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जीएसटी का सर्वर डाउन, नहीं भरी जा रही मासिक रिटर्न
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जीएसटी का सर्वर डाउन, नहीं भरी जा रही मासिक रिटर्न
गाजियाबाद। जीएसटी का सर्वर डाउन रहने से वाणिज्य कर विभाग के दोनों जोन में करीब 30 हजार व्यापारियों की मासिक रिटर्न लटकी हुई है। इसके अलावा व्यापारी और अधिवक्ताओं को वार्षिक रिटर्न भरने में भी परेशानी हो रही है। 17 जनवरी मासिक रिटर्न भरने की आखिरी तारीख थी। ऐसे में रिटर्न न भर पाने पर व्यापारियों को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी भी देनी पड़ रही है।
वाणिज्यकर विभाग जोन-1 और जोन-2 में हापुड़, बुलंदशहर को मिलाकर करीब 70 हजार व्यापारी पंजीकृत हैं। 17 जनवरी तक व्यापारियों को जीएसटी की मासिक रिटर्न दाखिल करनी थी लेकिन इससे पहले ही जीएसटी सर्वर फेल होने से व्यापारियों के रिटर्न अटक गए। वरिष्ठ टैक्स अधिवक्ता डीके गांधी ने बताया कि सर्वर फेल होने से 30 हजार से अधिक व्यापारियों के रिटर्न नहीं भर पाए हैं। इसके अलावा 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से व्यापारियों को पेनल्टी भी देनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि जीएसटी सर्वर डाउन रहने की समस्या हर बार ही खड़ी हो जाती है। ऐसे में व्यापारियों को पेनल्टी सहित रिटर्न जमा करनी होती है। अंतिम तारीख 17 जनवरी से लेकर 21 जनवरी तक सर्वर पूरी तरह से ठप रहा। ऐसे में व्यापारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वार्षिक रिटर्न में भी सर्वर का डर
व्यापारियों को डर है कि अगर जीएसटी का सर्वर इसी तरह से काम करता रहा तो 31 जनवरी तक भरे जाने वाले वार्षिक रिटर्न में भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। तय तारीख तक वार्षिक रिटर्न न भरे जाने पर 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी देनी होती है।
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दो दिन से सर्वर शुरू हुआ है लेकिन सर्वर स्लो रहने की शिकायत अभी भी मिल रही है। इसको लेकर मुख्यालय को सूचित कराया गया है। व्यापारी समय से रिटर्न दाखिल करें। एक साथ व्यापारियों के अंतिम तारीख को रिटर्न दाखिल करने से सर्वर पर लोड पड़ता है।
अरविंद कुमार, एडिशनल कमिश्नर
वाणिज्य कर विभाग
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गाजियाबाद। जीएसटी का सर्वर डाउन रहने से वाणिज्य कर विभाग के दोनों जोन में करीब 30 हजार व्यापारियों की मासिक रिटर्न लटकी हुई है। इसके अलावा व्यापारी और अधिवक्ताओं को वार्षिक रिटर्न भरने में भी परेशानी हो रही है। 17 जनवरी मासिक रिटर्न भरने की आखिरी तारीख थी। ऐसे में रिटर्न न भर पाने पर व्यापारियों को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी भी देनी पड़ रही है।
वाणिज्यकर विभाग जोन-1 और जोन-2 में हापुड़, बुलंदशहर को मिलाकर करीब 70 हजार व्यापारी पंजीकृत हैं। 17 जनवरी तक व्यापारियों को जीएसटी की मासिक रिटर्न दाखिल करनी थी लेकिन इससे पहले ही जीएसटी सर्वर फेल होने से व्यापारियों के रिटर्न अटक गए। वरिष्ठ टैक्स अधिवक्ता डीके गांधी ने बताया कि सर्वर फेल होने से 30 हजार से अधिक व्यापारियों के रिटर्न नहीं भर पाए हैं। इसके अलावा 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से व्यापारियों को पेनल्टी भी देनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि जीएसटी सर्वर डाउन रहने की समस्या हर बार ही खड़ी हो जाती है। ऐसे में व्यापारियों को पेनल्टी सहित रिटर्न जमा करनी होती है। अंतिम तारीख 17 जनवरी से लेकर 21 जनवरी तक सर्वर पूरी तरह से ठप रहा। ऐसे में व्यापारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वार्षिक रिटर्न में भी सर्वर का डर
व्यापारियों को डर है कि अगर जीएसटी का सर्वर इसी तरह से काम करता रहा तो 31 जनवरी तक भरे जाने वाले वार्षिक रिटर्न में भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। तय तारीख तक वार्षिक रिटर्न न भरे जाने पर 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी देनी होती है।
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दो दिन से सर्वर शुरू हुआ है लेकिन सर्वर स्लो रहने की शिकायत अभी भी मिल रही है। इसको लेकर मुख्यालय को सूचित कराया गया है। व्यापारी समय से रिटर्न दाखिल करें। एक साथ व्यापारियों के अंतिम तारीख को रिटर्न दाखिल करने से सर्वर पर लोड पड़ता है।
अरविंद कुमार, एडिशनल कमिश्नर
वाणिज्य कर विभाग
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