का जिले में आगमन हुआ था, लेकिन उस समय कोरोना वायरस का कहर शुरू ही हुआ था।
इनसेट=
सांस लेने में होती है परेशानी
चिकित्सकों के अनुसार जानलेवा वायरस कोरोना के लक्षण भी स्वाइन फ्लू जैसे ही हैं, लेकिन ये स्वाइन फ्लू से अधिक खतरनाक हैं। कोरोना वायरस में भी जुकाम, खांसी के साथ बुखार भी आता है और मरीज निमोनिया से पीड़ित हो जाता है। साथ ही सांस लेने में भी परेशानी होती है। ऐसे में मरीज को तत्काल आक्सीजन देने की जरूरत पड़ती है।
कोट :=
अब चीन, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर, हांगकांग, थाईलैंड के साथ इंडोनेशिया, वियतनाम, ईरान और इटली के साथ अन्य देशों से आने वाले यात्रियों को निगरानी में रखा जाएगा। इस संबंध में केंद्र सरकार के निर्देश मिल चुके हैं।
- डॉ. केएन तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
फोटो समाचार =
मास्क लगाकर चिकित्सकों ने किया उपचार
- कोरोना, स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए बरत रहे एहतियात
- जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मी भी पहन रहे मास्क
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट होने के साथ ही चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी भी सतर्कता बरत रहे हैं। जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में चिकित्सक के साथ स्वास्थ्य कर्मी मास्क लगाकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में अधिकांश स्टाफ मास्क लगाकर काम करते नजर आए।
कोरोना वायरस भीड़ वाले स्थानों पर अधिक फैलता है। जिससे एक मरीज से दूसरे मरीज में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। वहीं, जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज और तीमारदारों का आना-जाना लगा रहता है। इस दौरान कोई संक्रमण रोगी ना आए इसको लेकर चिकित्सक के साथ-साथ स्टाफ मास्क लगाकर काम कर रहे हैं। साथ ही मरीजों को भी बचाव संबंधी जानकारी दे रहे हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. परविंदर ने बताया कि वायरस खासकर हवा, खांसी, जुकाम और छींक से फैलता है। इससे बचाव के लिए सबसे अच्छा तरीका हैंडवॉश है। कोरोना वायरस किसी धातु या कपड़े पर आ जाता है। वायरस से बचाव के लिए सभी चिकित्सक और स्टाफ मास्क पहनने की सलाह दी गई है। उधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि कोरोना और स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिला अस्पताल आने वाले तीमारदारों और मरीजों से नजला, जुकाम और खांसी होने पर उसे पंजीकृत चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही ऐसे व्यक्ति को मास्क लगाने के लिए कहा जा रहा है, जिससे संबंधित का संक्रमण दूसरे व्यक्ति तक न पहुंचे। वहीं, उन्होंने बचाव के लिए मास्क लगाने और हाथ धोने के लिए सेनेटनाइजर या साबुन का प्रयोग करने की सलाह दी।