घर वापसी: परिवार के सदस्यों को देख बहे शिवम ठाकुर के आंसू, युद्ध शुरू होने के दो दिन बाद से नहीं मिला खाना
एयरपोर्ट पर पहुंचते ही परिवार के लोग शिवम को दिखाई दिए। वह अपने पिता प्रमोद और भाई मनोज से गले मिलकर रोने लगे। घर पहुंचने पर अपने लाल को देखकर मां की आंखें भी नम हो गईं।
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रूस से युद्ध के बीच यूक्रेन में फंसे गाजियाबाद के लोनी के छात्र शिवम ठाकुर भारत लौट आए हैं। लोनी के विकास कुंज कॉलोनी में रहने वाले शिवम ठाकुर करीब 11:30 बजे अपने घर पहुंचे। फ्लाइट करीब 8:15 बजे भारत पहुंची थी। परिवार के लोग शिवम को लेने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे।
परिवार के लोग जैसे ही शिवम को लेकर घर पहुंचे तो कॉलोनी के लोगों ने घर से कुछ दूरी पर बने एक मंदिर में ढोल नगाड़ों के साथ उसका स्वागत किया। कॉलोनी में मिठाई बांटी गई। घर पहुंचने के बाद उन्होंने परिवार के लोगों से बात की। शिवम कुमार रजनीश ने टीका लगाकर उनका स्वागत किया। शिवम के आने की सूचना पर आसपास के लोग उससे मिलने पहुंच रहे हैं।
परिवार के सदस्यों को देख कर रो पड़े शिवम
एयरपोर्ट पर पहुंचते ही परिवार के लोग शिवम को दिखाई दिए। वह अपने पिता प्रमोद और भाई मनोज से गले मिलकर रोने लगे। घर पहुंचने पर अपने लाल को देखकर मां की आंखें भी नम हो गईं। वह लाल के गले लगा कर रोने लगी। मां ने शिवम के लिए उसके पसंद का खाना बनाया।
शिवम ने बताया कि उसके साथ 8 छात्र रुके हुए थे। शुरू के दो दिन खाने की कमी नहीं रही, इसके बाद वह भूखे और प्यासे रहे। किसी तरह उन्होंने अपने खाने-पीने की व्यवस्था की। शिवम अपने साथियों के साथ सोमवार को हंगरी पहुंचे थे। इसके बाद उनके खाने-पीने की व्यवस्था दूतावास द्वारा कराई गई।