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किसानों ने महापंचायत कर बिल्डर को दी चेतावनी
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महापंचायत में मौजूद किसान।
- फोटो : GHAZIABAD City
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किसानों ने महापंचायत कर बिल्डर को दी चेतावनी
गाजियाबाद। आदित्य वर्ल्ड सिटी मामले में किसानों और बिल्डर की बीच तनातनी थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को किसानों ने बम्हैटा शाहपुर स्थित प्राइमरी स्कूल में महापंचायत की। बीते दिनों कोर्ट के आदेश पर पुलिस प्रशासन ने बिल्डर को जमीन का कब्जा किसानों से दिलाया था, हालांकि इस दौरान किसानों ने पुलिस के जवानों पर हमला बोल दिया था। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस भी दर्ज किया है।
रविवार को हुई महापंचायत में करीब 1200 से ज्यादा लोग पहुंचे। रूपम यादव ने बताया कि महापंचायत को करीब 20 गांवों का समर्थन मिला है। आरोप है कि मामला कोर्ट में लंबित है, जमीनों की न तो बिक्री हुई है और न ही रजिस्ट्री कराई गई है। बिल्डर उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत में फैसला लिया गया है कि जिस जमीन का कब्जा बिल्डर को बिना मुआवजे के दिलाया गया है उस पर बिल्डर को काम नहीं करने दिया जाएगा। किसान खेतों को दोबारा जोतेंगे। किसानों ने बिल्डर से जमीन के दाम की मांग 12 हजार रुपये प्रति वर्गगज की है। किसानों का कहना है कि बिल्डर को फैसला लेने के लिए समय दिया गया है। यदि मांगे पूरी नहीं होती हैं तो जिलाधिकारी का भी घेराव किया जाएगा।
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गाजियाबाद। आदित्य वर्ल्ड सिटी मामले में किसानों और बिल्डर की बीच तनातनी थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को किसानों ने बम्हैटा शाहपुर स्थित प्राइमरी स्कूल में महापंचायत की। बीते दिनों कोर्ट के आदेश पर पुलिस प्रशासन ने बिल्डर को जमीन का कब्जा किसानों से दिलाया था, हालांकि इस दौरान किसानों ने पुलिस के जवानों पर हमला बोल दिया था। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस भी दर्ज किया है।
रविवार को हुई महापंचायत में करीब 1200 से ज्यादा लोग पहुंचे। रूपम यादव ने बताया कि महापंचायत को करीब 20 गांवों का समर्थन मिला है। आरोप है कि मामला कोर्ट में लंबित है, जमीनों की न तो बिक्री हुई है और न ही रजिस्ट्री कराई गई है। बिल्डर उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत में फैसला लिया गया है कि जिस जमीन का कब्जा बिल्डर को बिना मुआवजे के दिलाया गया है उस पर बिल्डर को काम नहीं करने दिया जाएगा। किसान खेतों को दोबारा जोतेंगे। किसानों ने बिल्डर से जमीन के दाम की मांग 12 हजार रुपये प्रति वर्गगज की है। किसानों का कहना है कि बिल्डर को फैसला लेने के लिए समय दिया गया है। यदि मांगे पूरी नहीं होती हैं तो जिलाधिकारी का भी घेराव किया जाएगा।
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