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बीएसएनएल कार्यालय में मिल रही दूसरी कंपनी का सिम लेने की सलाह

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2021 12:38 AM IST
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प्रताप विहार स्थित बीएसएनएल का कार्यालय - फोटो : GHAZIABAD City
स्टिंग : बीएसएनएल कार्यालय में मिल रही दूसरी कंपनी का सिम लेने की सलाह
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गाजियाबाद। बीएसएनएल का सिम लेकर आप क्या करेंगे, जब उसका नेटवर्क ही नहीं आता। पहले अपने क्षेत्र में जाओ पूछो कि वहां नेटवर्क आता है या नहीं उसके बाद सिम ले जाना। उससे पहले सिम लेने का कोई फायदा नहीं है। अगर, आप लोगों में से कोई भी व्यक्ति बीएसएनएल का सिम लेने के लिए गाजियाबाद के भारत संचार निगम लिमिटेड कार्यालय में जाएगा, तो उसे यही बात सुनने को मिलेंगी। अमर उजाला के स्टिंग में कर्मचारियों के इस खेल का खुलासा हुआ है। वह स्टिंग में सीधे-सीधे नेटवर्क का हवाला देकर सिम देने को मना कर रहे हैं। यही कारण है गाजियाबाद जिले में लगातार बीएसएनएल के उपभोक्ता कम हो रहे हैं। अब नाम मात्र को ही उपभोक्ता बचे हैं। इतना ही नहीं कर्मचारियों ने पिछले कुछ दिनों में काफी लोगों को बिना सिम दिए वापस लौटा दिया है। एक समय था जब गाजियाबाद में ढाई लाख से ज्यादा उपभोक्ता थे, अब मात्र 25 हजार के करीब ही उपभोक्ता रह गए हैं। बुधवार को अमर उजाला की टीम विजयनगर के प्रताप विहार स्थित भारत संचार निगम लिमिटेड कार्यालय में पहुंची। वहां बैठे कर्मचारियों से रिपोर्टर की बातचीत के कुछ अंश प्रस्तुत हैं।
रिपोर्टर: सर बीएसएनएल का सिम चाहिए था?
कर्मचारी: सिम नया चाहिए।
रिपोर्टर: हां जी सर?
कर्मचारी: कहां रहते हो।
रिपोर्टर: सर मैं क्रासिंग रिपब्लिक के सामने रहता हूं?
कर्मचारी: बीएसएनएल का सिम काहे को ले रहे हो।
रिपोर्टर: मुझे बीएसएनएल के सिम की आवश्यकता है?
कर्मचारी: बीएसएनएल के टावर की दिक्कत रहती है।
रिपोर्टर: क्रासिंग रिपब्लिक में भी नेटवर्क नहीं आता है क्या?
कर्मचारी: यहां नेटवर्क नहीं आता है, कभी परेशान ही घूमते रहो।
रिपोर्टर: मैं तो क्रासिंग के सामने ही रहता हूं कहीं और नहीं रहता?
कर्मचारी: वहां जाकर पहले पता कर लो तब आना।
रिपोर्टर: समस्या का समाधान तो कराओ?
कर्मचारी: पहले आप वहां जाओ लोगों से जानकारी करो फिर आना।
रिपोर्टर: तो क्या मुझे सिम नहीं मिलेगा?
कर्मचारी: देखो सिम तो हम दे देंगे, लेकिन आप परेशान ही रहेंगे।
रिपोर्टर: मुझे चाहिए आप बताओ कैसे मिलेगा?
कर्मचारी: सिम तो 10 मिनट में मिल जाएगा, सारी दिक्कत नेटवर्क की है। आप एक बार पूछ लो।
रिपोर्टर: ठीक है पूछ लेता हूं, फिर कैसे मिलेगा?
कर्मचारी: हमें एक आपकी आइडी चाहिए, एक फोटो चाहिए। 210 रुपये का सिम है, दो महीने के लिए वैलिड है। इसमें डेढ़ घंटा प्रतिदिन मिलेगा। 365 के रिचार्ज से एक साल के लिए वह वैलिड हो जाएगा।
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रिपोर्टर: नेटवर्क की दिक्कत एक स्थान पर है या पूरे जिले में?
कर्मचारी: यहां पूरे क्षेत्र में दिक्कत है, जिले के यही हालात हैं। गाजियाबाद से बाहर जाएंगे तो आपको इसका लाभ मिल सकता है।
काफी लोगों को कर चुके हैं वापस
स्टिंग के दौरान वहां मिले शाहबेरी निवासी इंद्रजीत ने बताया कि कई बार सिम लेने की कोशिश की गई है, लेकिन हम लोगों को सिम देने से मना कर दिया। मेरे कई दोस्त भी वहां पर सिम लेने के लिए गए उन्हें भी सिम नहीं दिया गया। पूछने पर उन्होंने बताया कि पहाड़ों पर घूमने के लिए जाना था, इसलिए बीएसएनएल का सिम ले रहे थे। क्योंकि वहां पर कई बार अन्य कंपनियों के सिम का नेटवर्क गायब हो जाता है। कई दिन के लिए घूमने को जाना था। बिना बात किए घर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता।
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ढाई लाख से 25 हजार रह गए उपभोक्ता
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में पहले ढाई लाख उपभोक्ता बीएसएनएल के लेडलाइन फोन का प्रयोग करते थे। अब यह घटकर केवल 25 से 30 हजार ही रह गए हैं। कितने सिम जिले में बीएसएनएल के संचालित हो रहे हैं। इस बारे में विभाग से जानकारी नहीं मिल सकी, लेकिन लगातार बीएसएनएल के उपभोक्ता कम हो रहे हैं और नेटवर्क व अन्य कारणों से सिम खरीद भी नहीं रहे हैं। जो लोग सिम खरीदने जाते हैं उन्हें मना कर दिया जाता है।
एमटीएनएल के टावर से चल रहा काम
विभागीय कर्मचारी ने बताया कि जिले में बीएसएनएल के टॉवर ही नहीं हैं। यहां के बीएसएनएल के सिम एमटीएनएल के टॉवर से चल रहे हैं। इसलिए नेटवर्क की समस्या रहती है। बीएसएनएल एमटीएनएल को मर्ज कराने का प्रयास कर रही है। इसके बाद बीएसएनएल इन टॉवरों की देख रेख कर सकता है। तभी यहां पर नेटवर्क की समस्या का समाधान होगा।
चार जिलों में हालत खराब
विभाग से सेवानिवृत्त कर्मवीर नागर ने बताया कि बीएसएनएल की स्थिति गाजियाबाद के अलावा नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी है। क्योंकि इन जिलों में एमटीएनएल के टॉवर काम करते हैं। यहां पर उसी का नेटवर्क काम करता है। इसलिए बीएसएनएल पिछड़ गया है। जबकि बीएसएनएल का नेटवर्क देश के हर कोने में आता है। जम्मू कश्मिर जाएं या पहाड़ों पर सभी जगह उसकी सुविधा है।

बीएसएनएल के जीएम सुखदेव सिंह ने बताया कि नेटवर्क की दिक्कत होना अलग बात है, लेकिन कोई भी कर्मचारी सिम देने से मना नहीं कर सकता है। अगर कोई कर्मचारी ऐसा कर रहा है तो उसके खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उनसे पूछा जाएगा कि वह सिम देने को क्यों मना कर रहे हैं। विभाग सिम देने के लिए है।
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