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जिंदगी से परेशान हूं...लिखकर फंदे पर झूला ट्रांसपोर्टर
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जिंदगी से परेशान हूं...लिखकर फंदे पर झूला ट्रांसपोर्टर
गाजियाबाद। कविनगर क्षेत्र के विवेकानंद नगर में मंगलवार को ट्रांसपोर्ट कारोबारी सचिन गर्ग (38) ने पंखे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस कमरे में छानबीन की तो एक कागज पर सुसाइड नोट लिखा मिला। उसमें सचिन गर्ग ने लिखा कि वह अपनी जिंदगी से परेशान हैं और पूरे होशो हवास में सुसाइड कर रहे हैं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या करने की वजह का पता लगाया जा रहा है।
एसएचओ कविनगर अजय कुमार ने बताया कि विवेकानंद नगर निवासी सचिन गर्ग हापुड़ रोड स्थित गुरुद्वारे के सामने गोपाल ट्रांसपोर्ट के नाम से ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते थे। उनके परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी लक्ष्मी गर्ग और 13 साल का बेटा प्रियांश गर्ग है। रोजाना की तरह मंगलवार को भी वह हापुड़ रोड स्थित अपने ट्रांसपोर्ट ऑफिस पर गए थे। दोपहर करीब 12 बजे वह अपने ऑफिस से निकले। उन्होंने ऑफिस में मौजूद अपने पिता राजाराम गर्ग से कहा कि वह थोड़ी देर में वापस लौटकर आ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक सचिन गर्ग ऑफिस से सीधे अपने घर पहुंचे और फर्स्ट फ्लोर स्थित अपने कमरे में चले गए। काफी देर बाद कमरे से बाहर न निकलने पर बेटा प्रियांश उन्हें देखने गया तो उसकी चीख निकल गई। पंखे पर डले फंदे पर सचिन गर्ग लटके हुए थे। इसके बाद परिवार के अन्य लोग भी कमरे में पहुंचे और चीख-पुकार मच गई।
हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आई थी मां
परिजनों के मुताबिक सचिन गर्ग की मां गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती रही थीं। हाल ही में वह डिस्चार्ज होकर घर आई थीं। मां ग्राउंड फ्लोर पर रहती थीं। घटना के दौरान सचिन गर्ग की पत्नी और बेटा मां के पास ही थे। परिजनों की चीख पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और सचिन गर्ग को अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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हंसमुख स्वभाव और कोई रंजिश नहीं...लोग हैरान
पुलिस पूछताछ में परिजनों ने किसी भी तरह के विवाद और रंजिश से इनकार किया है। वहीं, लोगों का कहना है कि सचिन गर्ग कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए थे। वह अपनों के स्वभाव के थे। जरूरतमंदों की मदद के लिए वह हमेशा तैयार रहते थे। उनके द्वारा आत्महत्या जैसा कदम उठाना गले नहीं उतर रहा। घटना के बाद शहर के तमाम व्यापारी और समाजसेवी सचिन गर्ग के घर पर जुट गए।
मोबाइल की सीडीआर से सुराग मिलने की संभावना
सीओ कविनगर अभय कुमार मिश्र ने बताया कि कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें सचिन गर्ग ने लिखा है कि वह अपनी जिंदगी से परेशान होकर सुसाइड कर रहे हैं। सीओ का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं लग पाया है। मोबाइल की सीडीआर निकलवाकर पता लगाया जाएगा कि वह किस-किस से बात करते थे। इसके अलावा परिजनों से जानकारी हासिल की जाएगी।
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गाजियाबाद। कविनगर क्षेत्र के विवेकानंद नगर में मंगलवार को ट्रांसपोर्ट कारोबारी सचिन गर्ग (38) ने पंखे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस कमरे में छानबीन की तो एक कागज पर सुसाइड नोट लिखा मिला। उसमें सचिन गर्ग ने लिखा कि वह अपनी जिंदगी से परेशान हैं और पूरे होशो हवास में सुसाइड कर रहे हैं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या करने की वजह का पता लगाया जा रहा है।
एसएचओ कविनगर अजय कुमार ने बताया कि विवेकानंद नगर निवासी सचिन गर्ग हापुड़ रोड स्थित गुरुद्वारे के सामने गोपाल ट्रांसपोर्ट के नाम से ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते थे। उनके परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी लक्ष्मी गर्ग और 13 साल का बेटा प्रियांश गर्ग है। रोजाना की तरह मंगलवार को भी वह हापुड़ रोड स्थित अपने ट्रांसपोर्ट ऑफिस पर गए थे। दोपहर करीब 12 बजे वह अपने ऑफिस से निकले। उन्होंने ऑफिस में मौजूद अपने पिता राजाराम गर्ग से कहा कि वह थोड़ी देर में वापस लौटकर आ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक सचिन गर्ग ऑफिस से सीधे अपने घर पहुंचे और फर्स्ट फ्लोर स्थित अपने कमरे में चले गए। काफी देर बाद कमरे से बाहर न निकलने पर बेटा प्रियांश उन्हें देखने गया तो उसकी चीख निकल गई। पंखे पर डले फंदे पर सचिन गर्ग लटके हुए थे। इसके बाद परिवार के अन्य लोग भी कमरे में पहुंचे और चीख-पुकार मच गई।
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हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आई थी मां
परिजनों के मुताबिक सचिन गर्ग की मां गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती रही थीं। हाल ही में वह डिस्चार्ज होकर घर आई थीं। मां ग्राउंड फ्लोर पर रहती थीं। घटना के दौरान सचिन गर्ग की पत्नी और बेटा मां के पास ही थे। परिजनों की चीख पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और सचिन गर्ग को अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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हंसमुख स्वभाव और कोई रंजिश नहीं...लोग हैरान
पुलिस पूछताछ में परिजनों ने किसी भी तरह के विवाद और रंजिश से इनकार किया है। वहीं, लोगों का कहना है कि सचिन गर्ग कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए थे। वह अपनों के स्वभाव के थे। जरूरतमंदों की मदद के लिए वह हमेशा तैयार रहते थे। उनके द्वारा आत्महत्या जैसा कदम उठाना गले नहीं उतर रहा। घटना के बाद शहर के तमाम व्यापारी और समाजसेवी सचिन गर्ग के घर पर जुट गए।
मोबाइल की सीडीआर से सुराग मिलने की संभावना
सीओ कविनगर अभय कुमार मिश्र ने बताया कि कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें सचिन गर्ग ने लिखा है कि वह अपनी जिंदगी से परेशान होकर सुसाइड कर रहे हैं। सीओ का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं लग पाया है। मोबाइल की सीडीआर निकलवाकर पता लगाया जाएगा कि वह किस-किस से बात करते थे। इसके अलावा परिजनों से जानकारी हासिल की जाएगी।