{"_id":"60b297df8ebc3eff5c30bde3","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-city-news-gbd2195119173","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिन बच्चों को छिन गया सहारा, उन्हें 12वीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिन बच्चों को छिन गया सहारा, उन्हें 12वीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिन बच्चों को छिन गया सहारा, उन्हें 12वीं
तक निशुल्क शिक्षा देगा नेहरू वर्ल्ड स्कूल
गाजियाबाद। कोरोना महामारी में कठिन दौर में कई बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। ऐसे में अब कई परिवारों में घर चलाने के साथ बच्चों की स्कूल फीस भरने वाला कोई नहीं बचा है। ऐसे मुश्किल समय में शास्त्रीनगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल ने पूरे गाजियाबाद में नई मिसाल पेश की है। नेहरू वर्ल्ड में पढ़ने वाले बच्चे के यहां कमाने वाले सदस्य को खोने वाले छात्रों की मदद को स्कूल प्रबंधन ने हाथ बढ़ाते हुए 12वीं तक की स्कूल फीस माफ करने का निर्णय लिया है।
प्रबंधन ने अपने स्कूल के ऐसे बच्चों के परिजनों से स्कूल में आवेदन पत्र जमा करने का अनुरोध किया है। स्कूल के निदेशक अरुणाभ सिंह का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी बच्चों का अधिकार है। कोरोना महामारी की चपेट में आने से उनके स्कूल में पढ़ने वाले कई बच्चों के माता या पिता के साथ कमाने वाले सदस्य के निधन की सूचना प्राप्त हुई। परिवार पर आए संकट की घड़ी में बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आए इसलिए स्कूल प्रबंधन ने अपने स्कूल में पढ़ने वाले ऐसे बच्चों को स्कूल में पढ़ने तक निशुल्क शिक्षा देने का कदम उठाया है।
विज्ञापन
तक निशुल्क शिक्षा देगा नेहरू वर्ल्ड स्कूल
गाजियाबाद। कोरोना महामारी में कठिन दौर में कई बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। ऐसे में अब कई परिवारों में घर चलाने के साथ बच्चों की स्कूल फीस भरने वाला कोई नहीं बचा है। ऐसे मुश्किल समय में शास्त्रीनगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल ने पूरे गाजियाबाद में नई मिसाल पेश की है। नेहरू वर्ल्ड में पढ़ने वाले बच्चे के यहां कमाने वाले सदस्य को खोने वाले छात्रों की मदद को स्कूल प्रबंधन ने हाथ बढ़ाते हुए 12वीं तक की स्कूल फीस माफ करने का निर्णय लिया है।
प्रबंधन ने अपने स्कूल के ऐसे बच्चों के परिजनों से स्कूल में आवेदन पत्र जमा करने का अनुरोध किया है। स्कूल के निदेशक अरुणाभ सिंह का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी बच्चों का अधिकार है। कोरोना महामारी की चपेट में आने से उनके स्कूल में पढ़ने वाले कई बच्चों के माता या पिता के साथ कमाने वाले सदस्य के निधन की सूचना प्राप्त हुई। परिवार पर आए संकट की घड़ी में बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आए इसलिए स्कूल प्रबंधन ने अपने स्कूल में पढ़ने वाले ऐसे बच्चों को स्कूल में पढ़ने तक निशुल्क शिक्षा देने का कदम उठाया है।
विज्ञापन