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मिट्टी का टीका लगाकर होली खेलेंगे किसान
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ढोल बजाकर विरोध जताते किसान।
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ढोल बजाकर किसानों ने की मुआवजे की मांग
गाजियाबाद। सदरपुर में जीडीए के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों ने शनिवार को होली मनाई। मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में अधिग्रहीत की गई 800 एकड़ जमीन के बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर 10 माह से धरने पर बैठे किसान ढोल की थाप पर थिरके। उनका कहना है कि यह ढोल जिला प्रशासन और जीडीए के अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए बजाए गए हैं।
सदरपुर समेत छह गांव के किसान एक समान मुआवजे की मांग को लेकर 10 माह से सदरपुर स्थित सरकारी स्कूल में धरना दे रहे हैं। जीडीए और जिला प्रशासन के अधिकारियों से कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन किसानों की मांगे पूरी नहीं हुई हैं। किसानों का कहना है कि धरना शुरू करने से करीब दो साल पहले से वह जिला प्रशासन और जीडीए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
शनिवार को किसानों ने धरनास्थल पर ढोल बजाकर जिला प्रशासन के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने को अनूठे अंदाज में प्रदर्शन किया। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरदीप शर्ता का कहना है कि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अब ये ढोल कलक्ट्रेट के बाहर बेमियादी समय तक के लिए बजाए जाएंगे। इस दौरान गौरी शंकर, अनुराग दीप कौशिक, प्रशांत चौधरी, सुनील शेरावत, महेंद्र मुखिया, रामनाथ, जसवीर चौधरी समेत बड़ी संख्या में महिला किसान भी मौजूद रहीं।
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गाजियाबाद। सदरपुर में जीडीए के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों ने शनिवार को होली मनाई। मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में अधिग्रहीत की गई 800 एकड़ जमीन के बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर 10 माह से धरने पर बैठे किसान ढोल की थाप पर थिरके। उनका कहना है कि यह ढोल जिला प्रशासन और जीडीए के अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए बजाए गए हैं।
सदरपुर समेत छह गांव के किसान एक समान मुआवजे की मांग को लेकर 10 माह से सदरपुर स्थित सरकारी स्कूल में धरना दे रहे हैं। जीडीए और जिला प्रशासन के अधिकारियों से कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन किसानों की मांगे पूरी नहीं हुई हैं। किसानों का कहना है कि धरना शुरू करने से करीब दो साल पहले से वह जिला प्रशासन और जीडीए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
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शनिवार को किसानों ने धरनास्थल पर ढोल बजाकर जिला प्रशासन के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने को अनूठे अंदाज में प्रदर्शन किया। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरदीप शर्ता का कहना है कि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अब ये ढोल कलक्ट्रेट के बाहर बेमियादी समय तक के लिए बजाए जाएंगे। इस दौरान गौरी शंकर, अनुराग दीप कौशिक, प्रशांत चौधरी, सुनील शेरावत, महेंद्र मुखिया, रामनाथ, जसवीर चौधरी समेत बड़ी संख्या में महिला किसान भी मौजूद रहीं।
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