फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad news

शिक्षक राशन और वैक्सीन सेंटर संभालने में व्यस्त, 38 स्कूलों में पढ़ाई होगी बंद

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jul 2021 01:18 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad news
शिक्षक राशन और वैक्सीन सेंटर संभालने में व्यस्त, 38 स्कूलों में पढ़ाई होगी बंद
विज्ञापन

राहुल सक्सेना
गाजियाबाद। नगर क्षेत्र में 38 एकल विद्यालय हैं। इनमें 38 शिक्षक हैं, जिनकी इन दिनों राशन बंटवाने और वैक्सीन सेंटर संभालने में ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह से बंद हो जाएगी।
दरअसल बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की वैक्सीन लगवाने और राशन वितरण में ड्यूटी लगा दी गई है। यह शिक्षक प्रत्येक दिन वैक्सीन सेंटर पर जाएंगे। जबकि कुछ शिक्षकों को राशन वितरण का नोडल बनाया गया है। यह महीने में छह दिन राशन का वितरण कराएंगे। नगर क्षेत्र के 130 स्कूलों के 60 शिक्षकों की ड्यूटी वैक्सीन और करीब 30 से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी राशन वितरण में लगाई गई है।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालय नगर क्षेत्र की स्थिति खराब है। नगर क्षेत्र के 130 स्कूलों में 24,506 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनको शिक्षित करने की जिम्मेदारी 266 शिक्षकों के ऊपर है। इसमें से अब 60 शिक्षकों की ड्यूटी टीका लगवाने में लगा दी गई है। जबकि 30 शिक्षकों को राशन वितरण कराने का नोडल बनाया गया है। इस आंकड़े के हिसाब से 176 शिक्षकों केहवाले 24,506 छात्र-छात्राओं की शिक्षा व्यवस्था होगी। 130 स्कूलों में 38 स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ एक ही शिक्षक तैनात हैं। इन स्कूलों में छात्रों की संख्या अच्छी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 200 से लेकर 466 बच्चे पंजीकृत हैं। यह शिक्षक टीकाकरण सेंटर और राशन वितरण कराने चले जाते हैं तो छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन कक्षाएं बंद हो जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- सात हजार से ज्यादा बच्चे हैं प्रभावित
नगर क्षेत्र के एकल विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब सात हजार छात्र-छात्राएं शिक्षकों की ड्यूटी लगने से प्रभावित हैं। यह शिक्षक वैक्सीन केंद्रों पर जाने के कारण बच्चों को ऑनलाइन कक्षाएं नहीं दे पाते। इसमें 38 स्कूलों के छात्रों को नुकसान ज्यादा होगा। बड़ी बात यह है कि जो ड्यूटी जिला पूर्ति अधिकारी की तरफ से लगाई गई है, उसका रिकॉर्ड शिक्षा विभाग को नहीं दिया गया है।
- ड्यूटी लगाते समय नहीं रखा छात्रों की स्थिति का ध्यान
विभाग द्वारा शिक्षकों की ड्यूटी लगाने केदौरान छात्र-छात्राओं की संख्या का ध्यान नहीं रखा गया है। जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, उनमें से काफी शिक्षक एकल विद्यालय के हैं। अधिकारियों को ड्यूटी लगाते समय इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए था।

शासन को भी लिखा
वैक्सीन लगाने और राशन वितरण में कुछ शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें ऐसे स्कूलों को ध्यान में रखा गया है जो एकल विद्यालय हैं। फिर भी कहीं एकल विद्यालय के शिक्षक की ड्यूटी लग गई है तो उनकी ड्यूटी कटवाकर दूसरे शिक्षक की लगाई जाएगी। किसी भी स्कूल की कक्षाओं को बंद नहीं किया जाएगा। शहरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। शासन को लिखा भी गया है।
बृजभूषण चौधरी, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed