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सात एफआईआर में छह हजार लोग, 135 को भेजा जेल
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सात एफआईआर में छह हजार लोग, 135 को भेजा जेल
गाजियाबाद। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के मद्देनदर शुक्रवार को नमाज के बाद हुए बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन ने उत्पातियों को लेकर सख्त रूख अपना लिया है। अभी तक जिले के पांच थानों में छह हजार लोगों के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। 135 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।
नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली सहित यूपी में तमाम स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा की गई। हिंसा से गाजियाबाद भी अछूता नहीं रहा और शुक्रवार को नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों ने बवाल किया। नगर कोतवाली के कैला भट्ठा, लोनी, साहिबाबाद के पसौंडा व मुरादनगर में सड़क पर जाने से रोकने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। कुछ स्थानों पर वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए पुलिस पर फायरिंग भी की गई। पुलिस ने बल प्रयोग कर बवालियों को खदेड़ा था। बवाल में सीओ, दो एसएचओ सहित दर्जनभर पुलिसकर्मी घायल हुए थे। शुक्रवार देर रात तक मुरादनगर, लोनी, साहिबाबाद व नगर कोतवाली में 250 लोगों को नामजद कर 3500 बवालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। देर रात तक 66 बवाली गिरफ्तार कर किए गए थे।
अलग-अलग दर्ज होंगे मुकदमे, डीएम-एसएसपी ने बनाई रूपरेखा
डीएम-एसएसपी ने शनिवार सुबह अधीनस्थों के साथ बैठक कर बवालियों के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति तैयार की। एसपी सिटी मनीष मिश्र, एसपी देहात नीरज कुमार जादौन को बवालियों की पहचान कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि अगर एक ही क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर बवाल काटा गया तो उनकी अलग से एफआईआर दर्ज की जाए। बवालियों पर किसी तरह की नरमी न बरती जाए।
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मुकदमों की संख्या बढ़कर सात हुई
डीएम-एसएसपी के निर्देश के बाद तीन और एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें दो एफआईआर मुरादनगर व एक लोनी बॉर्डर थाने में दर्ज की गई है। इसके बाद कुल एफआईआर की संख्या सात हो गई है। इन मुकदमों में 450 से अधिक लोगों को नामजद कर 6 हजार बवालियों को शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पहचान होते ही नामजद बवालियों की संख्या बढ़ती रहेगी।
450 नामजद आरोपियों में दर्जनों रसूखदार शामिल
बवाल के 450 नामजद आरोपियों की फेहरिस्त में कई रसूखदार व संभ्रांत लोग भी शामिल हैं। लोनी कोतवाली में पूर्व विधायक जाकिर अली, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री असद अली मुखिया, छह सभासद व पूर्व सभासद, दर्जनभर मौलाना व दर्जनों सपा नेताओं को नामजद किया गया है। मुरादनगर थाने में सपा के पूर्व नगराध्यक्ष परवेज चौधरी, सपा नेता अबरार अल्वी और पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष के बेटे दानिश को नामजद किया है। साहिबाबाद में सपा नेता रिजवान व पीस पार्टी नेता शाहिद सैफी तथा नगर कोतवाली में पार्षद पति आरिफ मलिक आरोपियों की लिस्ट में शामिल है।
बवालियों का चिह्नीकरण किया जा रहा है। अब तक करीब 6 हजार बवालियों के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। वीडियो-फोटो आदि से पहचान कर आरोपियों की गिरफ्तारी का कार्य जारी है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। - सुधीर कुमार सिंह, एसएसपी
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गाजियाबाद। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के मद्देनदर शुक्रवार को नमाज के बाद हुए बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन ने उत्पातियों को लेकर सख्त रूख अपना लिया है। अभी तक जिले के पांच थानों में छह हजार लोगों के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। 135 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।
नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली सहित यूपी में तमाम स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा की गई। हिंसा से गाजियाबाद भी अछूता नहीं रहा और शुक्रवार को नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों ने बवाल किया। नगर कोतवाली के कैला भट्ठा, लोनी, साहिबाबाद के पसौंडा व मुरादनगर में सड़क पर जाने से रोकने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। कुछ स्थानों पर वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए पुलिस पर फायरिंग भी की गई। पुलिस ने बल प्रयोग कर बवालियों को खदेड़ा था। बवाल में सीओ, दो एसएचओ सहित दर्जनभर पुलिसकर्मी घायल हुए थे। शुक्रवार देर रात तक मुरादनगर, लोनी, साहिबाबाद व नगर कोतवाली में 250 लोगों को नामजद कर 3500 बवालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। देर रात तक 66 बवाली गिरफ्तार कर किए गए थे।
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अलग-अलग दर्ज होंगे मुकदमे, डीएम-एसएसपी ने बनाई रूपरेखा
डीएम-एसएसपी ने शनिवार सुबह अधीनस्थों के साथ बैठक कर बवालियों के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति तैयार की। एसपी सिटी मनीष मिश्र, एसपी देहात नीरज कुमार जादौन को बवालियों की पहचान कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि अगर एक ही क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर बवाल काटा गया तो उनकी अलग से एफआईआर दर्ज की जाए। बवालियों पर किसी तरह की नरमी न बरती जाए।
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मुकदमों की संख्या बढ़कर सात हुई
डीएम-एसएसपी के निर्देश के बाद तीन और एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें दो एफआईआर मुरादनगर व एक लोनी बॉर्डर थाने में दर्ज की गई है। इसके बाद कुल एफआईआर की संख्या सात हो गई है। इन मुकदमों में 450 से अधिक लोगों को नामजद कर 6 हजार बवालियों को शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पहचान होते ही नामजद बवालियों की संख्या बढ़ती रहेगी।
450 नामजद आरोपियों में दर्जनों रसूखदार शामिल
बवाल के 450 नामजद आरोपियों की फेहरिस्त में कई रसूखदार व संभ्रांत लोग भी शामिल हैं। लोनी कोतवाली में पूर्व विधायक जाकिर अली, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री असद अली मुखिया, छह सभासद व पूर्व सभासद, दर्जनभर मौलाना व दर्जनों सपा नेताओं को नामजद किया गया है। मुरादनगर थाने में सपा के पूर्व नगराध्यक्ष परवेज चौधरी, सपा नेता अबरार अल्वी और पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष के बेटे दानिश को नामजद किया है। साहिबाबाद में सपा नेता रिजवान व पीस पार्टी नेता शाहिद सैफी तथा नगर कोतवाली में पार्षद पति आरिफ मलिक आरोपियों की लिस्ट में शामिल है।
बवालियों का चिह्नीकरण किया जा रहा है। अब तक करीब 6 हजार बवालियों के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। वीडियो-फोटो आदि से पहचान कर आरोपियों की गिरफ्तारी का कार्य जारी है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। - सुधीर कुमार सिंह, एसएसपी